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World Rabies Day 2022: कुत्ता और बिल्ली ही नहीं, इन जानवरों के काटने से भी फैलती है रेबीज

एंटी-रेबीज वैक्सीन समय पर लगवाकर इस बीमारी को खत्म किया जा सकता है.

एंटी-रेबीज वैक्सीन समय पर लगवाकर इस बीमारी को खत्म किया जा सकता है.

World Rabies Day Significance: भारत में 15 साल से कम उम्र के हजारों बच्चे हर साल रेबीज की चपेट में आ जाते हैं. इस बीमा ...अधिक पढ़ें

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हाइलाइट्स

रेबीज की वजह से दुनिया में हर साल 50 हजार से ज्यादा लोग जान गंवा देते हैं.
रेबीज से सबसे ज्यादा मौतें भारत में होती हैं, जिनमें बच्चों की संख्या ज्यादा है.

How To Prevent Rabies: देश में हर साल रेबीज की वजह से करीब 20 हजार लोगों की मौत हो जाती है. रेबीज एक वायरल डिजीज है, जो कुत्ता, बिल्ली, बंदर समेत कई जानवरों के काटने से फैलती है. डब्ल्यूएचओ के मुताबिक एशिया और अफ्रीका में इस जूनोटिक डिजीज का सबसे ज्यादा खतरा होता है. भारत में रेबीज के मामले सबसे ज्यादा सामने आते हैं. दुनिया के कुल 36% रेबीज के मामले भारत में रिपोर्ट किए जाते हैं. हैरानी की बात यह है कि देश में 15 साल से कम उम्र के बच्चे रेबीज की चपेट में सबसे ज्यादा आते हैं. इस बीमारी को लेकर लोगों के बीच बेहद कम जागरूकता है. यही कारण है कि हर साल 28 सितंबर को लोगों को अवेयर करने के लिए ‘वर्ल्ड रेबीज डे’ मनाया जाता है. आपको रेबीज से जुड़ी जरूरी बातें जान लेनी चाहिए.

कैसे फैलती है रेबीज की बीमारी?
नई दिल्ली के हैरी पेट्स क्लीनिक एंड सर्जरी सेंटर के डॉ. हरअवतार सिंह के अनुसार कुत्ता, बिल्ली व बंदर समेत कई जानवरों के काटने से रेबीज का वायरस इंसानों के शरीर में पहुंच जाता है. कुत्ते की लार में लासा वायरस पाया जाता है, जिससे रेबीज की बीमारी फैलती है. यह बीमारी बेहद खतरनाक होती है और कुत्ते के काटने के 24 घंटों के अंदर एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवानी चाहिए. रेबीज के अधिकतर मामले कुत्ते के काटने से होते हैं. कई लोग सोचते हैं कि पातलू कुत्तों के काटने से खतरा कम होता है लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है. इन सभी जानवरों के काटने से यह जानलेवा बीमारी हो सकती है.

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इन जानवरों से फैलती है रेबीज की बीमारी?
डॉ. हरअवतार सिंह के मुताबिक ज्यादातर लोगों को लगता है कि सिर्फ कुत्ते के काटने से रेबीज की बीमारी फैलती है, लेकिन ऐसा नहीं है. रेबीज का वायरस कुत्ता, बिल्ली, बंदर, लोमड़ी, सियार, नेवला में भी होता है. इसके अलावा चमगादड़ भी रेबीज फैला सकता है. कई पशु और पक्षियों के अंदर रेबीज का वायरस होता है. अगर इनमें से कोई भी जानवर आपको काट ले तो 24 घंटे के अंदर एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवानी चाहिए. इलाज में लापरवाही बरतने से व्यक्ति की मौत हो सकती है.

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क्या होना चाहिए कुत्ता काटने के बाद प्राइमरी ट्रीटमेंट
डॉ. हरअवतार सिंह कहते हैं कि शरीर की जिस जगह पर कुत्ता या रेबीज के खतरे वाला कोई जानवर काटे, उस जगह को साबुन और पानी से करीब 10 मिनट तक लगातार धोते रहना चाहिए. लासा वायरस साबुन में मौजूद तत्वों की वजह से खत्म हो जाता है. इसके बाद आप घाव पर एंटी बैक्टीरियल या कोई अन्य घाव ठीक करने वाली क्रीम लगा सकते हैं. हालांकि यह सिर्फ प्रायमरी ट्रीटमेंट है जो तुरंत करना चाहिए. इसके बाद डॉक्टर से मिलकर एंटी-रेबीज वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए. अगर आपको रैबीज से संक्रमित कुत्ते ने काटा है तो तुरंत प्रॉपर ट्रीटमेंट शुरू करवा देना चाहिए.

रेबीज से कैसे करें बचाव?
एक्सपर्ट के मुताबिक अगर आप कुत्ता या बिल्ली पाल रहे हैं तो वेटरनरी डॉक्टर से मिलकर एनिमल का रेबीज का वैक्सीनेशन करा लेना चाहिए. यह हर साल कराना चाहिए. अगर कुत्ता फुली वैक्सीनेटेड है और किसी को काट लेता है, तो मौत होने का खतरा कम हो जाता है. अगर कुत्ता ज्यादा एग्रेसिव हो रहा है तो वेटरनरी डॉक्टर को दिखाना चाहिए. इसके अलावा लोगों को जानवरों से छोटे बच्चों को दूर रखना चाहिए. अगर कुत्ता काट ले तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर इलाज करवाना चाहिए.

Tags: Disease, Dogs, Health, Lifestyle, Trending news

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