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World Environmental Health Day 2022: पर्यावरण को स्वस्थ बनाने में दें अपना योगदान, अपनाएं ये खास टिप्स

पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए हमें अपनी आदतों में भी करना पड़ेगा बदलाव.

पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए हमें अपनी आदतों में भी करना पड़ेगा बदलाव.

World Environmental Health Day 2022: हमारी बदलती जीवनशैली ने पर्यावरण को बहुत नुकसान पहुंचाया है. वायु प्रदूषण, जल प्रद ...अधिक पढ़ें

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हाइलाइट्स

खराब पर्यावरण से हमें कई गंभीर बीमारियों का खतरा हर समय बना रहता है.
दूषित हवा आज हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर बना रही है.
पर्यावरण को स्वस्थ रखने के लिए हमें प्लास्टिक के उपयोग को कम करना होगा.

World Environmental Health Day 2022: आज पूरी दुनिया विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस मना रही है. इस दिवस की शुरुआत 2011 में इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ एनवायरमेंटल हेल्थ ने की थी. इस दिवस को मनाने का एक प्रमुख उद्देश्य लगातार पर्यावरण को हो रहे नुकसान की तरफ लोगों का ध्यान आकर्षित करना है. ऐसा माना जाता है कि पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के बीच एक गहरा संबंध है और पर्यावरण में बदलाव या नुकसान का हमारे स्वास्थ्य पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है.

हमारी बदलती जीवनशैली ने पर्यावरण को बहुत नुकसान पहुंचाया है. वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण सभी के लिए ज्यादातर मनुष्य ही जिम्मेदार हैं. खराब पर्यावरण से हमें कई गंभीर बीमारियों का खतरा हर समय बना रहता है. दूषित हवा और जल से हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली भी कमजोर हो रही है. इसलिए बहुत जरूरी है कि पर्यावरण को सुरक्षित करें इसको सुधारे में मदद करें. पर्यावरण को सुधारने में हम भी मदद कर सकते हैं अगर हम अपने कुछ कर्तव्यों का निर्वहन करें.

पानी को बचाएं
हम अपने बचपन से सुनते आ रहे हैं कि पानी की एक एक बूंद हमारे लिए काफी उपयोगी है और हमें पानी को बचाना चाहिए. एक अच्छे नागरिक के तौर पर हमारा कर्तव्य है कि हम इसे निभाएं. हमारे जीवन के चक्र को चलाने में पानी की एक अहम भूमिका है. बादलों से बरसा पानी जमीन में जाता है और बाद में यही पानी दोबारा बरसात के रूप में हमें मिलता है.

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नदियों को साफ रखें
नहरें-नदियां हमारे जीवन का अभिन्न अंग है. नदियों को साफ करने का भी कर्तव्य हमारा ही है. अगर हम अपने पर्यावरण को दूषित होने से बचाना चाहते हैं तो जरूरी है कि नदियों को साफ रखने में मदद करे. किसी भी प्रकार की गंदगी को नदियों में न बहाएं और ऐसा करने वालों भी रोकें. पहले हमारी नदिया शींशे के समान साफ हुआ करती थी लेकिन फैक्ट्रियों के निर्माण, वनों की कटाई और लोगों की लापरवाही ने इसे गंदा बना दिया कि अब स्नान करने के लिए भी सोचना पड़ता है.

पेड़ लगाने की आदत डालें
पेड़ पूरी धरती के जीवन का हिस्सा है. पेड़ से हमें जहां ऑक्सीजन मिलती है तो यही पेड़ बारिश करने में भी मदद करते हैं. इसके अतिरिक्त पेड़ धूल और प्रदूषकों जैसे ओजोन, अमोनिया, कार्बन मोनोऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड को छानकर हवा को साफ करते है. पेड़ लगाने से हम जलवायु संकट से भी निपट सकते हैं. इसके साथ ही पेड़ मिट्टी के कटाव को भी रोकते हैं. इसलिए हमें अधिक से अधिक संख्या में पेड़ लगाना चाहिए.

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किचन गॉर्डन शुरू करें
किचन गॉर्डन की शुरुआत करके भी पर्यावरण को सुधारने में मदद कर सकते हैं. किचन गार्डन पृथ्वी में बढ़ती खाद्य समस्याओं से निपटने का भी एक विकल्प हो सकता है. बहुत सी ऑर्गेनिक सब्जिया का उत्पादन हम घर पर ही कर सकते हैं जो हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद है.

प्लास्टिक के उपयोग को कहें ना
प्लास्टिक हमारे पर्यावरण के लिए बहुत नुकसान देह है. मनुष्यों द्वारा उपयोग की जाने वाली प्लास्टिक ने पर्यावरण को बुरी तरह से दूषित किया है. अगर आप पर्यावरण को सुधारना चाहते हैं और प्लास्टिक के उपयोग को पूरी तरह से बंद करना होगा. एक रिपोर्ट के अनुसार हर साल करीब 400 मिलियन टन से अधिक प्लास्टिक कचरा निकलता है और यह आंकड़ा 2050 तक 1,100 मिलियन टन पहुंचने की उम्मीद है. भारत सरकार तेजी से प्लास्टिक की समस्या से निपटने के लिए ठोस कदम उठा रही है. सरकार ने जून 2022 से एकल-उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं पर प्रतिबंध लगा दिया है और यह सुनिश्चित करना हम में से प्रत्येक पर निर्भर है कि हम प्लास्टिक की खपत को कम करें.

Tags: Environment, Health, Lifestyle

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