आयुर्वेद में बताए गए हैं खुजली दूर करने के ये घरेलू उपाय, आप भी जरूर आजमाएं

आयुर्वेद में बताए गए हैं खुजली दूर करने के ये घरेलू उपाय, आप भी जरूर आजमाएं
खुजली (Itching) को चिकित्सीय रूप से प्रुरिटस के रूप में जाना जाता है. कई कारकों की वजह से यह स्थिति उत्पन्न हो सकती है.

खुजली (Itching) को चिकित्सीय रूप से प्रुरिटस के रूप में जाना जाता है. कई कारकों की वजह से यह स्थिति उत्पन्न हो सकती है.

  • Myupchar
  • Last Updated : December 5, 2020, 7:21 am IST
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    एलर्जी, कीड़े या मच्छर के काटने, सूखी त्वचा या फिर अन्य किसी कारण से होने वाली खुजली त्वचा को नुकसान पहुंचाती है और इससे व्यक्ति बहुत परेशान हो जाता है. खुजलीदार त्वचा या खुजली, दोनों छोटी या गंभीर बीमारियों के कारण हो सकती है. जहां खुजली हो रही हो, वहां अपने नाखूनों से खुजलाने से थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन लगातार खुजलाने से त्वचा पर छाले पड़ सकते हैं और त्वचा में संक्रमण भी हो सकता है. myUpchar के अनुसार, खुजली को चिकित्सीय रूप से प्रुरिटस के रूप में जाना जाता है. कई कारकों की वजह से यह स्थिति उत्पन्न हो सकती है. कभी-कभी यह शरीर में पहले से मौजूद किसी चिकित्सीय स्थिति का संकेत हो सकता है, जिसका अगर ठीक से इलाज न किया जाए तो यह एक गंभीर बीमारी का रूप ले सकता है और ऐसे में चिकित्सा सहायता लेना अनिवार्य हो जाता है. वहीं आमतौर पर, खुजली एक ऐसी समस्या है जिसका आसानी से घरेलू उपाय किया जा सकता है.

    नारियल तेल



    myUpchar के अनुसार, नारियल का तेल खुजली से राहत दिलाने में मदद करता है. नारियल के तेल को थोड़ा गुनगुना करके प्रभावित वाले हिस्से पर लगाकर मसाज किया जा सकता है, इससे त्वचा हाइड्रेट रहेगी. यदि कोई खुजली की समस्या से जूझ रहा है तो उसे नहाने से पहले गुनगुने नारियल तेल को प्रभावित हिस्सों पर लगाएं. इसके अलावा नहाने के बाद भी यह तेल लगाया जा सकता है.

    नीम

    खुजली के साथ साथ कई प्रकार की त्वचा की बीमारियों के इलाज के लिए नीम उपयोगी होता है. ऐसा इसलिए है क्योंकि नीम में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं, जो खुजली सहित त्वचा से जुड़ी कई स्थितियों के लक्षणों को दूर करने में मदद करते हैं. खुजली दूर करने के लिए गर्म पानी में नीम की कुछ पत्तियां आधे घंटे के लिए भिगो दें. अब इस पानी से नहा लें. इसके अलावा नीम की पत्तियों में पानी मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें और इसे सीधे प्रभावित हिस्से पर लगाएं. यह उपाय हर एक दिन छोड़कर करें.

    तुलसी

    कपूर, यूगेनॉल और थाइमोल की उपस्थिति के कारण तुलसी में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं. तुलसी की पत्तियों में थोड़ा पानी मिलाकर पेस्ट बना लें. इस पेस्ट को प्रभावित हिस्से पर लगाएं. वैकल्पिक रूप, पानी में तुलसी की पत्तियां डालकर इसे उबाल लें. अब रूई की मदद से इस घोल को प्रभावित हिस्से पर लगाएं. खुजली वाली त्वचा पर पत्तियों को सीधे भी रगड़ा जा सकता है.

    पुदीना

    पुदीने की पत्तियां खुजली वाली त्वचा के लिए बेहतरीन होती हैं. पुदीना में एन्सथेटिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं. इसके अलावा इसमें मेन्थॉल भी होता है. पुदीना गर्मियों या सर्दियों के महीनों में खुजली वाली त्वचा के लिए सबसे प्रभावी उपचारों में से एक है. कुछ मिनटों के लिए पानी में पुदीने की पत्तियां उबाल लें. उबालते समय बर्तन को ढककर रखें. पानी ठंडा होने पर इसे छान लें. पानी में रूई डुबोकर प्रभावित हिस्से में लगाएं. खुजली से राहत पाने के लिए दिन में दो बार यह पानी लगाएं. अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, खुजली पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.