इन 5 योगासन के अभ्यास से लिवर रहेगा हेल्दी, इन समस्याओं से मिल सकता है छुटकारा

इन 5 योगासन के अभ्यास से लिवर रहेगा हेल्दी, इन समस्याओं से मिल सकता है छुटकारा
प्रतीकात्मक तस्वीर.

अगर आपका पेट (Stomach) खराब रहता है या लिवर (Liver) से जुड़ी किसी तरह की परेशानी से आप जूझ रहे हैं तो इसका इलाज योग (Yoga) है. आज हम आपको पांच ऐसे योगासन के बारे में बता रहे हैं, जिनकी मदद से आप लिवर से जुड़ी समस्याओं (Liver Problems) को दूर कर सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 17, 2020, 8:27 AM IST
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हजारों साल पहले ऋषि-मुनियों ने योग (Yoga) की खोज की थी, जो हमारे मन (Mind) और शरीर (Body) को स्वस्थ बनाए रखने का काम करता है. आज योग दुनिया भर में किया जाता है. ऋषियों ने योग की महत्ता को हजारों साल पहले बता दिया था. आज रिसर्च (Research) भी इन बातों को स्वीकार करता है और दुनिया को बताया जाता है. शरीर में तरह-तरह की समस्याओं हैं. हर समस्या को ठीक करने के लिए अलग-अलग योगासन हैं. योग शरीर के बाहरी अंगों ही नहीं बल्कि पेट के भीतरी लिवर (Liver) जैसे अंगों को भी स्वस्थ (Healthy) बना सकता है. ऐसे सभी योगासन जिनके अभ्यास से पेट मुड़ता है, लिवर को स्वस्थ बनाने में मदद करते हैं. पेट मुड़ने वाले योगासन को करने से लिवर समेत पेट के सभी भीतरी अंगों को को अच्छी मसाज मिलती है. इन आसनों को सही ढंग और विधि से करके लिवर से जुड़ी बीमारियों को दूर कर कर सकते हैं. इस आर्टिकल में हम आपको लिवर को स्वस्थ रखने वाले पांच योगासनों के बारे में बता रहे हैं.

लिवर से जुड़ी समस्याएं क्या होती हैं?
लिवर पेट के ऊपरी हिस्से में होता है. अगर शरीर के इस हिस्से में अक्सर दर्द होने लगे तो ये लिवर की बीमारी का एक लक्षण हो सकता है. कई बार ये दर्द हल्का तो कई बार बहुत ज्यादा हो जाता है. लिवर शरीर के विषैले पदार्थों को बाहर निकालने का काम करता है. बीते दौर में अच्छे खान-पान के कारण लोगों को लिवर से जुड़ी समस्याएं न के बराबर होती थीं. लेकिन आज खराब खानपान और बिगड़े शेड्यूल के कारण लिवर से जुड़ी समस्याओं से लोग परेशान हो रहे हैं. ऐसे लोग जो मॉडर्न और शहरी लाइफस्टाइल जीने के साथ फास्टफूड और सोशल ड्रिकिंग में यकीन रखते हैं. उन्हें अक्सर फैटी लिवर जैसी समस्याएं होने का खतरा रहता है. इन समस्याओं में लिवर में सूजन आना या ​फिर लिवर में पानी आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इस समस्या से बचने के लिए आपको कौन सा योगासन करना चाहिए इसके बारे में हम आपको बता रहे हैं....

लिवर/ यकृत के लिए योगासन




1. हस्त पादासन
हस्त पादासन कम कठिनाई वाला विन्यास योग आसन है. इस आसन को 15 से 30 सेकेंड तक करना चाहिए. इस आसन को बार- बार करने की आवश्यकता नहीं होती है. हस्त पादासन करने से हिप्स, हैमस्ट्रिंग और काव्स में खिंचाव आता है, जबकि घुटने, पीठ और जांघें मजबूत होते हैं. ये आसन पेट के सभी भीतरी अंगों को बेहतरीन स्ट्रेच भी देता है. इस आसन को करने से पेट के भीतर की ओर मुड़ने से लिवर, गुर्दे या किडनी, स्पलीन जैसे अंगों की अच्छी मसाज हो जाती है. फैटी लिवर की समस्या से परेशान लोगों के लिए यह आसन करना ठीक रहेगा.

