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खबरदार! बदलते मौसम में होने से पहले कैसे रोकें सर्दी-जुकाम


Updated: October 29, 2019, 3:01 PM IST
खबरदार! बदलते मौसम में होने से पहले कैसे रोकें सर्दी-जुकाम
Young woman who feeling sick at home.

ठण्ड लगने के कारण किसी तरह की एलर्जी या फिर हवा में तैर रहे बैक्टीरिया का भी हमला हो सकता है. आइये जानें कैसे इसे शुरू होते ही रोका जा सकता है...

  • Last Updated: October 29, 2019, 3:01 PM IST
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नईदिल्ली. बदलते मौसम (Weather) में सर्दी-खांसी जुकाम (Cough and Cold) सबसे आम बीमारी है. आपको जुकाम होने वाला है इसके लक्षण से आप पहले ही समझ सकते हैं. आप यहीं से इसकी रोकथाम (Avoid cold and cough) शुरु कर सकते हैं बजाय इसे फैलने देने का मौका मिले. यह एक तरह का वायरल इन्फेक्शन (Viral Infection) हो सकता है. ठण्ड लगने के कारण किसी तरह की एलर्जी या फिर हवा में तैर रहे बैक्टीरिया का भी हमला हो सकता है. आइये जानें कैसे इसे शुरू होते ही रोका जा सकता है...

जुकाम होने पर आपके गले नाक और गले में सबसे पहले इरीटेशन होते है. सबसे पहले तो आपको ठण्डा पानी एवाइड करना है. कोशिश करें कि आप हल्का गुनगुना पानी ही पिएं. हो सके तो हल्के गुनगुने  पानी में आप तोड़ा नमक डाल कर गले को सेंक सकते हैं. नाक पर सोने से पहले विक्स जरूर लगाएं. इससे आपका जुकाम बढ़ने की आशंका 50 फीसदी तक कम हो जाती है.

इन दो उपायों के बाद आप सोने से पहले हल्दी दूध का घरेलू नुस्खा आजमा सकते हैं. हल्दी में ऐसे गुण होते हैं जो किसी भी तरह के इन्फेक्शन को बढ़ने से रोकता है. दिन में आप शहद और अदरक की बनी गरमा-गरम चाय पीएं. अदरक और शहद आपके गले को आराम देंगी.

ऑक्सफोर्ड के प्रोफेसर्स के मुताबिक हमारी नाक और उसके बाद गले तक बैक्टीरिया या वायरल को पहुंचने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है. ऐसा इसलिए है कि हमारी नाक में घुसते ही जुकाम के वायरस के खिलाफ युद्ध शुरू हो जाता है. हमें केवल अपने शरीर को इस लड़ाई में थोड़ी ताकत देनी होती है. हमारा शरीर अपनी रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम है.

हमारी नाक के अंदर मौजूद कोषिकाओं में दुश्मन वायरस की पहचान करने वाले सेंसर लगे होते हैं. इन सेंसर्स को खबर लगते ही ये हमारी शरीर के लड़ाके वाइट ब्लड सेल्स को सिग्नल भेजते हैं. यह सिग्नल सायटोकाइन और केमिकल के रुप में भेजे जाते हैं. यह सिग्नल मिलते ही रक्षक सेल शरीर इन्फेक्शन वाले इलाके में अपना एक्शन शुरु कर देते हैं. इसके आगे बढ़ने के बाद ही आपको नाक और गले में असहज महसूस होता है.

वायरस के साथ चल रहे अंदरूनी युद्ध के चलते ही आपको थकान महसूस होती है. शरीर की इस हरारत के समय डॉक्टरों का सुझाव है कि आप आराम करें तो बेहतर होगा.

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First published: October 29, 2019, 3:01 PM IST
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