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कहीं आप सिंथेटिक दूध तो नहीं पी रहे? इस तरह करें दूध की पहचान

News18Hindi
Updated: July 31, 2019, 4:13 PM IST
कहीं आप सिंथेटिक दूध तो नहीं पी रहे? इस तरह करें दूध की पहचान
मिल्क टेस्टिंग किट बनाया है जिससे दूध में डिटरजेंट की मिलावट का पता लगाया जा सकता है. यह आपको 3 रुपए में मिल जाएगा.

मिल्क टेस्टिंग किट बनाया है जिससे दूध में डिटरजेंट की मिलावट का पता लगाया जा सकता है. यह आपको 3 रुपए में मिल जाएगा.

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आपके फ्रिज से लेकर रसोई तक में बाजार से आई ढ़ेरों नकली चीजों की भरमार है और इन्हीं चीजों के इस्तेमाल से जिंदगी बीमारियों से घिर गई है. आप शायद बहुत बार अनदेखा कर देते हों लेकिन इन मिलावट वाली चीजों के इस्तेमाल से कम उम्र में ही जानलेवा बीमारियां पैदा हो रही हैं.

दूध हर घर की जरूरत है, दूध हर कोई पीता है, लेकिन यही दूध कब जहर बनकर आपके सामने आ रहा है इसका पता नहीं चल पाता. दूध में डिटरजेंट, पानी और सिंथेटिक, स्टार्च समेत कई ऐसी चीजें मिलाई जाती हैं, जो हमारी आपकी सेहत के लिए काफी खतरनाक होती हैं.

आप चाहे हरी सब्जियां ले रहे हों, फल खरीद रहे हों या फिर दूध हीं क्यों ना ले रहे हों, भरोसा नहीं है कि कोई भी चीज आपको असली मिलेगी या नहीं?



हमारी मजबूरी है कि हमें ये सारी चीजें खरीदनी पड़ती हैं और इस्तेमाल करनी पड़ती हैं क्योंकि ये रोजमर्रा के खानपान का हिस्सा हैं. यूं तो इन चीजों के असली और नकली होने की पहचान करना थोड़ा कठिन होता है, फिर आप जिन चीजों की जांच कर सकते हैं उसकी जांच बिलकुल करनी चाहिए.



दूध में पानी की मिलावट करने का तरीका बहुत पुराना हो चुका है औऱ नकली दूध बनाने तक के तरीके आ गए हैं.

कैसे तैयार होता है सिंथेटिक दूध

100 लीटर पानी में 5 किलो यूरिया मिलाया जाता है, जिससे पानी का रंग दूध की तरह सफेद हो जाता है. इसके बाद दूध में झाग दिखाने के लिए इसमें 250 ग्राम कपड़े धोने वाला डिटर्जेंट पाउडर मिला दिया जाता है. दूध में थोड़ा रिफाइंड तेल भी मिलाया जाता है ताकि इसमें चिकनाई आ जाए. अंत में सफेद पाउडर मिलाया जाता है, जिससे दूध जैसी खुशबू आती है. यह एक तरह के केमिकल से तैयार किया जाता है. अब इस सिंथेटिक दूध को असल दूध में मिलाया जाता है ताकि यह बिलकुल असल दूध की तरह बन जाए. असल दूध 60 लीटर व सिंथेटिक दूध 40 लीटर मिलाकर 100 लीटर बना लिया जाता है. यूपी में खोया व पनीर सिंथेटिक दूध से तैयार किया जाता है, जिसकी दीपावली की मिठाई के लिए पंजाब में भी सप्लाई आती है.

सही जानकारी न होने से वो सिंथेटिक या मिलावटी दूध और शुद्ध दूध के बीच पहचान नहीं कर पाते हैं. नकली दूध के कनस्तरों में नकली रिफाइंड ऑयल मिलाया जाता है जिसकी मदद से नकली दूध को जरूरी चिकनाहट मिल सके. आज हम आपको कुछ सामान्य तरीके बताने जा रहे हैं जिससे आप यह आसानी से पता लगा सकेंगे कि आपके दूध में मिलावट है या नहीं. आपको किसा उपकरण की भी जरूरत नहीं पड़ेगी.



पुराना तरीका:

दूध की जांच का सबसे पुराना तरीका तो यही है कि दूध की बूंदों को किसी चिकनी सतह पर गिराएं, अगर बूंद धीरे बहे और सफेद निशान छोड़े तो शुद्ध दूध है. मिलावटी दूध की बूंद बिना निशान छोड़े तेजी से बह जाएगा.

स्टार्च :

अगर आप दूध में स्टार्च का पता लगाना चाहते हैं तो आयोडीन की कुछ बूंदें दूध में मिलाएं. अगर अगले कुछ पलों में इस मिश्रण का रंग नीला हो जाएगा तो समझ लीजिये कि दूध में स्टार्च की मिलावट है.

यूरिया:

दूध मे यूरिया मिला है या नहीं इसकी जांच के लिए एक टेस्ट ट्यूब में थोड़ा दूध और सोयाबीन या अरहर का पाउडर मिलाएं. पांच मिनट बाद उसमे लाल लिटमस पेपर डुबोएं, अगर पेपर का रंग नीला हो जाए तो यह साफ है की दूध मे यूरिया मिला है औऱ वह आपके लिए जहर है.

फॉर्मेलिन:

फॉर्मेलिन की मिलावट का पता लगाने के लिए 10 ml दूध में 5 ml सल्फ्यूरिक एसिड मिलाएं. मिलाने के बाद अगर दूध मे बैंगनी रंग की रिंग बनती है तो समझ लीजिये की इसमे फॉर्मेलिन की मिलावट की की गई है. ऐसा दूध को लंबे समय तक ठीक रखने के लिए किया जाता है.



डिटरजेंट:

डिटरजेंट की मिलावट का पता लगाने के लिए 5 ml दूध में 0.1 ml बीसीपी सॉल्युशन मिलाएं. मिलाने के बाद अगर दूध मे बैंगनी रंग आता है तो समझ लीजिये की इसमे डिटरजेंट की मिलावट की की गई है.

वो उपकपण जिनका इस्तेमाल आप दूध की बेहतक जांच के लिए कर सकते हैं -

लैक्टोमीटर : लैक्टोमीटर आप बाजार से खरीद सकते हैं. यह आपको 100 रुपए से 300 रुपए तक में मिल जाएगा. यह दूध में पानी की मिलावट की जांच करता है.

मिल्क टेस्टिंग किट: हरियाणा में करनाल के नैशनल डेयरी रिसर्च इंस्टिट्यूट ने ऐसा मिल्क टेस्टिंग किट बनाया है जिससे दूध में डिटरजेंट की मिलावट का पता लगाया जा सकता है. यह आपको 3 रुपए में मिल जाएगा.

कुछ प्राइवेट कंपनियों के किट आपको 50 रुपए में मिल जाएंगे.

पीएच स्ट्रिप: इसमें आपका खर्च केवल एक रुपया आएगा. बाजार से पीएच स्ट्रिप ले आएं और उस पर दूध की एक बूंद डालें. अगर दूध शुद्ध होगा तो आपका पीएच रेशो 6.4 से 6.6 होगा. अगर यह इससे कम या ज्यादा है तो समझ जाएं कि दूध नकली है.

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First published: October 12, 2018, 3:37 AM IST
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