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World Retina Day 2022: आंखों के लिए सामान्य नहीं है धुंधलापन और चक्कर आना, हो सकती है रेटिना की बीमारी

रेटिना की बीमारी के शुरुआती लक्षण को समझ पाना आसान नहीं है.

रेटिना की बीमारी के शुरुआती लक्षण को समझ पाना आसान नहीं है.

Symptoms of Retinal Disease: एएमडी और डीएमई के लिए कई तरह के इलाज हैं. इससे पीड़ित लोग एंटी वीईजीएफ इंजेक्शन ले सकते है ...अधिक पढ़ें

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हाइलाइट्स

कई बार खराब जीवनशैली और खानपान की वजह से हमारी आंखें कमजोर होने लगती हैं.
आंखों में धुंधलापन रेटिना संबंधी बीमारी का एक बड़ा संकेत है.
कई बार एएमडी और डीएमई रोग मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करते हैं.

World Retina Day 2022: आज जब पूरी दुनिया ‘विश्व रेटिना दिवस’ मना रही है, तब यह जानना बहुत ही ज़रूरी हो जाता है कि आखिर इसका मकसद क्या है? आंखें हमारे शरीर का सबसे अभिन्न हिस्सा है. बिना आंखों के हम जीवन जीने की कल्पना भी नहीं कर सकते, इसलिए इसकी देखभाल दूसरे अंग से कही ज्यादा ज़रूरी होता है. ‘विश्व रेटिना दिवस’ का सबसे बड़ा मकसद रेटिनाइटिस पिगमेंटोसा और उससे जुड़ी बीमारियों को समझ सकें और उनका इलाज तलाश सकें.

रेटिना हमारी आंख के अंदर एक बहुत पतली परत होती है जिसका हमारी दृष्टि में एक बहुत महत्वपूर्ण कार्य होता है. कई बार खराब जीवनशैली और खानपान की वजह से हमारी आंखें कमजोर होने लगती हैं. हेल्थशॉट्स के अनुसार अगर आप दिनभर अपनी आंखों को रगड़ते रहते हैं, आपको धुंधलापन नजर आता है या फिर आप चक्कर महसूस करते हैं तो आप रेटिना की बीमारी से पीड़ित हो सकते हैं.

रेटिना संबंधी दो सबसे सामान्य बीमारियां हैं जो लोगों में अक्सर देखने को मिलती हैं.

एज रिलेटेड मैक्युलर डिजनरेशन – ( Age-related Macular Degeneration (AMD))
रेटिना संबंधी ये बीमारी सामान्यत: 50 से अधिक उम्र के लोगों में देखने को मिलती है. उम्र बढ़ने के साथ-साथ यह लोगों को और अधिक प्रभावित करती है. यह आंख के पीछे स्थिति रेटिना के मैक्यूला भाग को प्रभावित करता है. इस बीमारी में व्यक्ति की दृष्टि को प्रभावित होती ही है साथ ही इसमें रंगों में भेद करने और बारीक चीजों को देखने में भी समस्या होती है.

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डायबिटिक रेटिनोपैथी (Diabetic Retinopathy ): डायबिटिक रेटिनोपैथी की एक जटिलता है, जो आंख के पिछले हिस्से (रेटिना) को प्रभावित करती है. इसमें रेटिना की रक्त कोशिकाएं प्रभावित होतीं है जो कि मधुमेह रोगियों में स्थायी अंधापन या दृष्टि हानि का कारण बनता है. एक रिपोर्ट के अनुसार, इस बीमारी से संबंधित करीब 10 लाख मामले हर साल भारत में सामने आते हैं. अगर इन मरीजों को सही समय पर ठीक इलाज न मिले तो 5 साल के अंदर वे अंधे सकते हैं.

रेटिना की बीमारी के शुरुआती लक्षण
डीएमई और वेट एएमडी जैसे रेटिनल रोगों के लक्षणों को समझना शुरुआत में समस्याओं की पहचान करने और तुरंत देखभाल करने के लिए बहुत जरूरी है. रेटिनल रोगों के सामान्य संकेतों और लक्षणों में शामिल हैं….

  • धुंधला दिखाई देना या फिर कोई आकृति बदली हुई नजर आना
  •  रंग को पहचानने में समस्या होना.
  •  प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता में कमी.
  •  दृष्टि में काले धब्बे का अनुभव करना.
  •  कोई भी सीधी रेखा का टेढ़ा-मेढ़ा या फिर लहराते हुए दिखाई देना.
  •  दूर की चीजों को देखने में दिक्कत आना.

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रेटिना संबंधी बीमारी के शुरुआती लक्षणों विशेषरूप से डीएमई के लक्षणों को पहचानना आसान नहीं होता, इसलिए अगर आप डायबिटीज से पीड़ित हैं तो समय समय पर पर नेत्र विशेषज्ञ से आंखों की जांच जरूर कराएं.

एएमडी और डीएमई का इलाज
एएमडी और डीएमई के लिए कई तरह के इलाज हैं. इससे पीड़ित लोग एंटी वीईजीएफ इंजेक्शन ले सकते हैं, लेजर विधि से इलाज करा सकते हैं, या फिर सर्जरी का भी सहारा ले सकते हैं. इसके अतिरिक्त नियमित रूप से एक्सरसाइज और धूम्रपान को बंद करके भी इस समया को कुछ हद तक रोका या फिक कम किया जा सकता है.

कई बार एएमडी और डीएमई रोग मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करते हैं, इसलिए बेहद जरूरी है कि इनके लक्षणों को नजरअंदाज न किया जाए और समय पर इलाज शुरू करें.

Tags: Eyes, Health, Lifestyle

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