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Diabetes से ही कम नहीं होती आंखों की रोशनी, इन 9 बड़ी बीमारियों की भी हो सकती है दस्तक

इन बीमारियों की वजह से कमज़ोर हो सकती हैं आंखें.

इन बीमारियों की वजह से कमज़ोर हो सकती हैं आंखें.

Weak Eyesight Causes: बदली लाइफ स्टाइल की वजह से अब कम उम्र में ही आंखें कमजोर होने लगती है. आंखों से कम दिखाई देने की ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

ब्रेन स्ट्रोक से पहले भी आंखों में कमजोरी, धुंधलापन हो सकता है.
विटामिन ए की कमी की वजह से भी आंखों में कमजोरी आती है.
कोविड के बाद भी कई लोगों में आंखों की समस्या सामने आई है.

Weak Eyesight Causes: आजकल छोटी उम्र में ही आंखों पर चश्मा लग जाना आम बात हो गई है. बदली हुई लाइफस्टाइल आमतौर पर इसकी वजह होती है. हालांकि कई बार नज़र का कमजोर होना किसी बड़ी बीमारी का भी शुरुआती संकेत हो सकता है. इस बात को जानकर आप चौंक सकते हैं लेकिन ये हकीकत है. ज्यादातर लोग जानते हैं कि डायबिटीज की वजह से आई साइट (Eyesight) वीक हो जाती है लेकिन इसके अलावा भी कई ऐसी बड़ी बीमारियां हैं जिनके शुरुाती लक्षणों में नज़रों का कमज़ोर होना शामिल होता है. ऐसे में आंखे कमजोर होने पर उन्हें नज़रअंदाज कर देना कई बार भारी पड़ सकता है.
कई लोगों को कुछ पल के लिए आंखों में धुंधलापन महसूस होने लगता है ये भी किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है. चश्मा लगाने वाले लोगों के साथ भी ऐसा हो सकता है. इंदौर हेल्थ डिपार्टमेंट के सिविल सर्जन एवं वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप गोयल के अनुसार आंखों का धुंधलापन या कमजोरी को हल्के में नहीं लेना चाहिए. ये कई बीमारियों का शुरुआत लक्षण हो सकता है.

इन बीमारियों में कमज़ोर हो जाती है नज़र

डायबिटीज – डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जो शरीर के कई अंगों को प्रभावित करती है. इसकी वजह से आंखें भी कमजोर होने लगती हैं. टाइप 1 और टाइप 2 के मरीजों की आंखें कमजोर होना और कई बार धुंधला दिखने की समस्या बनी रहती है. ब्लड में शुगर बढ़ने की वजह से रेटिना में मौजूद ब्लड वेसेल्स को नुकसान पहुंचता है और इससे नजर कमजोर हो जाती है.

ब्लड प्रेशर – आजकल ब्लड प्रेशर एक आम बीमारी की तरह देखी जाने लगी है. लेकिन कई बार ये जानलेवा भी साबित हो जाती है. ब्लड प्रेशर कंट्रोल में न रहने की वजह से इसका असर आई साइट पर भी देखा जा सकता है. ऐसे में आंखें तेजी से कमजोर हों या फिर कभी-कभी धुंधलापन नजर आए तो ब्लड प्रेशर की जांच भी कराना चाहिए.

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ऑटोनोमस डिजीजेस – आमतौर पर लोग ये समझते हैं कि डायबिटीज की वजह से ही नजर कमजोर होती है लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. इसकी वजह कई ऑटोनोमस डिजिजेस जैसे रुमेटाइड अर्थराइटिस, मल्टिपल स्लेरोसिस, इम्फ्लेमेटरी बाउल डिजीज आदि भी हो सकती हैं.

कंप्यूटर विजन सिंड्रोम – लगातार मोबाइल, लैपटॉप पर काम करने की वजह से आंखों में धुंधलापन, कमजोरी आने लगती है. आगे चलकर ये कंप्यूटर विजन सिंड्रोम बीमारी की वजह बन सकती है. इसके अलावा पोस्ट कोविड साइड इफेक्ट भी आंखें अचानक कमजोर होने की वजह हो सकते हैं.

थायराइड – डायबिटीज के जैसे ही थायराइड में भी ग्लूकोमा की समस्या होती है. इससे आंखों की रोशनी पर सीधा असर पड़ता है. थायराइड की बीमारी के शुरुआती लक्षणों में आंखों में धुंधलापन आने लगता है.

ब्रेन स्ट्रोक – हमारी आंखों की रोशनी कई बार ब्रेन स्ट्रोक की वजह से भी कमजोर या खराब हो सकती है. कई बार ब्रेन स्ट्रोक आने से पहले भी आंखों में धुंधलापन हो सकता है. ऐसे में आंखों की कमजोरी को अनदेखा करना सही नहीं है.

कैंसर – शरीर के अन्य हिस्सों की तरह ही आंखों का कैंसर भी होता है. आंखों का कैंसर होने पर इसके बेहद शुरुआती लक्षणों में आंखों की रोशनी कम होना और धुंधला दिखाई देना भी होता है. ऐसे में नजर कमजोर होने पर डॉक्टर की सलाह लेना चाहिए.

आंखों का संक्रमण – हमारी आंखें कमजोर होना या फिर अचानक धुंधला दिखाई देने की वजह कई बार आंखों में होने वाला संक्रमण भी हो सकता है. संक्रमण की वजह से कॉर्निया पर असर होता है. कई बार ये बेहद नुकसानदायक होता है.

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विटामिन ए की कमी – आंखों के कमजोर होने का एक बड़ा कारण हमारे शरीर में विटामि ए की कमी होना भी होता है. इम्यून सिस्टम की फंक्शनिंग को बेहतर बनाने के काम में विटामिन ए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. ऐसे में विटामिन ए की कमी भी आंखें कमजोर होने की वजह बन सकती है.

आंखें हेल्दी रखने के लिए ये बातें ध्यान रखें
आंखों की रोशनी कम होने पर डॉक्टरी सलाह लेने में लापरवाही नहीं बरतना चाहिए. डॉ. प्रदीप गोयल के अनुसार हम छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर अपनी आंखों की सेहत को बनाए रख सकते हैं. डायबिटीज के मरीजों को हमेशा शुगर कंट्रोल में रखना चाहिए. इसके साथ ही ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल में रखें. दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए और लैपटॉप या मोबाइल पर काम करते वक्त अगर नंबर का चश्मा न हो तो भी बगैर नंबर का चश्मा लगाकर रखना चाहिए. इससे साथ ही हर 6 महीनें में आंखों की जांच ज़रूर कराना चाहिए.

Tags: Diabetes, Eyes, Health, Lifestyle

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