गर्मी के मौसम में पाइल्स से ऐसे बचें, अपनाएं ये टिप्स

पाइल्स मलाशय के अंदरूनी हिस्से या गुदा के बाहरी हिस्से में हो सकता है.
पाइल्स मलाशय के अंदरूनी हिस्से या गुदा के बाहरी हिस्से में हो सकता है.

पाइल्स (Piles) मलाशय के अंदरूनी हिस्से या गुदा के बाहरी हिस्से में हो सकता है. गर्मी के महीनों के दौरान तापमान (Temperature) चरम पर होता है और अगर लंबे समय तक एक जगह पर बैठना पड़ता है, तो इससे पाइल्स की समस्या बढ़ सकती है.

  • Last Updated: August 21, 2020, 12:47 PM IST
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गर्मी साल का वह समय होता है जब बीमारियों और एलर्जी (Allergies) की पूरी आशंका होती है. गर्मियों के मजे को बर्बाद करने के वाली एक समस्या है बवासीर यानी पाइल्स (Piles) की. इन पाइल्स को दूर करने के लिए कई सर्जिकल और गैर-सर्जिकल उपचार विकल्प उपलब्ध हैं और दर्द (Pain) को कम करने में मदद करने के लिए विभिन्न मलहम, क्रीम और सपोसिटरी भी हैं. हालांकि बेहतर यह है कि इस बीमारी से बचने के तरीकों पर गौर करें, ताकि गर्मी पूरी तरह से बर्बाद न हो.

myUpchar से जुड़े एम्स के डॉ. नबी वली का कहना है कि ये स्थिति तब होती है जब गुदा और मलाशय में रक्त वाहिकाएं या ऊतक सूज जाते हैं और खुजली, दर्द और जलन पैदा करते हैं. पाइल्स मलाशय के अंदरूनी हिस्से या गुदा के बाहरी हिस्से में हो सकता है. गर्मी के महीनों के दौरान तापमान चरम पर होता है और अगर लंबे समय तक एक जगह पर बैठना पड़ता है, तो इससे पाइल्स की समस्या बढ़ सकती है. इसके अन्य कारणों में शामिल हैं- कब्ज या दस्त, गर्भावस्था, भारी वजन उठाना, मल त्याग करने के दौरान जोर लगाना, टॉयलेट में लंबे समय तक बैठे रहना. यह एक आनुवंशिक स्थिति भी हो सकती है, जिसके एक उम्र के बाद लक्षण दिखने लगते हैं. मोटापा भी एक वजह हो सकता है क्योंकि पेट के अंदर का दबाव बढ़ने से गुदा की मांसपेशियों में भी दबाव बढ़ जाता है.



पाइल्स होने पर मल त्याग के दौरान ब्लीडिंग होना, गुदा के पास दर्दनाक सूजन या गांठ होना, गुदा क्षेत्र में खुजली हो सकती है, गुदा से बलगम जैसे स्त्राव के लक्षण नजर आते हैं.
जानिए बचने का तरीका
myUpchar से जुड़े डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला का कहना है कि पाइल्स दर्दनाक होने के अलावा शर्मनाक भी है. लोग आमतौर पर पाइल्स होने के बाद भी दूसरों को बताने में शर्म महसूस करते हैं, लेकिन पाइल्स अपने आप ठीक होने वाली बीमारियों में से नहीं है. समय पर इसका उपचार न किया जाए तो स्थिति बदतर भी हो जाती है. गर्मी के मौसम में पाइल्स की स्थिति को बिगड़ने से रोकने या इससे बचने के लिए कुछ बातों का ख्याल रखना होगा. घरेलू उपचार में छाछ, मूली, लहसून, बादाम, सूखे अंजीर, ईसबगोल, पपीता आदि का सेवन कर सकते हैं. पाइल्स से बचने के लिए ये टिप्स अपनाएं :

रेशेदार भोजन करें
पाइल्स से बचने के लिए घुलनशील फाइबर और अघुलनशील फाइबर दोनों की नियमित खुराक की आवश्यकता होगी. एक सामान्य वयस्क को हर दिन लगभग 25-30 ग्राम फाइबर की आवश्यकता होती है, जिसे बीन्स, फलियां, दाल, साबुत अनाज, पत्तेदार सब्जियां, ककड़ी, अजवाइन, तरबूज, जामुन और टमाटर के नियमित सेवन से पूरा किया जा सकता है.

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खूब पानी पिएं
यह अब तक का सबसे सरल टिप्स है जो पाइल्स को रोकने में मददगार हो सकता है. पर्याप्त रूप से हाइड्रेटेड रखना न केवल शरीर के तापमान को नियंत्रण में रखेगा, बल्कि कब्ज को रोकने और मलत्याग के दौरान तनाव को कम करने में भी मदद करेगा.

सही व्यायाम करें
अपने रोजमर्रा के रुटीन में शारीरिक गतिविधि को शामिल करना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह कोलोन को स्वस्थ रखने में मदद करता है. हालांकि भारी वजन उठाने और अपने पेट पर बहुत अधिक दबाव डालने से पाइल्स की शिकायत हो सकती है. इसलिए अगर पाइल्स होने का खतरा है, तो यह सलाह दी जाती है कि बहुत अधिक वजन उठाने से बचें या ऐसे व्यायाम न करें, जिनसे पेट में खिंचाव हो. प्रतिदिन 20 मिनट पैदल चलने से मल त्याग करने की प्रक्रिया बेहतर होती है.

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टॉयसेट सीट पर ज्यादा देर न बैठें
ज्यादा देर तक टॉयलेट सीट पर बैठने से मल त्यागने में परेशानी होने की आशंका बढ़ जाती है. सीट पर बैठने के तरीके से भी गुदा के आसपास के हिस्से की रक्त वाहिकाओं पर दबाव पड़ता है. टॉयलेट में मोबाइल या मैग्जीन न ले जाएं, जितना जरूरी हो टॉयलेट में केवल उतना ही समय बिताएं.

अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, बवासीर में परहेज, क्या खाना चाहिए और क्या न खाएं पढ़ें।

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