2. सेतु बंधासन
यह आसन हमारे हृदय और सिर से ऊपर होता है. इस आसन से रक्त का प्रवाह सिर की ओर बढ़ जाता है. इससे हमें एंग्जाइटी, थकान, तनाव / टेंशन / स्ट्रेस, अनिद्रा / इंसोम्निया, सिरदर्द और हल्के डिप्रेशन से ​निपटने में मदद मिलती है. इस आसन को करने से मन शांत रहता है और ब्लड प्रेशर सामान्य रहता है. यह आसन फेफड़ों और लिवर समेत पेट के सभी भीतरी अंगों की क्षमता को बढ़ाता है. इस आसन को करने से सीने में होने वाले नसों के ब्लॉकेज ठीक होते हैं.अस्थमा के मरीजों को इस आसन को रोज करने की सलाह दी जाती है. यह आसन थायरॉयड ग्रंथि में उत्तेजना बढ़ाता है और मेटाबॉलिज्म को नियमित करता है. सेतु बंधासन उन लोगों के लिए भी बेस्ट है जो दिन भर कंप्यूटर या लैपटॉप के सामने बैठकर काम करते हैं.

3. मार्जयासन
मार्जरी आसन करते समय आगे की ओर झुकने के बाद पीछे मुड़ना होता है. इस आसन को करने से रीढ़ की हड्डी पर खिंचाव पड़ता है. यह खिंचाव रीढ़ की हड्डी को अधिक लचीला बनने में मदद करता है. इसके अलावा यह आसन रीढ़ की हड्डी को फैलाने और मजबूत करने में भी मदद करता है. मार्जरी आसन करने के लिए आपको अपनी नाभि को अंदर की ओर खींचना होता है, जो कि लंबे समय में आपके पेट और छाती से अनावश्यक वसा को कम करने में मदद करता है. इससे आपके सीने और पेट की चर्बी कम होती है. यह आसन धीरे-धीरे लेकिन निश्चित रूप से पेट को टोन करने में मदद करता है.

4. अधोमुख श्वानासन
इस आसन को करते समय आपके शरीर का वजन पूरी तरह से हाथों और पैरों पर होता है. इससे इन दोनों अंगों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और वह शरीर का सही संतुलन बनाने में मदद करती हैं. अधोमुख श्वानासन में सिर दिल से नीचे की तरफ होता है जबकि आपके हिप्स ऊपर की तरफ उठे होते हैं. इस आसन के अभ्यास से गुरुत्व बल की मदद से सिर की ओर नए रक्त की आपूर्ति बढ़ती है. इसलिए ये आसन रक्त संचार बढ़ाने में मदद कर पाता है. आयुर्वेद मानता है कि शरीर के उसी अंग में बीमारी या समस्या हो सकती है, जहां रक्त संचार सही ढंग से न हो रहा हो. इस आसन को करने से लिवर, किडनी समेत पेट के सभी अंगों का रक्त संचार नियमित हो जाता है. इससे लिवर से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने में भी मदद मिलती है.

5. परिघासन
परिघासन, योग विज्ञान की विन्यास शैली का योगासन है. इसे करने का समय 30 सेकेंड तक एक तरफ से होता है. इसके बाद दोहराव करना पड़ता है. ये साधारण कठिनाई या बेसिक लेवल का योगासन है. इस आसन के नियमित अभ्यास से पसलियों पर काफी दबाव पड़ता है. ये दबाव पेट को मोड़ने के कारण आता है. इस आसन के नियमित अभ्यास से पेट के भीतरी अंगों को जबरदस्त मसाज मिलती है. ऐसे लोग जो ​लिवर को डिटॉक्स करना चाहते हैं, उन्हें परिघासन का नियमित रूप से अभ्यास करना चाहिए. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

नोट- इन सभी योगासन को करने के लिए आप यूट्यूब की मदद ले सकते हैं. 
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