दांत निकलते समय बच्चे को होने वाले दर्द से हैं परेशान, अपनाएं ये 5 घरेलू उपचार

दांत निकलते समय बच्चे को होने वाले दर्द से हैं परेशान, अपनाएं ये 5 घरेलू उपचार
कि शुरुआत में बच्चों को संभालना मुश्किल हो सकता है, लेकिन बच्चे की परेशानी कम करने में मदद कर सकते हैं.

सामान्य तौर पर 4 से 10 माह का हो जाने पर शिशु के दांत(Teeth of Child) निकलना शुरू हो जाते हैं. बच्चों के दांतों का निकलना 6 से 24 महीने की उम्र के बीच होता है. पैरेंट्स (Parents) के रूप में आप आसानी से जान सकते हैं कि बच्चे के दांत निकलना कब शुरू हो रहे हैं.

  • Last Updated: June 19, 2020, 6:46 PM IST
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हर बच्चे (Child) के शरीर का विकास अलग-अलग होता है और बच्चों के दांत (Teeth) निकलने की कोई निश्चित उम्र नहीं मानी जा सकती है. सामान्य तौर पर 4 से 10 माह का हो जाने पर शिशु के दांत निकलना शुरू हो जाते हैं. बच्चों के दांतों का निकलना 6 से 24 महीने की उम्र के बीच होता है. पैरेंट्स के रूप में आप आसानी से जान सकते हैं कि बच्चे के दांत निकलना कब शुरू हो रहे हैं. वह अक्सर वस्तुओं या अंगुलियों को मुंह में डालते हैं और असुविधा को कम करने के प्रयास में उन्हें चबाते हैं. myUpchar से जुड़े डॉ. गगन अग्रवाल का कहना है कि बच्चों के दांत निकलते समय उनमें कुछ लक्षण (Symptoms) दिखाई देते हैं जैसे लार आना, मुंह में रैशेस होना, मसूड़ों में सूजन आना, काटना, दर्द या असहज महसूस होने पर रोना, चिड़चिड़ापन, सोने में परेशानी होना, कान खींचना और गालों को रगड़ना, शरीर के तापमान में बदलाव आदि. कुछ अन्य लक्षणों में शामिल हैं बुखार, दस्त, उल्टी या नाक बहना. ये असामान्य लक्षण हैं, इसलिए इनके नजर आने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह की जरूरत होती है.

myUpchar से जुड़े डॉ. राजी एहसान का कहना है कि शुरुआत में बच्चों को संभालना मुश्किल हो सकता है, लेकिन बच्चे की परेशानी कम करने में मदद कर सकते हैं. अगर बच्चे के दांत निकलने की प्रक्रिया को आरामदायक बनाना चाहते हैं तो ये घरेलू उपचार अपना सकते हैं.

टीथिंग रिंग्स



टीथिंग रिंग को फ्रिज में रखें। यह कूल सेंसेशन बच्चे के मसूड़ों को शांत करने में मदद कर सकती है. लेकिन इसे कभी भी फ्रीजर में न रखें, क्योंकि यह जमने पर बच्चे के मसूड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है. यह भी सुनिश्चित करें कि जो कुछ भी अपने बच्चे को चबाने के लिए देते हैं, उससे चोकिंग का खतरा न हो.
हल्का मसाज

बच्चे को राहत देने के लिए मसाज का सहारा ले सकते हैं. अपनी उंगुली को साफ करें और बच्चे के मसूड़ों पर धीरे से रखें या हल्की मालिश करें. बच्चे के मसूड़ों को साफ उंगुली से रगड़ना उसके दर्द को कम करने का एक शानदार तरीका है. यह बच्चे के खाना खाने से ठीक पहले करें. इससे उन्हें खाना खाते समय ज्यादा दिक्कत नहीं होती और भरपेट खाना खाने से वह चिड़चिड़ा नहीं होता.

गीला ठंडा कपड़ा दें

बच्चे को एक साफ और ठंडा गीला कपड़ा चबाने के लिए दे सकते हैं। यह भी एक टीथर की तरह काम करेगा.

फेशियल मसाज

दिन में जितना हो सके शिशु के चेहरे की मालिश करने की कोशिश करें. ऐसा करते समय बच्चे के चेहरे, जबड़े और मसूड़ों को सर्कुलर मोशन में रगड़ें. यह निरंतर हो रही असुविधा से ध्यान भटकाएगा और शुरुआती दर्द को शांत करने में मदद करेगा.

लौंग

लौंग में गर्माहट और सुन्न करने वाला गुण होता है. पिसी हुई लौंग को पानी, नारियल तेल या अनसाल्टेड बटर के साथ मिलाएं और कुछ देर के लिए फ्रिज में रखें. फिर बच्चे के मसूड़ों पर इस ठंडे पेस्ट को हल्का-हल्का रगड़ें. (अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, दांत निकलते समय बच्चे के दर्द और बेचैनी का घरेलू उपाय पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.)

अस्वीकरण : इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए ना तो myUpchar और ना ही News18 जिम्मेदार होगा।

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