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क्या काम करते हुए आपकी सांस फूलने लगती है, तो जरूर अपनाएं ये उपाय

जिन लोगों को फेफड़ों या दिल से जुड़ी बीमारियां हैं, उन्हें लेटने से सांस फूलने की समस्या हो जाती है.
जिन लोगों को फेफड़ों या दिल से जुड़ी बीमारियां हैं, उन्हें लेटने से सांस फूलने की समस्या हो जाती है.

सांस फूलने (Shortness of Breathe) पर ऐसा लगता है जैसे कि सांस लेने में कठिनाई हो रही है, गहरी सांस नहीं ले पा रहे हों और इसके साथ छाती में जकड़न भी लग सकती है.

  • Last Updated: November 30, 2020, 2:54 PM IST
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कुछ लोगों को कोई भी काम करते हुए अचानक से सांस (Breathe) फूलने की समस्या हो सकती है, भले ही केवल थोड़े समय के लिए ऐसा हो. कुछ लोगों को यही दिक्कत लंबे समय तक या नियमित रूप से हो सकती है. सांस फूलना या सांस चढ़ना एक ऐसी बेचैनी वाली स्थिति है जिसमें फेफड़ों (Lungs) तक पर्याप्त ऑक्सीजन पहुंचने में दिक्कत होने लगती है. जब व्यक्ति ज्यादा मेहनत भरा या तनाव भरा काम करता है, तो सांस फूलना आम है लेकिन किसी तरह की मेहनत किए बिना अचानक यह समस्या होती है तो यह एक मेडिकल स्थिति हो सकती है.

सांस फूलने पर दिखते हैं ये लक्षण



myUpchar के अनुसार, सांस फूलने पर ऐसा लगता है जैसे कि सांस लेने में कठिनाई हो रही है, गहरी सांस नहीं ले पा रहे हों और इसके साथ छाती में जकड़न भी लग सकती है. अचानक होने वाली सांस फूलने की समस्या कुछ मिनट में विकसित हो जाती है और इसमें बुखार, चकत्ते, खांसी जैसे लक्षण देखे जा सकते हैं. जिन लोगों को फेफड़ों या दिल से जुड़ी बीमारियां हैं, उन्हें लेटने से सांस फूलने की समस्या हो जाती है. अगर सांस फूलने और छाती में दर्द जैसी दिक्कत एक साथ हो, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए.
ये हो सकते हैं कारण

कई बार नियमित रूप से होने वाली सांस की समस्या की वजह सामान्य भी हो सकती है और यह किसी गंभीर समस्या से भी जुड़ा हो सकता है. हर समय अगर सांस फूलने की दिक्कत होती है तो इसके पीछे वायु प्रदूषण या हवा में एलर्जिक पदार्थ होना, चिंता, ज्यादा वजन होना, धूम्रपान, तापमान अधिक होना या भारी व्यायाम करने जैसे कारण हो सकते हैं. इसके अलावा कुछ ऐसी समस्याएं हो सकती है जो कि दिल और फेफड़ों को प्रभावित करती हैं जिसमें एनीमिया, दिल के कार्यों में असामान्यता, अस्थमा, फेफड़ों में कैंसर, सीओपीडी, टीबी आदि शामिल हैं.

ऐसे होता है निदान और इलाज

डॉक्टर निदान के लिए छाती का एक्स-रे या सीटी स्कैन, ईसीजी, पल्स ऑक्सिमेट्री, ब्लड टेस्ट आदि करवा सकते हैं. सांस फूलने के कारणों के आधार पर इलाज निश्चित किया जाता है. अगर मरीज तेजी से सांस नहीं ले पा रहा हो, तो ब्रीदिंग वेंटिलेशन दिया जाता है. खून में ऑक्सीजन की मात्रा कम होने की स्थिति में ऑक्सीजन सप्लिमेंट्स दिए जाते हैं, जिसमें प्लास्टिक नेजल स्प्रे या प्लास्टिक मास्क का इस्तेमाल किया जाता है.

ये उपाय भी कारगर

अगर मेडिकल इमर्जेंसी नहीं है तो व्यक्ति कुछ अन्य तरीकों से आराम पाने की कोशिश कर सकता है, जिसमें सांस फूलने के उपचार में मदद करने वाले व्यायाम, लेटने या खड़े होने की आरामदायक स्थिति तलाशना, गहरी सांस लेना आदि शामिल है. इसके अलावा सांस लेने की एक पद्धति के बारे में भी पता किया जा सकता है, जिसकी मदद से सांस लेने की गति को धीमा करके सांस फूलने की समस्या का इलाज किया जाता है. भाप लेना भी एक अच्छा उपाय है, जिससे वायुमार्गों को खुला रखने में मदद मिलती है. ताजा अदरक का सेवन भी मददगार साबित हो सकता है. यदि श्वसन तंत्र में संक्रमण की वजह से सांस फूलने की समस्या है तो ऐसे में किसी गर्म पेय में अदरक मिलाकर पीने से फायदा हो सकता है.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, सांस फूलना पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.

अस्वीकरण : इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए ना तो myUpchar और ना ही News18 जिम्मेदार होगा।

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