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World Zoonoses Day 2022: जानवरों से इंसानों में फैलती हैं कई बीमारियां, जानें इनसे कैसे करें बचाव 

जानवरों से कई बीमारियां इंसानों में फैल जाती हैं.

जानवरों से कई बीमारियां इंसानों में फैल जाती हैं.

पूरे विश्व में जूनोटिक रोग बहुत कॉमन हैं. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि लोगों में फैलने वाले हर 10 संक्रामक रोगों में से 6 से अधिक जानवरों से फैल सकते हैं. इसलिए सावधानी बेहद जरूरी है.

Zoonotic Diseases and Prevention: दुनियाभर में हर साल 6 जुलाई को ‘वर्ल्ड जूनोसेस डे’ मनाया जाता है. इस दिन का उद्देश्य जानवरों से इंसानों में फैलने वाली बीमारियों के प्रति जागरुकता फैलाना होता है. फ्रांसीसी वैज्ञानिक लुइस पाश्चर ने 6 जुलाई 1885 को कुत्तों से फैलने वाली बीमारी रैबीज का सफलतापूर्वक पहला टीका लगाया था. उनकी याद में हर साल ‘जूनोसेस डे’ सेलिब्रेट किया जाता है. बड़ी संख्या में लोग इन संक्रामक बीमारियों के बारे में नहीं जानते हैं, जिसकी वजह से वे संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं. आज आपको बताएंगे कि जूनोटिक डिजीज क्या होती हैं और उनसे किस तरह बचाव कर सकते हैं.

क्या होती हैं जूनोटिक डिजीज?

सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार कई बार जानवरों से खतरनाक वायरस, बैक्टीरिया, पैरासाइट और फंजाई इंसानों तक पहुंच जाते हैं और इसकी वजह से तमाम संक्रामक बीमारियां फैल जाती हैं. इसके अलावा कई बार इंसानों से जानवरों में भी इस तरह के बैक्टीरिया या वायरस पहुंच जाते हैं. इन संक्रामक बीमारियों को ‘जूनोटिक डिजीज’ या ‘जूनोसेस’ कहा जाता है. कई बार स्वस्थ दिखने वाले पशुओं में इस तरह के वायरस हो सकते हैं. दुनिया भर में जूनोटिक रोग बहुत आम हैं. एक्सपर्ट्स के मुताबिक लोगों में हर 10 ज्ञात संक्रामक रोगों में से 6 से अधिक जानवरों से फैल सकते हैं. इसके अलावा लोगों में हर 4 नए या उभरते संक्रामक रोगों में से 3 जानवरों से आते हैं.

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कैसे इंसानों में पहुंचती हैं ये डिजीज?

संक्रमित जानवर की लार, खून, यूरिन, मल या उसके शरीर के अन्य तरल पदार्थों के संपर्क में आने से इंसान इसकी चपेट में आ सकता है. पालतू जानवरों को ज्यादा छूने और खरोच से बचना चाहिए. कई बार जानवर जहां रहते हैं उन स्थानों पर जाना और उसकी सतह के संपर्क में आना भी इन बीमारियों की वजह बन सकता है. एक्वेरियम टैंक का पानी, पालतू जानवरों के आवास, चिकन कॉप, खलिहान, पौधे और मिट्टी के साथ-साथ पालतू भोजन और पानी से दूरी बरतनी चाहिए. कई बार जानवरों के कीड़े और पिस्सू जैसे कीट के काटने से संक्रमण फैल जाता है. किसी संक्रमित जानवर के मल से दूषित पानी पीना या उसके संपर्क में आना भी खतरनाक होता है.

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जूनोटिक डिजीज से कैसे करें बचाव?

सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) ने जूनोटिक रोगों से बचाव के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं. इसके मुताबिक आप पेट्स को छूने के बाद आप साबुन से हाथ अच्छी तरह धोएं. इसके अलावा आप सैनिटाइजर से हाथ साफ कर सकते हैं. जानवरों से उचित दूरी बनाए रखें और कोशिश करें कि उनके सीधे संपर्क में ना आएं. मच्छर, मक्खी या किसी तरह के कीड़ों से खुद का बचाव करें और जानवरों का भी. खाने-पीने के सामानों को लेकर सावधानी बरतें. इसके अलावा जूनोटिक डिजीज के बारे में जागरूक रहें.

Tags: Disease, Fitness, Health, Lifestyle

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