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पीले नाखून हो सकते हैं बैड कोलेस्ट्रॉल का संकेत, इन लक्षणों को न करें नज़रअंदाज़ 

हाई कोलेस्‍ट्रॉल से हो सकती है गंभीर समस्‍या. (Image Canva)

हाई कोलेस्‍ट्रॉल से हो सकती है गंभीर समस्‍या. (Image Canva)

Sign Of Bad Cholesterol: बैड कोलेस्‍ट्रॉल बॉडी के लिए हानिकारक माना जाता है, जो ब्‍लड वेसेल्‍स में जमकर ब्‍लॉकेज बनाता ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

कोलेस्‍ट्रॉल लेवल बढ़ने पर पैर में पड़ने लगते हैं क्रैम्‍प्‍स.
एक पैर का तापमान दूसरे पैर से हो सकता है ज्‍यादा या कम.
पैरों के नाखून भी पड़ने लगते हैं पीले.

Sign Of Bad Cholesterol: नाखूनों में पीलापन, दरारें और खुरदुरापन सामान्‍य नहीं होता. ये लक्षण बैड कोलेस्‍ट्रॉल लेवल की वजह से हो सकते हैं. बैड कोलेस्‍ट्रॉल लेवल बढ़ने के कई कारण जिम्‍मेदार होते हैं. लिवर में बनने वाले मोम जैसा पदार्थ कोलेस्‍ट्रॉल होता है. ह्यूमन बॉडी में दो तरह के कोलेस्‍ट्रॉल होते हैं गुड कोलेस्‍ट्रॉल और बैड कोलेस्‍ट्रॉल. बैड कोलेस्‍ट्रॉल बॉडी के लिए हानिकारक माना जाता है, जो ब्‍लड वेसेल्‍स में जमकर ब्‍लॉकेज बनाता है, जिससे ब्‍लड फ्लो में रुकावट आती है और आगे चलकर ये हाई ब्‍लड प्रेशर, हार्ट अटैक और स्‍ट्रोक जैसी समस्‍या का कारण बनता है. बॉडी में हेल्‍दी सेल्‍स के निर्माण में कोलेस्‍ट्रॉल अहम भूमिका निभाता है, लेकिन इसकी अधिक मात्रा परेशानी बन सकती है. बैड कोलेस्‍ट्रॉल का लेवल बढ़ने पर बॉडी कई तरह के संकेत देती है. इन लक्षणों को पहचान कर समय पर उपचार गंभीर बिमारी से बचा सकता है.

कोलेस्‍ट्रॉल का स्‍तर बढ़ने के लक्षण
हेल्‍थशॉट्स के मुताबिक, कोलेस्‍ट्रॉल का स्‍तर बढ़ने पर पैर, जांघ, कूल्‍हे, पिंडलियों और पंजे में क्रैम्‍प्‍स यानी ऐंठन होने लगती है. कुछ देर आराम करने पर ये क्रैम्‍प्‍स अपने आप ठीक हो जाते हैं. कोलेस्‍ट्रॉल का स्‍तर बढ़ने पर त्‍वचा का रंग पीला या नीला सा दिखाई पड़ने लगता है. हाथ और पैर के नाखून बढ़ने की रफ्तार धीमा पड़ना भी कोलेस्‍ट्रॉल लेवल बढ़ने का संकेत हो सकता है.

पैरों का सुन्‍न पड़ना
जब ब्‍लड में बैड कोलेस्‍ट्रॉल का लेवल बहुत ज्‍यादा बढ़ जाता है, तब पैरों तक ब्‍लड फ्लो सही ढंग से नहीं हो पाता है और इस वजह से कई बार पैर सुन्‍न पड़ने लगते हैं. ऐसा होने पर पैरों में झनझनाहट भी महसूस हो सकती है.

पैरों के तामपान में अंतर
कोलेस्‍ट्रॉल लेवल बढ़ने पर एक पैर का तापमान दूसरे पैर की तुलना में ज्‍यादा या कम हो सकता है. इसके अलावा जब ब्‍लड वेसेल्‍स में कोलेस्‍ट्रॉल की वजह से प्‍लाक जम जाता है तब ब्‍लड फ्लो में रुकावट पैदा हो जाती है. इससे पैरों में खून की कमी होने लगती है जिस वजह से कई बार पैर ठंडे पड़ जाते हैं.

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नाखूनों का पीला पड़ना
ब्‍लड में कोलेस्‍ट्रॉल का लेवल हाई होने पर पैरों के नाखूनों पर इसका असर साफ दिखाई देने लगता है. आमतौर पर नाखूनों का रंग गुलाबी होता है, लेकिन बढ़े हुए कोलेस्‍ट्रॉल के कारण जब ब्‍लड पर्याप्‍त मात्रा में नहीं पहुंच पाता है तब नाखून पीले पड़ने लगते हैं.

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त्‍वचा में सूखापन
बैड कोलेस्‍ट्रॉल का हाई लेवल त्‍वचा के नीचे ब्‍लड फ्लो को कम कर देता है, इस वजह से त्‍वचा की कोशिकाओं को पर्याप्‍त मात्रा में पोषण नहीं मिल पाता है और त्‍वचा का रंग पीला पड़ने लगता है और इसमें सूखापन भी आ जाता है.

Tags: Health, Heart Disease, Lifestyle

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