होम /न्यूज /जीवन शैली /अगर शरीर में इंसुलिन ज्यादा हो तो क्या यह डाइबिटीज है? जानें क्या है हकीकत

अगर शरीर में इंसुलिन ज्यादा हो तो क्या यह डाइबिटीज है? जानें क्या है हकीकत

इंसुलिन बढ़ जाना भी नुकसानदेह हो सकता है. -(Image Canva)

इंसुलिन बढ़ जाना भी नुकसानदेह हो सकता है. -(Image Canva)

hyper insulin: शरीर में यदि किसी कारणवश इंसुलिन कम बनने लगे या शरीर इंसुलिन को स्वीकार न करे तो डायबिटीज की बीमारी हो ज ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

कभी-कभी इंसुलिन ज्यादा बनता है लेकिन शरीर इसे स्वीकार नहीं करता है
शुगर के मरीजों के लिए इंसुलिन संजीवनी की तरह है

Hyper insulin symptoms: डायबिटीज की बीमारी में सबसे ज्यादा इंसुलिन की चर्चा होती है. इंसुलिन की कमी के कारण डायबिटीज होता है. जब खून में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ने लगती है तो डायबिटीज की बीमारी होती है. अगर सही समय पर सही मात्रा में शरीर में इंसुलिन का उत्पादन हो गया तो अतिरिक्त ग्लूकोज को इंसुलिन अवशोषित कर लेता है. लेकिन कुछ कारणवश कुछ लोगों में इंसुलिन बनता ही नहीं है या कम बनता है. इस स्थिति में हजारों लोगों का इंसुलिन का इंजेक्शन लगाना पड़ता है. इसलिए शुगर के मरीजों के लिए इंसुलिन संजीवनी की तरह है. पर अगर इंसुलिन की मात्रा शरीर में बहुत ज्यादा हो जाए तो फिर क्या होगा. क्या इसे भी डायबिटीज कहा जाएगा.

इसे भी पढ़ें- बार-बार चक्कर और पसीना आना भी हो सकता है प्री डायबिटीज के संकेत, ऐसे बचाएं खुद को

ज्यादा इंसुलिन बनने के कारण
मायोक्लिनिक के मुताबिक यदि शरीर में इंसुलिन की मात्रा जरूरत से ज्यादा हो जाए तो अपने आप में यह डायबिटीज नहीं है लेकिन अक्सर यह टाइप 2 डायबिटीज के साथ संबंद्ध रहता है. दरअसल, जब इंसुलिन का प्रतिरोध होता है या शरीर इसे स्वीकार नहीं करता तो इंसुलिन ज्यादा बनने लगता है. एक तरह से शरीर इंसुलिन का प्रतिरोध करने लगता है. इस स्थिति में भी टाइप 2 डायबिटीज होता है. यह तब होता है जब पैनक्रियाज इंसुलिन की कमी को पूरा करने में सक्षम नहीं हो पाता है जिसके कारण ब्लड शुगर को सामान्य रखने में परेशानी होती है. शरीर में इंसुलिन का उत्पादन दो स्थितियों में ज्यादा हो सकता है. जब पैंक्रियाज में इंसुलिन उत्पादन करने वाली कोशिकाओं में कोई दुर्लभ ट्यूमर हो जाए या इंसुलिन उत्पादन करने वाली कोशिकाओं का विकास बहुत ज्यादा हो या इसकी संख्या बहुत बढ़ने लगे.

लक्षण और इलाज
आमतौर पर शरीर में ज्यादा इंसुलिन हो जाने के बाद कोई खास लक्षण नहीं दिखते हैं लेकिन जब टाइप 2 डायबिटीज हो तो यह ज्यादा चिंताजनक बात हो सकती है. क्योंकि इस स्थिति में इंसुलिन बनता तो है लेकिन शरीर इसका प्रतिरोध करने लगता है. चूंकि यह इंसुलिन उत्पादन कोशिकाओं में ट्यूमर के कारण हो सकता है इसलिए ट्यूमर को हटाना बहुत जरूरी है. लेकिन दुर्भाग्यवश अधिकांश में यह ट्यूमर कैंसर हो सकता है. डॉक्टर ब्लड टेस्ट, सीटी स्कैन, एमआरआई आदि से टेस्ट करते हैं. इसके बाद यदि संभव हुआ तो लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की जाती है. इसके अलावा कीमोथेरेपी, क्रायोथेरेपी, रेडियोफ्रीक्वेंसी आदि तकनीक से भी इलाज किया जाता है.

Tags: Blood Sugar, Diabetes, Health, Health tips, Lifestyle

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें