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अगर चाहते हैं लंबी चले इन्वर्टर की बैटरी, इन बातों का रखें ध्यान

हर दो-तीन महीने पर बैटरी में डिस्टिल्ड वॉटर डालते रहें

हर दो-तीन महीने पर बैटरी में डिस्टिल्ड वॉटर डालते रहें

Inverter Battery: कई लोगों को शिकायत होती है कि उनके इन्वर्टर (Inverter) की बैटरी (Battery) बहुत जल्दी साथ छोड़ने लगती है. दरअसल इसकी एक बड़ी वजह बैटरी का ख्याल न रखना है.

  • News18Hindi
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    Inverter Battery: लाइट की ज़रूरत को ध्यान में रखते हुए आज के दौर में घर में इन्वर्टर (Inverter) होना आम बात हो गया है. लेकिन कई लोगों को शिकायत होती है कि उनके इन्वर्टर की बैटरी (Battery) बहुत जल्दी साथ छोड़ने लगती है. दरअसल इसकी एक बड़ी वजह बैटरी का ख्याल न रखना है. जिसको ज्यादातर लोग नज़रअंदाज़ (Ignore) कर देते हैं. जो कि सही नहीं है.

    आपको बता दें कि अगर आप नियमित तौर पर बैटरी का ख्याल रखते हैं तो इन्वर्टर की बैटरी लम्बे समय तक साथ निभा सकती है. अब बैटरी को लम्बे समय तक चलाने के लिए इसका ख्याल किस तरह से रखा जाए आइए जानते हैं.

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    बैटरी वॉटर चेक करते रहें

    इन्वर्टर की बैटरी लम्बे समय तक चले इसके लिए ज़रूरी है कि समय-समय पर बैटरी में वॉटर लेवल चेक करते रहें. दरअसल बैटरी में डिस्टिल्ड वॉटर का इस्तेमाल होता है जो इसकी लाइफ को लम्बे समय तक बनाए रखने में मदद करता है. नार्मल लेवल से कम पानी होने पर बैटरी के जल्दी खराब होने की संभावना रहती है. इसलिए हर दो-तीन महीने पर बैटरी वॉटर की जांच करते रहना ज़रूरी है. इसके लिए कोई और पानी नहीं बल्कि डिस्टिल्ड वॉटर ही इस्तेमाल करना होता है, जिसको आम भाषा में बैटरी का पानी कहा जाता है. ये बाजार में आसानी के साथ उपलब्ध होता है. बैटरी का पानी बदलते समय इन्वर्टर को ऑफ करना और में स्विच बोर्ड को ऑफ करना भी बेहद ज़रूरी होता है जिससे करंट लगने का खतरा न रहे.

    चार्जिंग का ध्यान रखना ज़रूरी

    ज्यादातर घरों में इन्वर्टर आल टाइम चार्जिंग पर लगा होता है फिर चाहें वो फुल चार्ज ही क्यों न हो. जबकि इन्वर्टर का ज्यादा या कम चार्ज होना भी बैटरी की लाइफ पर असर डालता है. जब भी लाइट जाए तो इसको फुल चार्ज करने के बाद चार्जिंग स्विच को समय-समय पर ऑफ करते रहना चाहिए. फुल चार्ज होने के बाद कुछ-कुछ समय के लिए अगर इन्वर्टर को बंद करते रहेंगे, तो बैटरी लम्बे समय तक साथ निभाने में मदद कर सकती है.

    टर्मिनल की सफाई भी ज़रूरी

    समय-समय पर टर्मिनल की सफाई करना भी बेहद ज़रूरी है. बैटरी के जिस हिस्से से करंट के लिए बिजली की तार को जोड़ा जाता है उसे टर्मिनल कहा जाता है. लम्बे समय तक सफाई न करने की वजह से टर्मिनल और इसके आसपास जंग लगने लगता है. जिसकी वजह से बैटरी में करंट का प्रवाह धीमा हो जाता है और बैटरी जल्दी खराब होने लगती है. इसलिए समय-समय पर टर्मिनल की सफाई करते रहना चाहिए. ध्यान रहे  सफाई करने से पहले मेन स्विच बोर्ड को ऑफ करना बेहद ज़रूरी है. इसके बाद ही बिना पानी का इस्तेमाल किये हुए, एक सूती और सूखे कपड़े की मदद से इसकी सफाई करें.

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    बैटरी पर न डालें ओवरलोड

    बैटरी जब पुरानी होने लगती है तो उसकी लोड लेने की कैपेसिटी भी कम होने लगती है. लेकिन घरों में इसका इस्तेमाल उसी तरह से किया जाता है. क्षमता से ज्यादा लोड पड़ना भी इसकी लाइफ को कम कर सकता है. इसलिए ऐसे वॉट के बल्ब का इस्तेमाल करना चाहिए जो कम वॉट में ज्यादा रोशनी देते हों. इस बात का भी ख्याल रखना चाहिए कि जिस जगह बैटरी रखी हो वहां पर नमी न हो न ही बारिश का पानी सीधे तौर पर उसको भिगो सके.

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