9 तरह का होता है पानी, जानिए खाली पेट इन्हें पीने के फायदे और नुकसान

सांकेतिक फोटो

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कितने प्रकार के होते हैं पानी. जानिए इनके फायदे और नुकसान.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 25, 2019, 5:29 PM IST
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हम सभी लोग हर दूसरे या तीसरे इंसान से ये सुन लेते हैं कि, ‘बीमारियों को दूर रखना है तो पानी पिएं’. लेकिन ये बात हर व्यक्ति पर अलग तरह से लागू होती है. हाइड्रेट रखेंगे स्वास्थ्य बेहतर रहेगा. एनर्जी बनी रहेगी और दिमाग सही ढंग से काम कर पाएगा. जो लोग पानी पीते हैं वे अच्छी तरह इन सभी चीजों से वाकिफ़ होंगे. लेकिन हर प्रकार का पानी पीने से स्वास्थ्य को फायदा नहीं मिलता है. करीब 9 तरह के पानी होते हैं. हर पानी के अपने फायदे और नुकसान होते हैं. खाली पेट इनके क्या फायदे होते हैं ये जानते हैं. कुछ पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं तो कुछ नहीं भी होते. आइए जानते हैं...



टैप वॉटर (Tap Water)



ये वो पानी है जो घर के पाइपों में आता है. जिससे पब्लिक टॉयलेट, किचन सिंक और बनर्न साफ किए जाते हैं. दिखने में ये साफ मोटी जैसा दिखता है लेकिन इसके स्वास्थ्य के लिए ये काफी नुकसानदेह होता है. कई लोग टैप वॉटर पीना पसंद करते हैं.





फायदेः यूएस के लोगों के लिए टैप वॉटर पीना सही है लेकिन भारत में ये पानी काफी गंदा आता है. हालांकि ये स्वास्थ्य के लिए केवल नुकसानदेह ही होता है.
नुकसानः इंडस्ट्री में पानी साफ करने की कई चीजेंतैयार होती है जिनकी मदद से टैप वॉटर को साफ किया जा सकता है लेकिन ये पीना सही नहीं है. गार्डियन में हाल ही में आए शोध से पता चला है कि टैप वॉटर में प्लास्टिक के कुछ तत्व पाए गए हैं जो सेहत के लिए हानिकारक होते हैं. ये पानी एल्यूमिनियम और पेस्टीसाइड से भरा होता है. इसलिए फिल्टर हुआ पानी ही सेहत के लिए सही विकल्प है.



मिनरल वॉट (Mineral Water)



नाम से ही पहचाने जाने वाला पानी मिनरल्स से भरा होता है. इसमें सल्फर, मैग्नीशियम और कैल्शियम पाया जाता है. जो सभी चीजें स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होती हैं.



फायदाः मिनरल्स युक्त पानी पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और स्वाद में भी बढ़िया होता है.



नुकसानः मिनरल्स युक्त पानी पर हर व्यक्ति खर्च नहीं कर सकता. अगर मिनरल्स युक्त पानी नहीं पी पा रहे हैं तो डायट पर ध्यान दें. पोषक तत्वों की कमी पूरी कर पाएंगे.



स्प्रिंग या ग्लेशियर वॉटर (Spring or Glacier Water)



ये एक ऐसे प्रकार का पानी होता है जो बोतल बंद होता है और बताता है कि ये ग्लेशियर वॉटर है.



फायदेः अनुमान के हिसाब से देखा जाए तो माना जाता है कि ये सेहत के लिए सबसे साफ पानी होता है. इसमें किसी भी प्रकार के विषैले पदार्थ नहीं पाए जाते हैं. मिनरल वॉटर में पाए जाने वाले ही मिनरल्स इसमें भी पाए जाते हैं.



ये आसानी से मार्केट में उपलब्ध होता है.



नुकसानः टैप वॉटर की तुलना में स्प्रिंग वॉटर थोड़ा महंगा होता है. ये फिल्टर न हुआ, कच्चा और बेस्वादा पानी होता है. कई बार इसे पीने से लोग बीमार भी हो जाते हैं.



स्पार्कलिंग वॉटर (Sparkling Water)



ये सोड़ा पानी या कार्बोनेटेड वॉटर के नाम से जाना जाता है. स्पार्कलिंग वॉटर में कार्बन डाइऑक्साइड गैस होती है.



