बच्चों के दिल को स्वस्थ रखने के लिए जरूर अपनाएं ये टिप्स

स्वस्थ आहार के साथ शारीरिक गतिविधि को जोड़ें और इस तरह अपने बच्चों के दिल की देखभाल भी होगी.
स्वस्थ आहार के साथ शारीरिक गतिविधि को जोड़ें और इस तरह अपने बच्चों के दिल की देखभाल भी होगी.

बच्चों (Children) के दिल को स्वस्थ (Healthy Heart) रखने के लिए जरूरी कदम उठाना जरूरी है. बचपन से ही इस दिशा में ध्यान देना जरूरी है. बच्चों को हर दिन कम से कम एक घंटा या इससे ज्यादा समय के लिए शारीरिक गतिविधि (Physical Activity) करनी चाहिए.

  • Last Updated: September 24, 2020, 11:22 AM IST
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दिल के मरीजों (Heart Patients) की संख्या दिन ब दिन बढ़ती जा रही है. आज कम उम्र में ही लोगों को हार्ट अटैक (Heart Attack) आने लगे हैं और दिल की बीमारियां घेर रही हैं. इसलिए जरूरी है कि भावी पीढ़ी के दिल की सेहत के लिए अभी से प्रयास शुरू कर दें. बच्चों (Children) के दिल को स्वस्थ (Healthy Heart) रखने के लिए जरूरी कदम उठाना जरूरी है. बचपन से ही इस दिशा में ध्यान देना जरूरी है. बच्चों को हर दिन कम से कम एक घंटा या इससे ज्यादा समय के लिए शारीरिक गतिविधि (Physical Activity) करनी चाहिए. कोई भी गतिविधि अच्छी होती है, लेकिन जो गतिविधियां उन्हें बेदम कर दे, वह ज्यादा बेहतर होती हैं. बच्चों को जितनी अधिक गतिविधि मिलती है,  विशेष रूप से ‘बेदम’ करने वाली, उनके दिल उतने ही मजबूत होंगे. myUpchar के अनुसार जीवनशैली में साधारण और सरल बदलाव उनके दिल को हमेशा स्वस्थ रखेंगे.

सिर्फ इसलिए कि बाहर मौसम ठंडा है, इसका मतलब यह नहीं है कि बच्चे एक्टिव नहीं हो सकते. मौसम के कारण उन्हें बाहर ले जाने से नहीं रोकें. गर्मी के मौसम में भले ही दिन में बाहर न खेल सकें लेकिन शाम के वक्त जरूर पार्क ले जाएं, उनके साथ टहलें, कोई खेल खेलें. लेकिन यदि मौसम बहुत बुरा है, तो जरूर घर के अंदर खेलिए. अब वह एक्टिविटी डांसिंग भी हो सकती है. पसंदीदा गाने पर उन्हें डांस करने के लिए प्रेरित करें.



जो भी गतिविधियां चुनते हैं,  उन्हें पूरे परिवार के साथ करना मज़ेदार और सभी के लिए फायदेमंद रहता है. ऐसा इसलिए है क्योंकि व्यायाम बच्चों को ऊर्जा देता है, एकाग्रता में मदद करता है और यह एक प्राकृतिक मूड लिफ्टर है. नियमित शारीरिक गतिविधि बच्चों को बेहतर नींद में मदद कर सकती है. कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि बच्चे जो शारीरिक रूप से फिट हैं, वे पढ़ने में भी बेहतर प्रदर्शन करते हैं. अधिक समय सक्रिय रहने से बच्चों को स्वस्थ वजन पाने या बनाए रखने में मदद मिलती है. कम उम्र से ही एक्टिव होने के कारण एक वयस्क के रूप में शारीरिक रूप से सक्रिय होने में मदद मिलेगी.
स्वस्थ आहार के साथ शारीरिक गतिविधि को जोड़ें और इस तरह अपने बच्चों के दिल की देखभाल भी होगी. हर दिन बच्चों को फलों और सब्जियों से भरपूर आहार देना चाहिए जो स्वाभाविक रूप से फैट, कैलोरी और सोडियम में लो होते हैं और आवश्यक विटामिन, मिनरल्स व फाइबर प्रदान करते हैं. myUpchar से जुड़े डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला का कहना है कि इन दिनों लोगों की जीवनशैली बहुत सुस्त होने के कारण दिल की बीमारी का जोखिम बढ़ रहा है. दिल को स्वस्थ रखने के लिए सबसे जरूरी है आहार पर ध्यान देना, क्योंकि दिल की बीमारियों के लिए आहार महत्वपूर्ण घटक होता है. साथ ही शारीरिक व्यायाम करना और पर्याप्त नींद लेना जरूरी है.

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, एक स्वस्थ आहार में साबुत अनाज, उच्च फाइबर वाले खाद्य पदार्थ, सप्ताह में कम से कम दो बार मछली और लो फैट वाले डेयरी उत्पाद शामिल होने चाहिए. यह सिर्फ आपके खाने के बारे में नहीं है, बल्कि आप जो पीते है, उसमें भी. शुगरी, कम पोषक तत्वों वाले पेय जैसे सोडा और स्पोर्ट्स ड्रिंक्स को लो वसा वाले या नॉन-फैट वाले दूध, पानी और 100 प्रतिशत फलों के रस जैसे अधिक पौष्टिक विकल्पों के साथ बदलें.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, दिल में छेद होना क्या है, इसके लक्षण, कारण, इलाज और दवा पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.

अस्वीकरण : इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए ना तो myUpchar और ना ही News18 जिम्मेदार होगा।

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