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जानिए क्यों होती है स्तन में गांठ, कैंसरमुक्त और कैंसर की गांठ में क्या है फर्क

जानिए क्यों होती है स्तन में गांठ, कैंसरमुक्त और कैंसर की गांठ में क्या है फर्क

ब्रेस्ट कैंसर का मुख्य लक्षण है कि इसमें ब्रेस्ट में गांठ हो जाती है.

ब्रेस्ट कैंसर का मुख्य लक्षण है कि इसमें ब्रेस्ट में गांठ हो जाती है.

कैंसर (Cancer) का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है. स्तन कैंसर (Breast Cancer) भी एक घातक बीमारी है. इसके कारण महिलाओं का जीवन प्रभावित हो रहा है. ऐसे में समय पर ध्‍यान दिया जाना चाहिए, ताकि इससे बचा जा सके.

  • Myupchar
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    वर्तमान में कैंसर (Cancer) जैसी बीमारियां दिनों-दिन कई लोगों को अपनी चपेट में ले रही हैं. इनमें ज्यादातर स्तन कैंसर (Breast Cancer) के कारण महिलाओं का जीवन प्रभावित हो रहा है. myUpchar से जुड़े डॉ. विशाल मकवाना के अनुसार स्तन कैंसर में जब महिला के स्तनों में असामान्य तरीके से उतकों का निर्माण होने लगता है तो स्तनों में गांठें (Lumps Breasts)
    बनने लगती हैं. इन गांठों में महिलाओं को दर्द होने लगता है. इस प्रकार की गांठें कैंसर युक्त गांठें हो सकती हैं. वहीं कुछ गांठें दर्द नहीं करती हैं लेकिन स्तनों में बनी रहती हैं, यह कम घातक होती हैं, हालांकि अधिकतर स्तन गांठ कैंसरमुक्त होती हैं, लेकिन कुछ से कैंसर का खतरा भी होता है. तो आइए जानते हैं कौन सी गांठें कैंसरमुक्त होती हैं-

    स्तन में फोड़े
    स्तन में फोड़े होने का कारण बैक्टीरिया होते हैं. इसमें स्तनों के आस-पास की त्वचा लाल हो जाती है. स्तन के फोड़े स्तनपान कराने वाली महिलाओं में विकसित होने की अधिक आशंका होती है.

    स्तन सिस्ट
    अल्सर आकार में काफी छोटे होते हैं, जो अल्ट्रासाउंड कराने पर दिखाई दे सकते हैं. बड़े आकार के अल्सर अन्य उतकों पर दबाव डाल सकते हैं, जिससे दिक्कत बढ़ सकती है.

    इंट्राडक्टल पेपिलोमा
    इंट्राडक्टल पेपिलोमा मस्से की तरह बढ़ता है. यह स्तन नलिकाओं में विकसित होता है. यह स्तन में निपल के नीचे विकसित होता है. इनमें से कभी-कभी रक्त भी निकलता है. कम उम्र की महिलाओं में यह समस्या अधिक होती है. वहीं रजोनिवृत्ति होने वाली महिलाओं में यह बहुत ही कम होता है.

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    लिपोमा और फैट नेक्रोसिस

    जब स्तन में पाए जाने वाले वसा उतकों को क्षति पहुंचती है और वे टूटने लगते हैं तो यह फैट नेक्रेसिस नामक गांठ कहलाती है. लिपोमा एक प्रकार की कोमल, कैंसर-मुक्त गांठ होती है जो तकलाफदेह नहीं होती.

    एडिनोमा
    एडिनोमा भी एक प्रकार की गांठ होती है. यह स्तन के बाहरी त्वचा के उतकों में धीमे-धीमे बढ़ने वाला ट्यूमर होता है. इसमें महिलाओं को हल्का दर्द हो सकता है. इसलिए इसकी अनदेखी नहीं करनी चाहिए. तत्काल डॉक्टर से सलाह लेकर इसका इलाज कराना चाहिए, अन्यथा आगे चलकर यह ज्यादा दिक्कत दे सकता है.

    ब्रेस्ट कैंसर की गांठ
    ब्रेस्ट कैंसर की गांठ होने पर महिलाओं को बहुत असहज महसूस होता है. इस प्रकार की गांठों का कोई निश्चित आकार नहीं होता है. प्रारंभिक अवस्था में महिला को स्तन कैंसर में आमतौर पर दर्द नहीं होता है. यह स्तनों के किसी भी हिस्से में हो सकता है.

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    हॉर्मोनल परिवर्तन हो सकता है बड़ा कारण
    myUpchar से जुड़े डॉ. विशाल मकवाना के अनुसार महिलाओं में हर समय हार्मोनल बदलाव होते रहते हैं. स्तन में होने वाले बदलाव महिलाओं के भीतर मासिक धर्म में हो रहे हॉर्मोन बदलावों के कारण होते हैं. शरीर में जिस तरह से हार्मोन्स घटते-बढ़ते रहते हैं और इसी कारण से स्तनों के आकार में भी परिवर्तन होते हैं. इन्ही परिवर्तनों के कारण गांठें बनने लगती हैं. कुछ गांठें अपने आप भी ठीक हो जाती हैं, लेकिन किसी भी तरह की गांठें महसूस होने पर डॉक्टर से चेकअप करवा लेना चाहिए. ध्यान नहीं दिया गया तो कैंसर युक्त गांठें बड़ा रूप ले सकती हैं, जिससे परेशानी और ज्यादा बढ़ सकती है.

    अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, ब्रेस्ट में गांठ के कारण और इलाज पढ़ें।

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    Tags: Cancer, Health, Lifestyle, News18-MyUpchar, Women

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