हिंदी दिवस 2020: कब मनाया जाता है हिंदी दिवस, क्या है इसका इतिहास

हिंदी दिवस 2020: कब मनाया जाता है हिंदी दिवस, क्या है इसका इतिहास
राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा के अनुरोध पर हिंदी दिवस मनाने की शुरुआत हुई थी.

हिंदी दिवस (Hindi Diwas 2020) मनाने का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रभाषा हिंदी को न केवल देश के हर क्षेत्र में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी प्रसारित करना है.

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  • Last Updated: September 11, 2020, 11:01 AM IST
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हिंदी दिवस 2020: हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है. देश में पहली बार 14 सितंबर, 1953 को हिंदी दिवस मनाया गया था. दरअसल राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा के अनुरोध पर हिंदी दिवस मनाने की शुरुआत हुई थी. इसके बाद से हर साल हिंदी दिवस मनाया जाता है. इसका मुख्य उद्देश्य राष्ट्रभाषा हिंदी को न केवल देश के हर क्षेत्र में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी प्रसारित करना है. आइए आपको बताते हैं कि 14 सितंबर को ही हिंदी दिवस क्यों मनाया जाता है. क्या है इसका इतिहास.

हिंदी दिवस का इतिहास
हिंदी के महान साहित्यकार व्यौहार राजेन्द्र सिंह ने हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए कड़ी मेहनत की थी. उनके संघर्ष और मेहनत की वजह से हिंदी राष्ट्रभाषा बन सकी. व्यौहार राजेन्द्र सिंह का जन्म 14 सितंबर, 1900 को मध्यप्रदेश के जबलपुर में हुआ था. सविंधान सभा ने उनके अथक प्रयास पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए 14 सितंबर, 1949 को सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि हिंदी ही देश की राष्ट्रभाषा होगी. इस दिन व्यौहार राजेन्द्र सिंह का 50वां जन्मदिन भी था. हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने में काका कालेलकर, मैथिलीशरण गुप्त, हजारीप्रसाद द्विवेदी, सेठ गोविन्ददास की भी अहम भूमिका रही है.

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राष्ट्रभाषा प्रचार समिति की स्थापना


इसके चार साल बाद राष्ट्रभाषा प्रचार समिति ने सरकार से 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाने का अनुरोध किया. इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया गया. इसके बाद से हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाने लगा है. राष्ट्रभाषा प्रचार समिति की स्थापना 1936 में हुई थी और इसका मुख्य केंद्र महाराष्ट्र के वर्धा में था. इस समिति के प्रमुख डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद, सुभाषचन्द्र बोस, महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, राजर्षि पुरुषोत्तमदास टंडन, आचार्य नरेन्द्र देव जैसे लोग थे.

हिन्दी दिवस के कार्यक्रम
हिन्दी दिवस के दौरान कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. इस दिन छात्र-छात्राओं को हिन्दी के प्रति सम्मान और दैनिक व्यवहार में हिन्दी के उपयोग करने की शिक्षा दी जाती है जिसमें हिन्दी निबंध लेखन, वाद-विवाद हिन्दी टंकण प्रतियोगिता शामिल होते हैं. हिन्दी दिवस पर हिन्दी के प्रति लोगों को प्रेरित करने के लिए भाषा सम्मान की शुरुआत की गई है. यह सम्मान प्रतिवर्ष देश के ऐसे व्यक्तित्व को दिया जाता है जिसने जन-जन में हिन्दी भाषा के प्रयोग और उत्थान के लिए विशेष योगदान दिया हो.
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