होम /न्यूज /जीवन शैली /

कोरोना से निगेटिव होने के बाद जरूर कराएं ये बॉडी चेकअप

कोरोना से निगेटिव होने के बाद जरूर कराएं ये बॉडी चेकअप

झारखंड में पिछले 24 घंटे में कोरोना से 05 लोगों की मौत हुई है.

झारखंड में पिछले 24 घंटे में कोरोना से 05 लोगों की मौत हुई है.

कोरोना (Covid 19) से ठीक होने के बाद भी लोगों का सतर्क रहना जरूरी है. जानें कोरोना से ठीक होने के बाद मरीजों को कौन-कौन से चेकअप कराना जरूरी होते हैं-

  • Myupchar
  • Last Updated :
    पूरी दुनिया में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. केवल भारत की बात करें तो यहां संक्रमित होने वालों की संख्या 1 करोड़ से ज्यादा हो चुकी है. कोरोना वायरस की चपेट में आने के बाद जो मरीज ठीक हो रहे हैं, उनमें से अधिकतर लोगों को इसके साइड इफेक्ट्स झेलने पड़ रहे हैं. कई तो गंभीर परेशानियों से जूझ रहे हैं इसलिए डॉक्टर कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों को अपना चेकअप कराने के लिए कहते हैं ताकि उन्हें किसी ऑर्गन से संबंधित कोई समस्या हो तो उसका जल्द ही इलाज कराया जा सके. आइए जानते हैं कि कोरोना से ठीक होने के बाद मरीजों को कौन-कौन से चेकअप कराना जरूरी होते हैं-

    myUpchar के अनुसार, कोरोना वायरस एक रेस्पिरेटरी वायरस है, जो फेफड़ों पर अटैक करता है और मरीज को सांस लेने में कठिनाई होने लगती है. कई बार यह इन्फेक्शन इतना अधिक फैल जाता है कि मरीज सांस नहीं ले पाने की वजह से अपनी जान गंवा देता है. कई मामलों में कोरोना वायरस के मरीजों को ऑक्सीजन देने की जरूरत पड़ जाती है. जो लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं उन्हें अपना फेफड़ों का सिटी स्कैन करवाना बेहद जरूरी है ताकि समय रहते किसी अन्य परेशानी का पता चल सके.

    लिवर व किडनी की जांच

    myUpchar के अनुसार, जब कोई मरीज कोरोना वायरस के संक्रमण का गंभीर रूप से शिकार होता है तो यह वायरस उसके शरीर में कई अंगों को क्षति पहुंचाने लगता है. डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से पीड़ित लोगों को यह वायरस अधिक परेशानी में डाल सकता है, इसलिए डॉक्टर कोरोना के मरीजों को किडनी और लिवर की जांच के लिए कह सकते हैं.

    डी-डिमर टेस्ट

    अधिकतर कोरोना मरीजों को डॉक्टर डी-डिमर टेस्ट कराने की सलाह देते हैं. कुछ शोधों से यह पता चला है कि कोरोना वायरस शरीर में खून को चिपचिपा कर कई जगह क्लॉट्स बनाने लगता है और इस कारण मरीज को थ्रांबोसिस की समस्या का सामना करना पड़ सकता है. डी-डिमर टेस्ट में खून के ब्लॉकेज या खून के गाढ़े होने का पता लगता है. जो लोग पहले से हाई कोलेस्ट्रॉल, बीपी या डायबिटीज की समस्या से जूझ रहे हैं, उन्हें खासतौर से इस टेस्ट को करवाने के लिए कहा जाता है.

    इन बातों का रखें ख्याल

    कोरोना से ठीक हो चुके मरीजों को 3 महीने तक अपना खास ख्याल रखना चाहिए. इस दौरान अधिक से अधिक विटामिन सी और डी से भरपूर चीजों का सेवन करने से शरीर की इम्युनिटी मजबूत होगी.

    कोरोना के मरीज ठीक होने के बाद यह ना समझे कि उन्हें कोरोना का खतरा फिर से नहीं हो सकता है. कोरोना से ठीक होने के बाद भी लोगों का सतर्क रहना जरूरी है. बाहर निकलते समय मास्क लगाने के साथ ही समय-समय पर हैंड सैनिटाइज करते रहना चाहिए. (अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, कोरोना वायरस संक्रमण पढ़ें।) (न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं। सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है। myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं।)undefined

    Tags: Health, Lifestyle, News18-MyUpchar

    अगली ख़बर