पैप स्मीयर टेस्ट : यह क्यों किया जाता है और किस उम्र की महिलाओं को करवाना चाहिए

पैप स्मीयर टेस्ट सर्वाइकल कैंसर की जांच के लिए किया जाता है.
पैप स्मीयर टेस्ट सर्वाइकल कैंसर की जांच के लिए किया जाता है.

पैप स्मीयर टेस्ट (Pap Smear Test) या पैट टेस्ट महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा कैंसर/सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer) की जांच के लिए किया जाता है.

  • Last Updated: September 19, 2020, 1:34 PM IST
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कैंसर आज भी एक बेहद घातक बीमारी बनी हुई है और अब तक इसका पूरी तरह से इलाज संभव नहीं है. खासकर महिलाओं में कैंसर पनपने की आशंका काफी ज्यादा होती है. महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा कैंसर (सर्वाइकल कैंसर) बेहद आम है और दुनियाभर में कैंसर से होने वाले मौत के आंकड़ों में यह चौथा सबसे ज्यादा घातक कैंसर है.

पैप स्मीयर टेस्ट या पैट टेस्ट महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा कैंसर (सर्वाइकल कैंसर) की जांच के लिए किया जाता है. इस टेस्ट के लिए गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं से सैंपल निकाला जाता है. दरअसल गर्भाशय ग्रीवा, गर्भाशय का ही एक संकुचित भाग होता है. यह महिलाओं के गुप्तांग (योनि) के ऊपर और गर्भाशय के अंत में होता है. अगर आप सेक्सुअल लाइफ में एक्टिव हैं तो आपको यह टेस्ट करवाते रहना चाहिए, जिसकी मदद से गर्भाशय ग्रीवा यानी सर्विक्स की कोशिकाओं की जांच की जा सके. इस टेस्ट का मकसद ग्रीवा की कोशिकाओं में किसी असामान्य बदलावों का पता लगाना होता है. इस टेस्ट के जरिए गर्भाशय ग्रीवा में कैंसर होने या भविष्य में इसकी आशंका के बारे में जानकारी मिलती है. गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के लक्षण मससूस नहीं होते, इसलिए महिलाओं को नियमित अंतराल पर पैप स्मीटर टेस्ट करवाते रहना चाहिए.



इस टेस्ट के जरिए कुछ प्रकार के वायरल संक्रमओं की जांच की जाती है. इसमें एचपीवी भी शामिल है, इन्हें गर्भाशय ग्रीवा कैंसर का कारण माना जाता है. इस टेस्ट के जरिए जांच करके कैंसर को विकसित होने से पहले ही नष्ट किया जा सकता है. यह टेस्ट बहुत ही आसान, कम समय लेने वाला और आमतौर पर दर्दरहित स्क्रीनिंग टेस्ट होता है. किसी भी टेस्ट में गलती की गुंजाइश भी कुछ हद तक रहती है, इसलिए कई बार नियमित टेस्ट के बावजूद सर्वाइकल कैंसर विकसित हो जाता है. ध्यान रहे कि अंडाशय का कैंसर, योनि का कैंसर और गर्भाशय के कैंसर के लिए यह टेस्ट नहीं किया जाता.
टेस्ट के दौरान रहें शांत

अगर आप पैट स्मीयर टेस्ट करवाने जा रही हैं तो टेस्ट के दौरान बिल्कुल रिलेक्स रहें. इस दौरान शांत रहकर गहरी सांस लेती रहें. ध्यान रहे कि अगर आपको पीरियड्स हो रहे हैं तो इस दौरान पैप टेस्ट नहीं करवाना चाहिए, क्योंकि ऐसे में सटीक रिजल्ट आने की संभावना कम होती है. जिस दिन टेस्ट के लिए जा रही हैं, उससे एक दिन पहले यौन संबंध ना बनाएं और कोई शुक्राणुनाशक दवा भी ना लें. इससे पैप स्मीयर टेस्ट का रिजल्ट प्रभावित हो सकता है.

