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एसिडिटी को दूर करती है ये आयुर्वेदिक औषधि, आज ही जान लें नाम

एसिडिटी को दूर करती है ये आयुर्वेदिक औषधि, आज ही जान लें नाम

पेट के अम्लीय पदार्थों का खाने की नली में आ जाना एसिडिटी का मुख्य कारण है. ऐसे में अडूसा फायदेमंद हो सकता है.

पेट के अम्लीय पदार्थों का खाने की नली में आ जाना एसिडिटी का मुख्य कारण है. ऐसे में अडूसा फायदेमंद हो सकता है.

अडूसा (Malabar Nut) के पत्ते, फूल, जड़ों और छाल का आयुर्वेद (Ayurveda) में हजारों साल से इस्तेमाल होता आया है. इसमें जीवाणुरोधी, सूजन को कम करने वाले और खून को शुद्ध करने वाले गुण होते हैं.

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    अडूसा (Malabar Nut) को आमतौर पर मालाबार नट और वासाका के रूप में जाना जाता है. यह औषधीय पौधा (Medicinal Plant) एशिया में बड़े स्तर पर उगाया जाता है और इसका उपयोग आयुर्वेद, होम्योपैथी, सिद्धा और यूनानी चिकित्सा पद्धतियों द्वारा किया जाता है. सदियों से इस छोटे-से पौधे का इस्तेमाल दवा बनाने के लिए किया जा रहा है. हालांकि, इसकी पत्तियां सबसे शक्तिशाली हैं, लेकिन जड़ सहित पूरे पौधे का उपयोग अनगिनत बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है. myUpchar के अनुसार, अडूसा के पत्ते, फूल, जड़ों और छाल का आयुर्वेद में हजारों साल से इस्तेमाल होता आया है. इसमें जीवाणुरोधी, सूजन को कम करने वाले और खून को शुद्ध करने वाले गुण होते हैं. अडूसा आमतौर पर अस्थमा, सर्दी और खांसी जैसी सांस से संबंधित समस्याओं को दूर के लिए उपयोग किया जाता है, लेकिन इस औषधि का इस्तेमाल कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को दूर करने में भी किया जाता है.

    सर्दी-खांसी में राहत

    यदि किसी को सर्दी-खांसी है तो ऐसे में अडूसा उसके लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है. इसके पौधे के 7-8 पत्तों को पानी में उबालें और फिर इसे छानकर उसमें शहद मिलाकर पी लें.

    वायरस संक्रमण का इलाज

    अडूसा में एंटीवायरल औषधीय गुण होते हैं जो वायरल संक्रमण के खिलाफ प्रभावी हैं. यह शरीर का तापमान कम करता है, बंद वाक को खोलता है जो कि सांस लेने में परेशानी पैदा कर सकता है और रिकवरी की प्रक्रिया को तेज कर सकता है.

    एसिडिटी को करे दूर

    myUpchar के अनुसार, एसिडिटी या पेट में जलन महसूस होना एक सामान्य समस्या है. पेट के अम्लीय पदार्थों का खाने की नली में आ जाना एसिडिटी का मुख्य कारण है. ऐसे में अडूसा फायदेमंद हो सकता है, यह पेट में एसिड के गठन को कम करता है. इस्तेमाल के लिए अडूसा का पाउडर, मुलेठी पाउडर और आंवला पाउडर को बराबर मात्रा में लेकर मिक्स कर लें और रोजाना इसका सेवन करें.

    ब्रोंकाइटिस के लिए उपचार

    myUpchar के अनुसार, ब्रोंकाइटिस में ब्रोन्कियल ट्यूब्स यानी श्वास नलियों या मुंह, नाक और फेफड़ों के बीच के वायु नली में सूजन आ जाती है. इस स्थिति में खांसी आती है, जिसके साथ बलगम भी आता है. इस बीमारी से सीने में जकड़न, हल्का बुखार, सांस की तकलीफ और घरघराहट को सकती है. अडूसा का सेवन करने से इन वायु मार्गों को खोलने में मदद मिलती है. साथ ही यह सांस की तकलीफ, खांसी और बेचैनी को भी खत्म करता है.

    गले में खराश से राहत

    मौसम में बदलाव होने पर ठंड और फ्लू के कारण अक्सर गले में खराश हो जाती है. साथ ही गले में खराश के साथ दर्द, जलन और खुजली-भी महसूस होती है. अडूसा में मौजूद एंटीवायरल, एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल कम्पाउंड गले में खराश से राहत देने में मदद करते हैं.

    जोड़ों का दर्द

    जोड़ों का दर्द रोजमर्रा की गतिविधियों में रूकावट पैदा कर सकता है. कई बार यह समस्या यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने की वजह से होता है. अडूसा यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में मदद करता है और दर्द से राहत देता है. इस जड़ी बूटी के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण जोड़ों की सूजन को कम करने में मदद करते हैं. अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, अडूसा के फायदे और नुकसान पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.

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    Tags: Health, Health tips, News18-MyUpchar

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