कैसे की जाती है स्‍टोरी टेलिंग? जानिए क्‍यों पीएम मोदी ने किया इसका जिक्र

कहानी कहना यानी स्‍टोरी टेलिंग एक कला है.
कहानी कहना यानी स्‍टोरी टेलिंग एक कला है.

पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने इस बार की 'मन की बात' (Mann Ki Baat) में स्टोरी टेलिंग (Story Telling) का जिक्र किया. स्‍टोरी टेलिंग एक कला है, एक तरह की परफॉर्मेंस है. इसमें कहानी कहने का अलग अंदाज और कंटेंट बहुत अहमियत रखता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 28, 2020, 6:43 AM IST
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बचपन में हम सभी ने नाना नानी की कहानियां (Stoty) सुनी हैं. कहानी कहना  (Story Telling) एक कला (Art) है. कहानी सुनते हुए सुनने वाला कहानी की संवेदनाएं खुद में महसूस करता है. खासकर बच्चों के साथ ये हुनर बड़े काम का है. शोध कहते हैं कि जिन बच्चों का बचपन पेरेंट्स से कहानी सुनकर बीतता है, वे बड़े होकर औरों की अपेक्षा ज्यादा संवेदनशील होते हैं.

स्‍टोरी टेलिंग की परंपरा को आगे बढ़ाएं: पीएम मोदी
पीएम मोदी (Narendra Modi) ने रविवार को 'मन की बात' (Mann Ki Baat) की 69वीं कड़ी में स्टोरी टेलिंग (Story Telling) यानी कहानी और कहानियां सुनाने की कला का जिक्र किया. उन्‍होंने उन लोगों की सराहना की जो कहानी सुनाने की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं. पीएम मोदी ने कहानी कहने की कला को प्रचारित करने की बात कही और इसके लिए और प्रयास किए जाने की जरूरत पर बल दिया. उन्‍होंने कहा कि हम आजादी के 75 साल मनाने जा रहें हैं. क्या हम हमारी कथाओं में पूरे गुलामी के कालखंड की जितनी प्रेरक घटनाएं हुई हैं, उनको कथाओं में प्रचारित कर सकते हैं. वह बोले, 'आपसे आग्रह करूंगा. परिवार में हर सप्ताह आप कहानियों के लिए कुछ समय जरूर निकालें. मुझे विश्वास है कि आप लोग ज़रूर इस काम को करेंगे.

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क्‍या होते हैं स्‍टोरी टेलर


मंच पर स्टोरी टेलिंग एक तरह की परफॉर्मेंस है, जिसमें कहानी कहने का अलग अंदाज और कंटेंट बहुत अहमियत रखता है. साथ ही आप इसे कितने आकर्षक तरीके से कह पाते हैं, लोगों को खुद से कनेक्ट कर पाते हैं, यह भी बहुत मायने रखता है. साथ ही इसको ध्‍यान में रखते हुए खुद को इंप्रूव करना होता है. स्‍टोरी टेलिंग कई तरह से की जा सकती है. यह किसी समूह को संबोधित करते हुए और बीच बीच में संगीत के साथ भी की जा सकती है. दास्‍तानगोई इसी तरह की जाती है.

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स्टोरी टेलिंग ऐसे होगी आसान
स्टोरी टेलिंग करने के लिए जरूरी है कि आप मंच पर जाने से पहले इससे संबंधित जरूरी तैयारियां कर लें. आप यह भी कर सकते हैं कि अपने करीबी लोगों, दोस्तों आदि के सामने भी स्‍टोरी टेलिंग करके खुद को बेहतर बना सकते हैं. इस बात का खास ख्‍याल रखना होगा कि आप जिस स्टोरी को सुनाने जा रहे हैं वह वास्‍तविक होनी चाहिए. उसमें इतनी कल्‍पना न हो कि लोग आपसे कनेक्ट ही न हो पाएं. वहीं कहानी आज के परिवेश, आज के लोगों से जुड़ी हो तो लोग आसानी से उससे जुड़ने लगते हैं. इसलिए कहानी चुनते समय इस बात का ख्‍याल रखना जरूरी है.

इसके अलावा आप जो कहानी सुनाने जा रहे हैं उसकी पहले ही प्रैक्टिस कर लें, ताकि सुनाते समय कहीं बाधा न आए. कहीं रुकना न पड़े. आज कल तो यूट्यूब पर भी इससे संबंधित कई वीडियोज मिल जाएंगे. आप चाहें तो उन्‍हें सुन कर उनसे सीख सकते हैं. सबसे जरूरी बात स्‍टोरी टेलिंग का आपका अपना और अलग स्‍टाइल होना चाहिए. इससे अलग पहचान बनती है और लोग सुनना पसंद करते हैं.
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