बिहार में दर्ज हुए हैं कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के सबसे अधिक मामले

यह आंकड़ा चौंकाने वाला है कि दिल्ली (11.7%) के मुताबिक बिहार (17.8%) में नौकरीपेशा महिलाएं अधिक हैं. वहीं दर्ज केसेज के मामले में भी बिहार दिल्ली के साथ-साथ अन्य राज्यों से आगे है

News18Hindi
Updated: July 24, 2019, 11:35 AM IST
बिहार में दर्ज हुए हैं कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के सबसे अधिक मामले
यह आंकड़ा चौंकाने वाला है कि दिल्ली (11.7%) के मुताबिक बिहार (17.8%) में नौकरीपेशा महिलाएं अधिक हैं. वहीं दर्ज केसेज के मामले में भी बिहार दिल्ली के साथ-साथ अन्य राज्यों से आगे है
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Updated: July 24, 2019, 11:35 AM IST
साल 2013 में 'सेक्सुअल हैरेसमेंट ऑफ वुमन एट वर्कप्लेस एक्ट' आया था. इस एक्ट में विशाखा गाइडलाइंस के अनुरूप ही कार्यस्थल में महिलाओं के अधिकार साथ ही समानता, यौन उत्पीड़न से मुक्त कार्यस्थल बनाने का प्रावधान भी शामिल किया गया. इस एक्ट के तहत किसी भी महिला को कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के ख़िलाफ़ सिविल और क्रिमिनल दोनों ही तरह की कार्रवाई का सहारा लेने का अधिकार है.

हाल ही लोकसभा में महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने इसी एक्ट के तहत कार्यस्थल पर महिलाओं द्वारा यौन उत्पीड़न के खिलाफ किए गए केसेज की संख्या पर चर्चा की. स्मृति ईरानी ने आंकड़ो के आधार पर कई चौंकाने वाले खुलासे किए. ईरानी के हवाले से पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार देश के वो राज्य जहां सबसे अधिक वर्किंग महिलाएं हैं, वहां कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के सबसे कम या ज़ीरो मामले देखने को मिले हैं.

देश में सबसे अधिक नौकरीपेशा महिलाएं नॉर्थ ईस्ट राज्यों में हैं. मिजोरम में जहां 59% महिलाएं नौकरी करती हैं, वहीं नगालैंड 55.9%, अरुणाचल 51.6%, मेघालय 49.9% , सिक्किम 48.2%, त्रिपुरा 45.3% और मणिपुर में 46.4%. लेकिन इन सभी राज्यों में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के एक भी केस दर्ज नहीं हैं. इन राज्यों में जम्मू-कस्मीर, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड भी शामिल हैं.
जहां सबसे ज्यादा केस दर्ज हुए

यह आंकड़ा चौंकाने वाला है कि दिल्ली (11.7%) के मुताबिक बिहार (17.8%) में नौकरीपेशा महिलाएं अधिक हैं. वहीं दर्ज केसेज के मामले में भी बिहार दिल्ली के साथ-साथ अन्य राज्यों से आगे है. बिहार में सबसे अधिक 2016 में 73 केसेज दर्ज हुए हैं. यानी बिहार में मौजूद कार्यस्थल महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं हैं. लेकिन बात 2015 और 2014 की करें तो 0 केस दर्ज हुए हैं.

वहीं देश की राजधानी दिल्ली में इसी साल (2016) में केवल 9 कसेज दर्ज हुए हैं. इसके पूर्व 2015 में 36 और 2014 में 11.

बात अगर महाराष्ट्र की करें तो यहां नौकरीपेशा महिलाओं का प्रतिशत 32.8% है. वहीं कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के दर्ज मामलों के आंकड़े कुछ इस तरह हैं.
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2016- 11
2015-27
2014-10

केरल

नौकरीपेशा महिलाएं - 23.7%
दर्ज मामले, 2016 - 8
2015- 0
2014- 6

आंध्र प्रदेश

नौकरीपेशा महिलाएं - 47%
दर्ज मामले, 2016 - 7
2015- 3
2014- 3

तेलंगाना

नौकरीपेशा महिलाएं - 23.7%
दर्ज मामले, 2016 - 8
2015- 32
2014- 5

प.बंगाल

नौकरीपेशा महिलाएं - 20.5%
दर्ज मामले, 2016 - 0
2015- 6
2014- 4

पूरे देशभर की बात करें तो साल 2014 में देश में कार्यस्थल पर होने वाले यौन उत्पीड़न के कुल 57 मामले दर्ज हुए, 2015 में 119 और 2016 में 142.
First published: July 24, 2019, 11:35 AM IST
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