हिन्दी दिवस 2020: बच्चों के लिए हिन्दी में निबंध लिखने के कुछ आसान टिप्स, ऐसे होगा फायदा

हिन्दी दिवस 2020: बच्चों के लिए हिन्दी में निबंध लिखने के कुछ आसान टिप्स, ऐसे होगा फायदा
आज भी लोग एबीसीडी तो फर्राटे से बोल लेते हैं, लेकिन क ख ग में जुबान अटक जाती है.

हिन्दी दिवस (Hindi Diwas) के अलावा कई जगहों पर हिन्दी पखवाड़ा भी मनाया जाता है जो पूरे 15 दिनों तक चलता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 14, 2020, 11:06 AM IST
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भारत की संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में हिन्दी (Hindi) को राजभाषा के रूप में अपनाया और यह दिन 14 सितंबर का था. यही कारण है कि हर साल 14 सितंबर को हिन्दी दिवस (Hindi Diwas) के रूप में मनाया जाता है. हालांकि भारत में हिन्दी दिवस सबसे पहले साल 1953 में मनाया गया, इसके बाद हर साल हिन्दी दिवस मनाया जाने लगा. हिन्दी दिवस के अलावा कई जगहों पर हिन्दी पखवाड़ा भी मनाया जाता है जो पूरे 15 दिनों तक चलता है. इसमें वाद-विवाद प्रतियोगिता, भाषण, निबन्ध लेखन जैसा स्पर्धाओं में स्कूल शिक्षा और कॉलेज शिक्षा दोनों के छात्र-छात्राएं भाग लेते हैं. इस लेख में निबन्ध पर विस्तार से बताया गया है.

क्या होता है निबंध
निबंध का अर्थ अच्छी तरह से बंधी हुई रचना होता है. क्रमबद्ध तरीके से लिखी गई रचना को निबंध कहा जाता है. निबंध के लिए किसी खास विषय की बाध्यता नहीं होती है. यह सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और वैज्ञानिक विषयों पर लिखा जा सकता है. सवाल यह भी आता है कि निबंध लिखने के लिए तरीका क्या होता है और इसे कैसे लिखा जाता है. इसके लिए कुछ तरीके यहां बताए गए हैं.

हिन्दी में निबंध लिखने के टिप्स
बिन्दुओं में लिखें


किसी भी निबंध को लिखने से पहले उसे चार या पांच बिन्दुओं में बांटकर लिखें. इसके बाद उन बिन्दुओं को भी उप-बिन्दुओं में बांट लें. ज्यादा बिंदु नहीं लिख सकते हैं, तो आरम्भ, मध्य और उपसंहार के रूप में तीन बिंदु जरूर बनाएं. इससे निबंध के विषय से लेखक भटकेगा नहीं.

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भाषा शैली
निबंध की भाषा सरल और स्पष्ट होनी चाहिए. ज्यादा कठिन शब्दों का प्रयोग करने से पाठक को पढ़ने में समस्या का सामना करना पड़ सकता है. सरल शब्दों का चयन करते हुए निबंध लेखन से विषय के बारे में पूरी बात पढ़ने वाले तक पहुंच पाती है.

लेखन में त्रुटि न हो
निबंध लेखन में भाषा सरल होने के अलावा वाक्य भी शुद्ध होने चाहिए. व्याकरण की गलतियों और अन्य भाषागत त्रुटियों को लिखने के बाद ठीक करना चाहिए. भाषा में गलतियां होने से आपका विषय कमजोर पड़ जाता है.

तथ्यों को क्रमवार ही लिखें
लेखन के दौरान हर बात को क्रम के अनुसार ही लिखें. परिचय और उपसंहार दोनों शुरुआत और अंत में आते हैं. बीच का भाग निबंध की मूल बातें कहता है. इस क्रम को बदलने का प्रयास नहीं करना चाहिए क्योंकि निबंध का नियम भी यही कहता है.

अनावश्यक विस्तार से बचना चाहिए
निबंध लिखते समय विषय के बारे में जो बातें आपके मन में हों उनके बारे में ही बात करें. अन्य किसी भी बात का जिक्र नहीं करना चाहिए. इससे शब्द भी बढ़ेंगे और मुद्दे से भटकाव के आसार भी रहते हैं. विस्तारित रूप से लिखें लेकिन विषय के अंदर रहते हुए ही लिखें.

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अंत में दोबारा पढ़कर सुधार करें
निबंध लिखने के बाद इसे अंत में जरूर पढ़ना चाहिए. जो भी त्रुटियां रह गई हैं, उन्हें दूर करना चाहिए. व्याकरण और वर्तनी की तरफ विशेष ध्यान देते हुए वाक्यों की बनावट को भी देखना चाहिए, कोई भी गलती सामने आए तो इसे ठीक करना चाहिए. अंत में उपसंहार लिखते हुए अपनी बात को समाप्त करें. यह निबंध के नियमों के अंतर्गत भी आता है.
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