World Aids Vaccine Day 2020: कोविड-19 तो छोड़िए, 36 साल बाद भी एड्स की नहीं बन पाई है वैक्सीन

World Aids Vaccine Day 2020: कोविड-19 तो छोड़िए, 36 साल बाद भी एड्स की नहीं बन पाई है वैक्सीन
अगर कोई व्यक्ति एचआईवी पॉजिटिव है तो इसका मतलब ये नहीं कि वह एड्स से भी पीड़ित हो क्योंकि एड्स, एचआईवी संक्रमण का आखिरी चरण होता है.

मेडिकल (Medical) क्षेत्र से जुड़े सदस्यों और वैज्ञानिकों की मेहनत को पहचानना और उसे स्वीकार करना है जो एक साथ मिलकर इतने सालों से एचआईवी/एड्स (HIV/AIDS) की वैक्सीन बनाने में जुटे हैं. साथ ही यह एक मौका है जब लोगों को एचआईवी (HIV) महामारी के बारे में जागरूक किया जा सकता है.

  • Last Updated: May 18, 2020, 2:42 PM IST
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मई को हर साल एड्स वैक्सीन जागरूकता दिवस (World Aids Vaccine Day) मनाया जाता है. इसका मकसद है उन हजारों-लाखों हेल्थ प्रोफेशनल्स, स्वयंसेवकों, मेडिकल क्षेत्र से जुड़े सदस्यों और वैज्ञानिकों की मेहनत को पहचानना और उसे स्वीकार करना है जो एक साथ मिलकर इतने सालों से एचआईवी/एड्स (HIV/AIDS) की वैक्सीन बनाने में जुटे हैं. साथ ही यह एक मौका है जब लोगों को एचआईवी (HIV) महामारी के बारे में जागरूक किया जा सकता है. आपको बता दें कि एचआईवी/एड्स हमारे समाज के लिए बड़ा खतरा है और अब तक जानलेवा इंफेक्शन (Infection) की वैक्सीन विकसित नहीं की जा सकी है.

इस वक्त दुनियाभर में सभी लोग नए कोरोना वायरस (Coronavirus) सार्स-सीओवी-2 वायरस से होने वाली बीमारी कोविड-19 को लेकर चिंतित हैं और डॉक्टरों और वैज्ञानिकों की लगातार कोशिश के बाद भी न तो अब तक इस बीमारी का कोई इलाज खोजा जा सका है और ना ही कोई वैक्सीन विकसित हो पायी है. बीमारियों की वैक्सीन बनाना कितना मुश्किल है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एचआईवी-एड्स बीमारी के बारे में साल 1984 में ही पता चल गया था लेकिन इतने सालों बाद भी अब तक इसकी कोई वैक्सीन नहीं बन पायी है.

इसकी वजह ये है कि ज्यादातर वैक्सीन बीमारी के खिलाफ तो सुरक्षा प्रदान करती हैं, लेकिन इंफेक्शन के खिलाफ नहीं. आसान शब्दों में समझें तो इस वक्त एचआईवी का कोई इलाज मौजूद नहीं है, इसलिए अगर एचआईवी का वायरस किसी व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर जाए तो उसे बाहर नहीं निकाला जा सकता, लेकिन एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (एआरटी) के जरिए इस वायरस द्वारा व्यक्ति के इम्यून सिस्टम को होने वाले नुकसान से जरूर बचाया जा सकता है. दरअसल, एचआईवी के शुरुआती लक्षण फ्लू जैसे होते हैं, इसलिए अधिकतर लोगों को पता नहीं चल पाता कि वे एचआईवी से संक्रमित हैं.



एचआईवी मतलब एड्स नहीं
AIDS यानी (अक्वायर्ड इम्यूनोडिफिशिएंसी सिंड्रोम) एक ऐसी बीमारी है जो HIV (ह्यूमन इम्यूनोडिफिशिएंसी वायरस) के कारण होता होती है. अगर कोई व्यक्ति एचआईवी पॉजिटिव है तो इसका मतलब ये नहीं कि वह एड्स से भी पीड़ित हो क्योंकि एड्स, एचआईवी संक्रमण का आखिरी चरण होता है. इसमें शरीर की इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता को गंभीर नुकसान होता है, जिस कारण व्यक्ति की इंफेक्शन से लड़ने की क्षमता कमजोर हो जाती है. समय के साथ धीरे-धीरे यह समस्या बढ़ती जाती है. इस कारण व्यक्ति को घातक इंफेक्शन और कैंसर तक होने का खतरा रहता है.

क्या एचआईवी पीड़ितों को कोविड-19 का खतरा अधिक है?
एचआईवी/एड्स से पीड़ित मरीज जो एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी पर नहीं हैं उन्हें सभी तरह के इंफेक्शन होने का खतरा अधिक होता है लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की मानें तो वैसे मरीज जो पहले से ही एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी ले रहे हैं और दवाइयों का सेवन कर रहे हैं उन्हें कोविड-19 का बहुत अधिक खतरा होने का कोई सबूत नहीं है. हालांकि, एक शोध में कहा गया है कि चूंकि एचआईवी पॉजिटिव लोग पहले से इम्यूनोकॉम्प्रोमाइज्ड होते हैं यानी उनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है, ऐसे में एक स्वस्थ व्यक्ति की तुलना में उन्हें कोविड-19 वायरस की प्रतिक्रिया में अधिक इंफ्लेमेशन नहीं मिल पाता है. साथ ही डॉक्टरों की मानें तो अगर आप अपनी एचआईवी बीमारी को सही तरीके से मैनेज करें तो इस बात का कोई कारण नहीं है कि उस व्यक्ति को कोविड-19 के गंभीर लक्षण विकसित हों.

कोविड-19 से बचने के लिए एचआईवी पीड़ित मरीज इन बातों का रखें ध्यान
आम लोगों की ही तरह एचआईवी मरीजों को भी स्वस्थ व्यक्ति की ही तरह कोविड-19 से बचने के लिए जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए. साबुन और पानी से अच्छी तरह से हाथ धोना चाहिए. सोशल और फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करना चाहिए. अपनी आंख, नाक और मुंह को छूने से बचना चाहिए. इसके अलावा-

  • एचआईवी के मरीजों को अपनी इम्यूनिटी बनाए रखने के लिए नियमित दवाइयों का सेवन करना चाहिए.

  • एचआईवी पॉजिटिव मरीजों को एंटीरेट्रोवायरल दवाइयों का सेवन जरूर करना चाहिए और इन दवाइयों को पर्याप्त मात्रा में अपने पास रखें.

  • स्वस्थ और संतुलित भोजन का सेवन करें, एक्सरसाइज करें और अपनी मानसिक सेहत का ध्यान रखें.


अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, एचआईवी एड्स के लक्षण, कारण, इलाज के बारे में पढ़ें.

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