फायदेः ये मुंह में अलग स्वाद देता है. अगर आप कुछ फिज़ी पीने का मन होता है तो ये ले सकते हैं. इसमें किसी भी प्रकार की आर्टिफिशियल चीनी नहीं मिली होती है.



ऐसा माना जाता है कि मार्केट में उपलब्ध स्पार्कलिंग वॉटर में किसी न किसी प्रकार की चीनी मिली होती है.



नुकसानः हालांकि, स्पार्कलिंग वॉटर में मिनरल्स होते हैं लेकिन ये स्वास्थ्य के लिए किसी भी तरह से सेहतमंद नहीं होते हैं. ये काफी महंगा भी होता है.



डिस्टिल्ड वॉटर (Distilled Water)



ये उबला हुआ पानी होता है. इसमें बनने वाला भाप दोबारा पानी में बदल जाता है.



फायदेः अगर आप किसी ऐसी जगह हैं जहां साफ पानी मिलने में दिक्कत हो रही है. तो पानी को उबालकर पी सकते हैं.



नुकसानः डिस्टिल्ड वॉटर में विटामिन्स और मिनरल्स नहीं होते हैं.



प्योरिफाइड वॉटर (Purified Water)



ये टैप या ग्राउंड वॉटर होता है जिसे प्योरिफाई किया जाता है. इसमें से हर प्रकार के बैक्टीरिया, फंगाई और पैरासाइट निकाल दिए जाते हैं. इसका मतलब है कि ये पीने में एकदम सेफ होता है.



फायदेः अगर आपके पास प्योरिफाई होकर डायरेक्ट पानी आ रहा है तो वह सेहत के लिए फायदेमंद होता है. कई देश ऐसे हैं जहां टैप वॉटर ही प्योरिफाई होकर आता है. तो अगर आप किचन सिंक से भरकर क गिलास पानी पी रहे हैं तो ये सेहत के लिए किसी भी तरह से नुकसानदेह नहीं है.



नुकसानः ये काफी महंगा होता है. अगर आप टैप में प्योरिफाई लगावा रहे हैं तो खर्चा काफी हो सकता है जो हर कोई सहन नहीं कर सकता.



फ्लेवर या इंफ्यूज किया पानी (Flavored or Infuse Water)



फ्लेवर वॉटर एक ऐसा पानी होता है जिसमें मिठास मिलाई जाती है. ये आर्टिफिशियल होने के अलावा नैचुरल फ्लेवर भी हो सकता है.



फायदेः साधारण पानी में फ्लेवर मिला होता है. फ्लेवर पानी की खपत ज्यादा होती है. क्योंकि इसमें व्यक्ति को प्लेन पानी नहीं बल्कि स्वादिष्ट पानी पीने के लिए मिलता है.



नुकसानः फ्लेवर पानी में मीठा या आर्टिफिशियल स्वीटनर मिलाया जाता है. इससे वजन बढ़ने का खतरा हो सकता है. यहां तक की इससे डायबिटीज़ तक होने का खतरा हो सकता है.



एल्कलाइन वॉटर (Alkaline Water)



इस पानी का पीएच लेवल काफी ज्यादा होता है. इसमें मिनरल्स और ओआरपी (नेगेटिव ऑक्सिडेशन रिडक्शन पोटेंशियल) पाया जाता है जो स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है.



फायदेः इसका पीए ज्यादा होता है इसलिए ये पानी शरीर में एसिड को समांतर करता है. एजिंग प्रक्रिया को धीमा करता है और कैंसर से बचाव करता है.



नुकसानः हालांकि, एल्कलाइन पानी पीना सेहत के लिए अच्छा होता है क्योंकि ये पेट का एसिड कम करता है. लेकिन गंदे बैक्टीरिया को ये नहीं मार पाता है. इसलिए जी-मिचलाना और उल्टी आना जैसी समस्याएं होने का खतरा होता है.



वेल वॉटर (Well Water)



ये सबसे गंदा पानी माना जाता है. ये न तो साफ होता है और न ही सेहत के लिए फायदेमंद.



फायदेः फायदा इसका एक भी नहीं है जिस पर गौर किया जाए.



नुकसानः पानी खराब होता है. इसमें मौजूद पैरासाइट्स इंफेक्शन को बढ़ावा देते हैं.



पानी कौन-सा पीना चाहिए ये आप तय कर सकते हैं. कोई भी पानी पूरी तरह सेहतमंद नहीं होता है. लेकिन अवस्था के अनुसार इन्हें चुनें. पानी साफ पिएं.



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