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World Retina Day 2022: बढ़ती उम्र में अपनाएं ये 3 तरीके, कमजोर नहीं होगी आंखों की रोशनी

उम्र बढ़ने के साथ साथ आंखों में भी कई तरह की दिक्कतें सामने आने लगती हैं.

उम्र बढ़ने के साथ साथ आंखों में भी कई तरह की दिक्कतें सामने आने लगती हैं.

World Retina Day: आंखों की रोशनी को बनाए रखने के लिए जरूरी है कि आप आंख संबंधी बीमारियों के प्रति जागरूक रहें. इसके बाद ...अधिक पढ़ें

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हाइलाइट्स

हमारी बढ़ती उम्र की वजह से भी कई बार रेटिना संबंधी दिक्कतें सामने आ जाती हैं.
धूम्रपान की आदत हमारे रेटिना के लिए बेहद नुकसानदेह है.
आंखों को सूर्य की पराबैगनी किरणों से भी बचाना चाहिए.

 How to Improve Visison : बढ़ती उम्र के साथ जैसे हमारे शरीर के दूसरे अंगों में कार्य करने की वह क्षमता नहीं बचती ठीक वैसे ही आंखें भी समय के साथ कमजोर हो जाती है. बढ़ती उम्र में आंखों की रोशनी कम होना एक सामान्य बात है. एक रिपोर्ट के मुताबिक दुनियाभर में 50 वर्ष की उम्र से अधिक करीब 20 प्रतिशत लोग अंधेपन के साथ जीवन जीते हैं. जागरूकता में कमी, इलाज न होना वृद्ध लोगों में रेटिना संबंधी की बीमारियों को बढ़ा देता है.

हेल्थसाइट वेबसाइट के अनुसार देखने में कमी और रेटिना संबंधी बीमारियों से ग्रस्त होने की वजह से कई लोग अवसाद में पड़ जाते हैं और इससे उनका मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है. आंख हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण भाग है इसलिए हमें इसके स्वास्थ्य और इससे जुड़ी बीमारियों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है.

उम्र बढ़ने से जुड़ी आंखों की सामान्य समस्याएं
नेत्र विशेषज्ञों के अनुसार, रेटिना की बामीरियों के कारण लोगों में आज तेजी से दृष्टि संबंधी समस्याएं देखने को मिल रही हैं. इसके सबसे अधिक मामले बुजुर्गों में ही सामने आ रहे हैं. बुजुर्गों को प्रभावित करने वाली सबसे आम रेटिनल बीमारियों में मोतियाबिंद, मधुमेह रेटिनोपैथी (DR) शामिल हैं. इसके अतिरिक्त बुजुर्गों में एज रिलेटेड मक्युलर डिजनरेशन की भी समस्या आती है. इसमें लोगों को आंखों के सामने धब्बे नजर आने लगते हैं. इसको सबसे अधिक दो बातें प्रभावित करती है बढ़ती उम्र और धूम्रपान.

बढ़ती उम्र से साथ अच्छी दृष्टि के लिए अपनाएं ये टिप्स

आंखों की रोशनी को बनाए रखने के लिए जरूरी है कि आप आंख संबंधी बीमारियों के प्रति जागरूक रहें. इसके बाद यह जानना जरूरी है कि अगर कोई बीमारी है तो उसका उचित इलाज क्या है. आप नियमों का पालन करके भी आंखों की रोशनी को ठीक रख सकते हैं. बुजुर्गों के लिए बेहतर दृष्टि सुनिश्चित करने के लिए ये कुछ खास टिप्स हैं…

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हमेशा आंखों को प्रोटेक्ट करें
वैसे तो सभी उम्र के लोगों को सूर्य की रोशनी या फिर किसी अन्य तेज रोशनी से आंखों को बचाना चाहिए लेकिन अगर आपकी उम्र 50 वर्ष से अधिक की है तो इस पर आपको विशेषतौर पर ध्यान देने की जरूरत है. सूर्य की पराबैगनी किरणें आंखों को काफी नुकसान पहुंचाती हैं इस लिए कभी भी सीधे नग्न आंखों से सूर्य की तरफ नहीं देखना चाहिए. यूवी किरणें रेटिना को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाती हैं. अधिकांश लोगों को इसका एहसास तब तक नहीं होता जब तक बहुत देर हो चुकी होती है। यदि आप पहले से ही रेटिना या आंख संबंधी किसी समस्या का सामना कर रहे हैं तो चश्मे का प्रयोग करें.

स्वस्थ जीवन शैली चुनें
हमारा खानपान और हमारी जीवनशैली का बहुत असर हमारी आंखों पर पड़ता है. आखों को स्वस्थ्य बनाए रखने के लिए हमें एक स्वस्थ्य जीवशैली का चुनाव करना पड़ेगा. हमें ऐसे पोषक तत्वों का अपने आहार में शामिल करना होगा जो हमारी रोशनी बढ़ाते हों. यदि आप पहले से ही कुछ रेटिना रोगों का सामना कर रहे हैं तो धूम्रपान छोड़ना बहुत जरूरी है. धूम्रपान आपके रेटिना संबंधी समस्याओं को बढ़ा सकता है साथ ही यह दृष्टि हानि का एक कारण भी बन सकता है. एंटीऑक्सिडेंट और आवश्यक खनिजों वाले खाद्य पदार्थों पर विचार करें.

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ब्लड प्रेशर, ग्लकोज के स्तर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच करें
हाई ब्लडप्रेशर, कोलेस्ट्रॉल की समस्या हमारे हृदय संबंधी बीमारी के खतरे को बढ़ाता है लेकिन अगर इन पर ध्यान नहीं दिया गया तो इनका असर हमारी आंखों पर भी पड़ने लगता है. इसलिए जरूरी है कि अगर आप इन समस्याओं से ग्रसित हैं तो समय समय पर इनकी जांच जरूर कराएं.

Tags: Eyes, Health, Lifestyle

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