यूआरटीआई यानी ऊपरी श्वसन तंत्र में संक्रमण, जानिए क्यों होता है और क्या है इलाज

इससे पीड़ित होने पर छींक, गले में खराश आदि लक्षण नजर आते हैं. Image Credit/Pexels Andrea-Piacquadio
इससे पीड़ित होने पर छींक, गले में खराश आदि लक्षण नजर आते हैं. Image Credit/Pexels Andrea-Piacquadio

यूआरटीआई (Upper Respiratory Infection) ऊपरी श्वसन पथ का संक्रमण (Infection) है. इसमें गला, नाक, श्वास नली आदि शामिल हैं. व्यक्ति का यह ऊपरी भाग कई बैक्टीरिया (Bacterial) और वायरल संक्रमणों (Viral Infections) के लिए अतिसंवेदनशील है.

  • Last Updated: October 14, 2020, 6:50 AM IST
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यूआरटीआई (Upper Respiratory Infection) ऊपरी श्वसन पथ का संक्रमण (Infection) है. इसमें गले, नाक, ग्रसनी, स्वरयंत्र, साइनस और श्वास नली (विंडपाइप) शामिल हैं. व्यक्ति के वायुमार्ग का यह ऊपरी भाग कई बैक्टीरिया (Bacterial) और वायरल संक्रमणों (Viral Infections) के लिए अतिसंवेदनशील है. संक्रमण और वायुजनित बीमारियां आसानी से अन्य लोगों के संपर्क से फैलती हैं और अक्सर छींकने या खांसी द्वारा स्थानांतरित होती हैं. सर्दियों में यूआरटीआई यानी अपर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन बहुत अधिक होता है. यह ऊपरी श्वसन तंत्र संक्रमण है जो कि बरसात के मौसम में भी लोगों को अपना शिकार बनाता है. गर्म और शुष्क महीनों में यूआरटीआई की कम समस्याएं देखने को मिलती हैं.

ऊपरी श्वसन तंत्र संक्रमण में वायरस शरीर में प्रवेश करता है जो कि आमतौर पर मुंह या नाक के माध्यम से प्रवेश करता है. यह व्यक्ति स्पर्श के माध्यम से, या छींकने और खांसी द्वारा प्रसारित कर सकता है. कोई भी स्थान जहां लोग एक जगह इकट्ठा होते हैं, जैसे कि कक्षा, कार्यालय या घर, यूआरटीआई के प्रसार के लिए ज्यादा जोखिम वाला क्षेत्र हो सकता है.



ये है ऊपरी श्वसन तंत्र
myUpchar से जुड़ीं डॉ. श्वेता गुप्ता का कहना है कि श्वसन तंत्र या श्वसन पथ नाक से शुरू होकर मनुष्यों के फेफड़ों की सबसे छोटी क्रियात्मक इकाई एल्वियोली तक फैला रहता है. ऊपरी श्वसन तंत्र का विस्तार नाक से लेकर गले में मौजूद वॉइस बॉक्स क्राइकोइड कार्टिलेज तक होता है और निचला श्वसन तंत्र क्राइकोइड कार्टिलेज के नीचे से शुरू होकर एल्वियोली तक फैला होता है. आमतौर पर, यह 3 और 14 दिनों के बीच कहीं भी रहता है. कुछ मामलों में अधिक गंभीर स्थितियां विकसित हो सकती हैं, जैसे साइनस संक्रमण या निमोनिया.

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ये संकेत दिखेंगे
इससे पीड़ित होने पर कई लक्षण नजर आते हैं जिसमें बंद नाक, छींक, गले में खराश, आंख आना, हल्का बुखार, नाक की ऊपरी त्वचा लॉक होना, नाक से उच्चारण करना आदि शामिल हैं. कुछ लोगों में सांस की बदबू, बदन दर्द, सिर दर्द, आंखों में खुजली की शिकायत भी हो सकती है.

लक्षण कम करने के लिए उपाय
इससे पीड़ित व्यक्ति को सबसे पहले अपनी जीवनशैली में कुछ बदलाव करने चाहिए. मरीजों को आराम करने की सलाह दी जाती है. जिन मरीजों का गला बैठ जाता है, उन्हें कम बोलना चाहिए. साथ ही नियमित व्यायाम सर्दी की संभावनाओं को कम करने में मदद करेगा. इसके इलाज के लिए ईएनटी विशेषज्ञ या बच्चों के मामले में चाइल्ड स्पेशलिस्ट के पास जाना चाहिए. यूआरटीआई के लक्षणों को कम करने के लिए डॉक्टर कुछ सलाह दे सकते हैं जिसमें ज्यादा से ज्यादा पदार्थों का सेवन करना, नाक में डाली जाने वाली ड्रॉप्स, कफ सिरप, नमक के पानी से गरारे और भाप लेना, एंटीहिस्टामाइन दवा, एंटीबायोटिक्स आदि शामिल हैं.

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बच्चों के लिए बल्ब सिरिंज
कुछ उपाय भी मरीज अपना सकते हैं जैसे गर्म पेय पदार्थों को पानी जिससे कि नासिका मार्ग को राहत मिले, गर्म कपड़े या गर्म पानी की बोतल से 5-10 मिनट के लिए चेहरे और गाल को सेंकना. शिशुओं के लिए बल्ब सिरिंज का इस्तेमाल किया जा सकता है. उनकी नाक में जमे पदार्थों को खींचकर बाहर निकाला जाता है जिससे वे आसानी से सांस ले सकता हैं. हालांकि यह प्रक्रिया उनके कुछ खाने से पहले की जानी चाहिए.

अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, ऊपरी श्वसन तंत्र संक्रमण क्या है, इसके प्रकार, कारण, लक्षण, बचाव, इलाज और दवा पढ़ें।

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