Hindi Diwas 2019: भारत के अलावा इस देश की आधिकारिक भाषा है हिंदी

हिंदी जिन देशों में बोली जाती है उनमें पाकिस्तान, भूटान, नेपाल, बांग्लोदश, श्रीलंका, मालदीव, म्यांमार, इंडोनेशिया, सिंगापुर, थाईलैंड, चीन, जापान, ब्रिटेन, जर्मनी, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, मॉरिशस, यमन, युगांडा और त्रिनाड एंड टोबैगो, कनाडा आदि देश शामिल हैं

News18Hindi
Updated: September 13, 2019, 11:17 AM IST
Hindi Diwas 2019: भारत के अलावा इस देश की आधिकारिक भाषा है हिंदी
हिंदी जिन देशों में बोली जाती है उनमें पाकिस्तान, भूटान, नेपाल, बांग्लोदश, श्रीलंका, मालदीव, म्यांमार, इंडोनेशिया, सिंगापुर, थाईलैंड, चीन, जापान, ब्रिटेन, जर्मनी, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, मॉरिशस, यमन, युगांडा और त्रिनाड एंड टोबैगो, कनाडा आदि देश शामिल हैं
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Updated: September 13, 2019, 11:17 AM IST
14 सितंबर (14 september) यानी की कल हिंदी दिवस (hindi diwas) है. हिंदी विश्‍व में चौथी ऐसी भाषा है जिसे सबसे ज्‍यादा लोग बोलते हैं. ताजा आंकड़ों के मुताबिक वर्तमान में भारत में 43.63 फीसदी लोग हिंदी भाषा बोलते हैं. वहीं पूरे विश्व की बात करें तो दुनिया में तकरीबन 80 करोड़ लोग ऐसे हैं जो इसे बोल या समझ सकते हैं. भारत के बाहर हिंदी जिन देशों में बोली जाती है उनमें पाकिस्तान, भूटान, नेपाल, बांग्लोदश, श्रीलंका, मालदीव, म्यांमार, इंडोनेशिया, सिंगापुर, थाईलैंड, चीन, जापान, ब्रिटेन, जर्मनी, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, मॉरिशस, यमन, युगांडा और त्रिनाड एंड टोबैगो, कनाडा आदि देश शामिल हैं.

लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत के अलावा भी एक ऐसा देश है जहां कि आधिकारिक भाषा हिंदी है. फ़िजी (fiji), दक्षिण प्रशांत महासागर के मेलोनेशिया (melonasia)का वह द्वीप देश है जहां कि आधिकारिक भाषा हिंदी है. भारत की तरह ही फिज़ी भी ब्रिटेन सरकार की गुलामी का शिकार रहा है. जब ब्रिटेन ने इस द्वीप को अपने नियंत्रण में लेकर इसे अपना एक उपनिवेश बना लिया तब ब्रिटिश अक्सर भारतीय मजदूरों को यहां ठेके पर गन्ने की खेती में काम करने के लिए ले आए.

यहां अंग्रेजी, फ़िजी हिंदी आधि कई भाषाएं बोली और प्रयोग की जाती हैं. यहां बोली जाने वाली हिंदी अवधी भाषा का ही स्वरूप है. फ़िजी में अवध (awadh) क्षेत्र और रामायण का बोली में बहुत प्रभाव है. अवध में प्रयोग होने वाली शब्दावली आज भी यहां ज्यों के त्यों ही प्रचलित है.

'द इकोनोमिस्ट' के अनुसार 1977 में 255000 की संख्या के साथ फिजी मूल के नागरिक अल्पसंख्यक हो गये थे. 600000 की कुल जनसंख्या में से लगभग आधे नागरिक भारतीय मूल के थे, जबकि शेष चीनी, यूरोपीय और मिश्रित वंश के हैं.

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First published: September 13, 2019, 11:12 AM IST
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