स्मार्टफोन और टीवी की लत छुड़वाएगी इस राज्य की सरकार, उठाएगी ये कदम

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Updated: September 12, 2019, 12:13 PM IST
स्मार्टफोन और टीवी की लत छुड़वाएगी इस राज्य की सरकार, उठाएगी ये कदम
छात्रों से स्मार्टफोन-टीवी की लत छुड़ाने के लिए हिमाचल सरकार उठाएगी ये कदम!

अगले सेशन 2020-21 के तहत इस नए पाठ्यक्रम में सोशल साइंस और मोरल साइंस जैसे विषय भी होंगे. इस सिलसिले में इसी हफ्ते होने वाली स्कूल शिक्षा बोर्ड की मीटिंग में अंतिम फैसला होने की संभावना है.

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  • Last Updated: September 12, 2019, 12:13 PM IST
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शिमला. इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स ने जीवन को काफी आसान बनाया है लेकिन इसके कई दुष्परिणाम भी हैं. अब सरकार सरकारी स्कूलों में स्मार्टफोन और टीवी से होने वाले नुकसान और इसे छुड़ाने के लिए विशेष सिलेबस लेकर आई है. हिमाचल सरकार ने विद्यार्थियों में प्रसन्नता के स्तर को बरकरार रखने के लिए यह निर्णय लिया है. इससे साथ ही छात्रों को योग, सदाचार, स्वच्छता के साथ नशे से दूरी बनाने के बारे में भी जागरूक किया जाएगा. हिमाचल सरकार आगामी सेशन 2020-21 से कक्षा 9 और हाई स्कूल के विद्यार्थियों के लिए यह योजना बना रही है.

अगले सेशन 2020-21 के तहत इस नए सिलेबस में सोशल साइंस और मोरल साइंस जैसे विषय भी होंगे. इस सिलसिले में इसी हफ्ते होने वाली स्कूल शिक्षा बोर्ड की मीटिंग में अंतिम फैसला होने की संभावना है. हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि सरकार छात्रों के व्यक्तित्व के हर पहलू के समुचित विकास के लिए सेशन 2020-21 से यह व्यवस्था लागू कर सकती है.

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वेबसाइट अमर उजाला में प्रकाशित खबर के हवाले से, इस सिलेबस में नशे के प्रति जागरूकता के लिए एनसीईआरटी सोलन की ओर से सिलेबस बनाया जा रहा है जिसे अगले साल से लागू किया जा सकेगा. साथ ही विद्यालयों में साफ, सफाई, योग और सड़क पर चलने के नियमों की भी जानकारी दी जाएगी.

शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने यह भी बताया कि छात्रों को वातावरण को शुद्ध और स्वच्छ रखने के प्रति भी जागरूक किया जाएगा. बता दें कि गत कुछ दिनों में स्कूलों में छात्रों द्वारा 89 हजार पौधे लगवाए गए ताकि वो पर्यावरण के महत्व को समझें. सबसे ख़ास बात यह है कि छात्रों को ही इन पेड़ पौधों के देखरेख की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है.

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सुरेश भारद्वाज ने कहा कि पिछले कुछ समय से छात्र पढ़ाई और किताबों के प्रति उदासीन हो रहे हैं. यह हमारे समाज और सरकार दोनों के लिए चिंता करने का मसला है. इस समस्या से निजात पाने के लिए सरकार सिलेबस में कई सकारात्मक परिवर्तन कर रही है.

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First published: September 12, 2019, 11:12 AM IST
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