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भूलने की ये बीमारी कहीं कोरोना का खतरा तो नहीं बढ़ा रही, जीन से जुड़ा है कनेक्शन

भूलने की ये बीमारी कहीं कोरोना का खतरा तो नहीं बढ़ा रही, जीन से जुड़ा है कनेक्शन

बढ़ती उम्र के साथ होने वाले रोग वास्तव में विशिष्ट जैविक मतभेदों के कारण हो सकते हैं.

बढ़ती उम्र के साथ होने वाले रोग वास्तव में विशिष्ट जैविक मतभेदों के कारण हो सकते हैं.

डिमेंशिया (Dementia) बीमारी नहीं, बल्कि एक सिन्ड्रोम (Syndrome) है, जिसके लक्षण कई मस्तिष्क रोगों में आम होते हैं. इसके लक्षणों में याददाश्त (Memory) कमजोर होना, सोचने में कठिनाई, समस्याओं को ना सुलझा पाना और शब्दों के चुनाव में कठिनाई शामिल है.

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  • Myupchar
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    हाल ही में बड़े पैमाने पर हुए एक अध्ययन में खुलासा हुआ है कि डिमेंशिया (Dementia) से जुड़ा एक दोषपूर्ण जीन कोविड-19 (Covid-19) के जोखिम को दोगुना करता है. यूनिवर्सिटी ऑफ एक्सेटर मेडिकल स्कूल और यूनिवर्सिटी ऑफ कनेक्टिकट स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं ने यूके बायोबैंक के आंकड़ों का विश्लेषण किया और यूरोपीय मूल के प्रतिभागियों में कोविड-19 (कोरोना वायरस) संक्रमण का बहुत ज्यादा जोखिम पाया गया. myUpchar से जुड़े एम्स के डॉ. उमर अफरोज का कहना है कि डिमेंशिया सामान्य रूप से मानसिक (Mental) क्षमता में आई कमी को कहते हैं, जिसमें सोचने की क्षमता कम हो जाती है. इससे दैनिक जीवन पर प्रभाव पड़ता है.


    उम्र बढ़ने के साथ इसके होने की आशंका बढ़ती जाती है
    यह बीमारी नहीं, बल्कि एक सिन्ड्रोम है, जिसके लक्षण कई मस्तिष्क रोगों में आम होते हैं. इसके लक्षणों में याददाश्त कमजोर होना, सोचने में कठिनाई, समस्याओं को ना सुलझा पाना और शब्दों के चुनाव में कठिनाई शामिल है. उम्र बढ़ने के साथ इसके होने की आशंका बढ़ती जाती है. शोध में यूरोपीय मूल के 36 लोगों में से एक में इस जीन के दोषपूर्ण लक्षण पाए गए. यह अल्जाइमर रोग के जोखिम को 14 गुना तक बढ़ा सकता है. साथ ही हृदय रोग के खतरे को भी बढ़ाता है. अब शोधकर्ताओं की टीम ने पाया है कि इन जीन के कारण कोविड-19 का जोखिम दोगुना हो जाता है.


    दोषपूर्ण जीन कोविड-19 का कारण
    यहां तक कि उन लोगों में भी जिन्हें किसी तरह की बीमारी नहीं है. टीम ने पहले पाया है कि डिमेंशिया से पीड़ित लोगों में कोविड-19 होने की तीन गुना आशंका है. जर्नल ऑफ जेरोन्टोलॉजी : मेडिकल साइंसेज में प्रकाशित नए अध्ययन से संकेत मिलता है कि यह आनुवंशिक भी हो सकता है. कनेक्टिकट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है, 'यह एक रोमांचक परिणाम है क्योंकि हम अब यह पता लगा सकते हैं कि यह दोषपूर्ण जीन कोविड-19 का कारण बनता है. यह इलाज के लिए नए विचार को जन्म दे सकता है.


    साठ की उम्र में ही मृत्यु
    उन्होंने आगे कहा, 'यह अध्ययन महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह फिर से दिखाता है कि बढ़ती उम्र के साथ होने वाले रोग वास्तव में विशिष्ट जैविक मतभेदों के कारण हो सकते हैं, जो हमें यह समझने में मदद कर सकते हैं कि कुछ लोग 100 साल और उससे अधिक आयु तक सक्रिय क्यों रहते हैं, जबकि अन्य विकलांग हो जाते हैं और साठ की उम्र में ही मृत्यु हो जाती है.'


    संक्रमण के कारण गंभीर लक्षण

    myUpchar से जुड़े एम्स के डॉ. अजय मोहन का कहना है कि कोरोना वायरस से होने वाले संक्रमण के लिए अभी तक कोई उपचार उपलब्ध नहीं हो पाया है. कोरोना वायरस संक्रमण से ग्रस्त ज्यादातर लोग कुछ समय बाद अपने आप ठीक हो जाते हैं. हालांकि, जिन लोगों में संक्रमण के कारण गंभीर लक्षण विकसित हो गए हैं, उन्हें डॉक्टर कुछ दवाएं भी दे रहे हैं. ये दवाएं मुख्य रूप से मरीज के लक्षणों व स्थिति की गंभीरता कम करने में मदद करती है. इसलिए जिन मरीजों में डिमेंशिया के साथ कोरोना वायरस के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, उनका दोनों बीमारियों का साथ इलाज किया जाता है.


    अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, डिमेंशिया की होम्योपैथिक दवा और इलाज. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.



    Tags: Corona Health and Fitness, Health, Lifestyle, News18-MyUpchar

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