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World Arthritis Day 2022: अर्थराइटिस का दर्द नहीं करेगा परेशान, डाइट में इन 5 फूड्स को करें शामिल

अर्थराइटिस की समस्या है तो आप अपने खानपान में फैटी फिश को शामिल करें.

अर्थराइटिस की समस्या है तो आप अपने खानपान में फैटी फिश को शामिल करें.

Diet In Arthritis: अर्थराइटिस जैसी बीमारियों से बचना चाहते हैं तो कई ऐसे खाद्य पदार्थ हैं, जो अर्थराइटिस के सूजन और जोड ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

आज के दिन 'वर्ल्ड अर्थराइटिस डे' मनाया जाता है.
अर्थराइटिस होने पर हड्डियों, ज्वाइंट्स में सूजन, दर्द और स्टिफनेस आ जाती है.
ब्रोकली खाएं, क्योंकि यह इंफ्लेमेशन को कम करती है.

Diet In Arthritis: आज ‘विश्व अर्थराइटिस दिवस 2022’ है. अर्थराइटिस बीमारी के प्रति जागरूकता लाने के लिए यह दिवस मनाया जाता है. अक्सर लोग बढ़ती उम्र में गठिया यानी अर्थराइटिस की समस्या से ग्रस्त हो जाते हैं. अर्थराइटिस होने पर हड्डियों और ज्वाइंट्स में सूजन, दर्द और स्टिफनेस आ जाती है. कई बार दर्द इतना बढ़ जाता है कि चलना-फिरना भी दूभर हो जाता है. आजकल ये समस्या इतनी कॉमन हो गई है कि कम उम्र के लोगों में भी देखने को मिल रही है. इसकी वजह है खानपान में उन चीज़ों को शामिल नहीं करना, जो हड्डियों को मजबूती देते हैं. अर्थराइटिस, ऑस्टियोअर्थराइटिस, रूमेटाइड अर्थराइटिस जैसी बीमारियों से बचाते हैं. ऐसे कई खाद्य पदार्थ हैं, जो अर्थराइटिस के सूजन और जोड़ों में होने वाले दर्द को कम कर सकते हैं. जानें, अर्थराइटिस होने पर किन फूड्स का सेवन आपको करने से आराम मिल सकता है.

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अर्थराइटिस में क्या खाएं

मछली
हेल्थलाइन में छपी खबर के अनुसार, यदि आपको अर्थराइटिस की समस्या है तो आप अपने खानपान में फैटी फिश को शामिल करें. सैल्मन, सार्डिन्स जैसी मछलियों में ओमेगा-3 फैटी एसिड्स भरपूर होते हैं. इनके सेवन से एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभाव होता है. इससे सूजन, दर्द काफी हद तक कम हो सकता है. ओमेगा-3 फैटी एसिड सप्लीमेंट्स ज्वाइंट पेन की तीव्रता को भी कम करते हैं. साथ ही मछली में विटामिन डी भी होता है, जो इसकी कमी को दूर करता है और हड्डियों की समस्याओं से बचाता है. कुछ स्टडी के अनुसार, विटामिन डी की कमी होने से रूमेटाइड अर्थराइटिस की समस्या बढ़ सकती है.

लहसुन
लहसुन के कई सेहत लाभ होते हैं. उन्हीं में से एक है अर्थराइटिस की समस्या से बचाव करना. साथ ही लहसुन में कैंसर से लड़ने वाली प्रॉपर्टीज भी होती हैं. इसमें मौजूद कुछ कम्पाउंड हार्ट डिजीज और डिमेंशिया के होने के रिस्क को कम करते हैं. इसके अलाव, लहसुन में एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभाव भी होता है, जो गठिया के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है. आप लहसुन की दो से तीन कली कच्चा खाएं, साथ ही सब्जियों में इसका भरपूर इस्तेमाल करें.

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ब्रोकली
यदि आपको अर्थराइटिस की समस्या है या इस रोग से बचे रहना चाहते हैं तो ब्रोकली का भी सेवन जरूर करें. ब्रोकली इंफ्लेमेशन को कम करती है. ब्रोकली में मौजूद सल्फोराफेन कम्पाउंड अर्थराइटिस के लक्षणों को कम करने में कारगर होते हैं. ये कम्पाउंड कुछ खास किस्म के इंफ्लेमेटरी मार्कर्स के प्रोडक्शन को कम करते हैं, जो रूमटाइड अर्थराइटिस का कारण बनते हैं.

बेरीज
बेरीज कई तरह की होती हैं और सभी में एंटीऑक्सिडेंट, विटामिन और मिनरल्स भरपूर होते हैं. ये सभी इंफ्लेमेशन या सूजन को कम करने में कारगर होते हैं. बेरीज विटामिन सी से भी भरपूर होते हैं, जो इम्यूनिटी को मजबूत करते हैं. आप बेरीज के सेवन से कई तरह की बीमारियों से बचे रह सकते हैं.

एवोकाडो
एवोकाडो का सेवन लोग कम करते हैं, लेकिन आपको अर्थराइटिस, ऑस्टियोअर्थराइटिस है तो इस फल को डाइट में शामिल करें. एवोकाडो में विटामिन सी, माइक्रोन्यूट्रिएंट्स मौजूद होते हैं, जो दर्द और सूजन की परेशानी को दूर करते हैं. नियमित रूप से एवोकाडो खाएंगे तो अर्थराइटिस होने की संभावना काफी हद तक कम हो सकती है.

Tags: Health, Lifestyle

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