यदि आप गर्भवती हैं तो गर्भावस्था के पहले 24 हफ्तों में यह टेस्ट करवाना सुरक्षित होता है. इसके बाद टेस्ट करवाना दर्दनाक हो सकता है. टेस्ट की सटीकता के लिए बच्चे के जन्म के 12 हफ्ते बाद टेस्ट करवाना उचित रहेगा. जब भी टेस्ट के लिए जाएं तो मूत्राशय को अच्छी तरह से खाली कर लें.

कैसे होता है टेस्ट

यह टेस्ट कुछ ही मिनटों में पूरा हो जाता है. अस्पताल या क्लीनिक में डॉक्टर आपको टेस्ट के लिए तैयार करेंगे. इसके लिए आपको कमर से नीचे के कपड़े उतारने को कहा जाएगा. आपको एक टेबल पर पीठ के बल लेटना होगा और घुटने मोड़कर पैर स्टीयरप्स पर रखने होंगे. इसके बाद डॉक्टर धीरे-धीरे योनि में स्पेक्युलम नाम का उपकरण डालेंगे. यह उपकरण योनि की दीवारों को अलग-अलग करता है, ताकि डॉक्टर गर्भाशय ग्रीवा में आसानी से देख पाएं. स्पेक्युलम को योनि में डालने पर पेल्विक क्षेत्र में थोड़ी-बहुत सनसनी या दबाव महसूस हो सकता है. इसके बाद स्पेक्युलम के अंदर से रुई से लिपटे एक एप्लीकेटर, स्बैव या ब्रश को गर्भाशय ग्रीवा में डालकर सैंपल के रूप में गर्भाशय से कोशिकाओं को इकट्ठा किया जाता है.

पैप स्मीयर टेस्ट कब करवाएं

21 साल की उम्र के बाद महिलाओं को नियमित रूप से पैप स्मीयर टेस्ट करवाना शुरू कर देना चाहिए. कुछ महिलाओं में संक्रमण और कैंसर विकसित होने की आशंका ज्यादा होती है. यदि आपको निम्न समस्याएं हैं तो जल्द से जल्द पैट टेस्ट करवाना चाहिए.

आप एचआईवी पॉजिटिव हैं
कीमाथेरेपी या ऑर्गन ट्रांसप्लांट के बाद आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो गई है
यदि आपकी उम्र 65 साल से ज्यादा हो चुकी है और पूर्व में आपके पैप स्मीयर टेस्ट के रिजल्ट नॉर्मल आए हैं तो अब आप यह टेस्ट करवाना बंद कर सकती हैं. अगर आप सेक्सुअल रिलेशन में नहीं हैं तो भी आपको नियमित रूप से पैप स्मीयर टेस्ट करवाना चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि जिस एचपीवी वायरस की वजह से सर्वाइकल कैंसर होता है, वह कई वर्षों तक निष्क्रिय रहकर फिर से सक्रिय हो सकता है.

  • आप एचआईवी पॉजिटिव हैं

  • कीमाथेरेपी या ऑर्गन ट्रांसप्लांट के बाद आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो गई है


यदि आपकी उम्र 65 साल से ज्यादा हो चुकी है और पूर्व में आपके पैप स्मीयर टेस्ट के रिजल्ट नॉर्मल आए हैं तो अब आप यह टेस्ट करवाना बंद कर सकती हैं. अगर आप सेक्सुअल रिलेशन में नहीं हैं तो भी आपको नियमित रूप से पैप स्मीयर टेस्ट करवाना चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि जिस एचपीवी वायरस की वजह से सर्वाइकल कैंसर होता है, वह कई वर्षों तक निष्क्रिय रहकर फिर से सक्रिय हो सकता है. (अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, पैप स्मीयर टेस्ट क्या होता है, क्यों किया जाता है, टेस्ट से पहले, टेस्ट के दौरान, जोखिम और परिणाम का मतलब पढ़ें। (न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं। सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है। myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं।)

अस्वीकरण : इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए ना तो myUpchar और ना ही News18 जिम्मेदार होगा।

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