#काम की बात : पार्टनर अंतरंग क्षणों में जितनी शर्मीली है, मैं उतना ही एडवेंचर पसंद

सेक्‍स सलाह
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मेरी आपको यही सलाह है कि इस चीज को अपने रिश्‍तों में मुद्दा न बननें दें खासतौर पर तब जब बाकी चीजें ठीकठाक हैं. कुछ लोगों को उबरने में, खुलने में थोड़ा ज्‍यादा वक्‍त लगता है

  • Last Updated: August 14, 2018, 6:49 PM IST
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प्रश्‍न : मेरी उम्र 32 साल है और मेरी शादी को एक साल हो चुके हैं. हमारी अरेंज मैरिज है. हमारी शादी में बाकी सब तो ठीक है, लेकिन हमारी सेक्‍स लाइफ ठीक नहीं चल रही है. दिक्‍कत ये है कि मैं बेडरूम में जितना एडवेंचरस हूं, मेरी पत्‍नी उतनी ही शर्मीली और संकोची. वो किसी नए प्रयोग के लिए तैयार ही नहीं होती. इन वजहों से मेरी भी सेक्‍स में रु‍चि कम होती जा रही है. मैं क्‍या करूं?

उत्‍तर : अरेंज या लव, हर तरह की शादियों में अकसर ये होता है कि पार्टनर्स की रुचियां और रूझान पूरी तरह मेल नहीं खाते. और सिर्फ पार्टनर्स की क्‍यों, क्‍या भाई-बहनों, दोस्‍तों और परिवार के लोगों की भी सारी रुचियां मिलती हों, जरूरी तो नहीं है. जैसे हाथ की पांचों उंगलियां बराबर नहीं होतीं, वैसे ही किसी भी कपल में दोनों की पसंद एक जैसी हो, ये बिलकुल जरूरी नहीं है.

स्त्रियां अकसर पुरुषों के मुकाबले ज्‍यादा शर्मीली और संकोची होती हैं. इसमें बहुत बड़ा योगदान हमारे सामाजिक संस्‍कारों और परवरिश का है. लड़कियों को इस ढंग से पाला जाता है कि वो अपने शरीर को लेकर बहुत संकोची होती हैं और कई बार शादी के बाद भी उस संकोच से पूरी तरह उबर नहीं पातीं.
मेरी आपको यही सलाह है कि इस चीज को अपने रिश्‍तों में मुद्दा न बननें दें खासतौर पर तब जब बाकी चीजें ठीकठाक हैं. कुछ लोगों को उबरने में, खुलने में थोड़ा ज्‍यादा वक्‍त लगता है. आपको उनसे इस विषय पर खुलकर बात करनी चाहिए और अपने व्‍यवहार से उन्‍हें धीरे-धीरे सहज करने की कोशिश करनी चाहिए. अगर इसे आप अपने अधिकार की तरह अपने साथी पर थोपने की कोशिश करेंगे तो मुमकिन है कि वह और असहज हो जाएं. जो काम आप प्‍यार से कर सकते हैं, शायद अधिकार जताकर नहीं कर पाएंगे.
एक बार इस बारे में भी विचार करें कि जिस तरह के एडवेंचर आप चाह रहे हैं, वह कितने वास्‍तविक और कितने फिल्‍मी हैं. हालांकि आपके सवाल में इस बात का कोई संकेत नहीं है, फिर भी अगर आपकी अपेक्षा कुछ वैसे एडवेंचर की है, जो आप पोर्न फिल्‍मों में देखते हैं तो आपको इसके बारे में भी विचार करने की जरूरत है. पोर्न फिल्‍मों में जो दिखाया जाता है और जो वास्‍तविकता होती है, उसमें बहुत फर्क है.


इसलिए प्रेम से अपनी पत्‍नी का दिल जीतने की कोशिश करिए. वो जरूर आपकी एडवेंचर ट्रिप की भागीदार बनेंगी.

(डॉ. पारस शाह सानिध्‍य मल्‍टी स्‍पेशिएलिटी हॉस्पिटल, अहमदाबाद, गुजरात में चीफ कंसल्‍टेंट सेक्‍सोलॉजिस्‍ट हैं.) 

अगर आपके मन में भी कोई सवाल या जिज्ञासा है तो आप इस पते पर हमें ईमेल भेज सकते हैं. डॉ. शाह आपके सभी सवालों का जवाब देंगे.
ईमेल – Ask.life@nw18.com

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