कांटेदार कैक्टस है बवासीर और जोड़ों के दर्द की दवा, रिसर्च में हुआ खुलासा

सबसे कमाल की बात है कि इस कैक्टस से स्वादिष्ट सब्जी भी बनायीं जा सकती है.

News18Hindi
Updated: August 2, 2019, 9:39 AM IST
कांटेदार कैक्टस है बवासीर और जोड़ों के दर्द की दवा, रिसर्च में हुआ खुलासा
कांटेदार कैक्टस है बवासीर और जोड़ों के दर्द की दवा: रिसर्च
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Updated: August 2, 2019, 9:39 AM IST
कैक्टस के पौधे को घर में रखना अशुभ माना जाता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि कई बीमारियों में यह काफी फायदेमंद है. कैक्टस की यूफोरबियारोलेनिया बोइस छोहिन प्रजाति में काफी चमत्कारी औषधीय गुण पाए जाते हैं. इससे जोड़ों के दर्द और बवासीर से निजात मिल सकती है. यह ख़ास प्रकार का कैक्टस हिमाचल प्रदेश की बंजर जमीन में पैदा होता है. यहां के स्थानीय नागरिक इसे छूहीं कहते हैं. आइए जानते हैं इस ख़ास कैक्टस के बारे में.

अमर उजाला में प्रकाशित खबर के मुताबिक, इस कैक्टस के विषय में मंडी के वल्लभ महाविद्यालय के वनस्पति शास्त्र विभाग के स्पेशलिस्ट ने इसपर रिसर्च के बाद यह निष्कर्ष दिया है. दरअसल, पर्यावरण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के तहत जारी के प्रोजेक्ट पर रिसर्च के दौरान इस कैक्टस के इस कमाल के गुण के बारे में जानकारी मिली.

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इस सिलसिले में मंडी कॉलेज में वनस्पति शास्त्र की विभागाध्यक्ष डॉ. तारा सेन ठाकुर ने जानकारी दी कि छूहीं कैक्टस से बनने वाले कई तरह की खाने की चीजें भी रिसर्च के दौरान तैयार की गयी हैं. यह प्रोजेक्ट 2 साल तक चला और इसमें 6.40 लाख रुपये की लागत आई. अब इसे सरकार से जुड़े विभाग को सौंप दिया जाएगा. शोध के दौरान पता चला कि 'छूहीं' प्लांट किंगडम यूफोरबियेसी का सदस्य है.

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सबसे कमाल की बात है कि इस कैक्टस से स्वादिष्ट सब्जी भी बनायीं जा सकती है. हिमाचल प्रदेश की स्थानीय महिलाएं छूहीं के दूध से काजल भी बनाती हैं. उनका मानना है कि छोटे बच्चों को यह काजल लगाने से उनकी आंखों की रौशनी बढ़ती है. हालांकि इस कैक्टस से काजल बनाते वक्त इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि इससे निकलने वाला दूध जैसा सफेद पदार्थ आंखों में भूल से भी न जाए नहीं तो यह आंखों को काफी नुकसान भी कर सकता है.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.
First published: August 2, 2019, 9:03 AM IST
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