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बच्चा देने लगा है गाली तो इन तरीकों से सिखाएं अच्छा व्यवहार करना

बच्चों के सामने अभद्र भाषा का इस्तेमाल न करें

बच्चों के सामने अभद्र भाषा का इस्तेमाल न करें

बचपन काफी मासूम होता है. बचपन में अच्छे-बुरे में अंतर करना तो दूर की बात है, बच्चों को अच्छी और बुरी चीजों का मतलब भी ठीक से पता नहीं रहता है. ऐसे में बच्चे अपने आस-पास के लोगों को गाली-गलौज करते देख कर खुद भी उन्हें कॉपी करने लगते हैं. हालांकि बच्चों के गाली देने पर उन्हें डांटना या मारना पैरेंट्स के लिए उल्टा पड़ सकता है और बच्चे जिद्दी बनने लगते हैं. इसलिए बच्चों को प्यार से अच्छे और बुरे शब्दों का मतलब समझाकर उनकी गाली देने की आदत को दूर किया जा सकता है.

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Parenting Tips: बच्चे अपने आस-पास के माहौल से बहुद जल्दी प्रभावित होते हैं. अक्सर परिवार के सदस्यों, करीबियों और दोस्तों के व्यवहार को बारीकी से नोटिस करना बच्चों की खूबी होती है. वहीं बड़ों की कुछ बुरी आदतों को बच्चे कॉपी करने से भी पीछे नहीं हटते हैं. ऐसे में अगर बच्चे अपने आस-पास अपशब्द और गालियां सुनते हैं, तो उन्हें भी सीखकर दोहराना शुरू कर देते हैं. इसलिए बच्चों को सही बिहेवियर की सीख देना बेहद जरूरी हो जाता है.

दरअसल, छोटी उम्र के बच्चे काफी नासमझ होते हैं. बचपन में उन्हें अच्छे-बुरे की समझ नहीं होती है. ऐसे में बच्चे बड़ों को देखकर वैसा ही बर्ताव करते हैं. वहीं घर के बड़ों को कभी गुस्से में गाली देता देख कर बच्चे गाली देना भी शुरू कर देते हैं. इसलिए हम आपसे शेयर करने जा रहे हैं बच्चों का बिहेवियर सही करने के टिप्स. अगर आपका बच्चा भी गाली देना सीख गया है, तो इन टिप्स की मदद से आप उसे सही दिशा दिखाकर गाली देने की बुरी आदत आसानी से छुड़वा सकते हैं.

बच्चों के सामने ना बोलें अपशब्द
बच्चे अक्सर पैरेंट्स और घर के बाकी सदस्यों की नकल उतारने की कोशिश करते हैं. इसलिए बच्चों के सामने कभी भूलकर भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने से बचें. गुस्से में भी गाली देने या कुछ गलत बोलने के पहले ये सुनिश्चित कर लें कि आपके आस-पास बच्चे मौजूद ना रहें.

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शांति से समझाएं
कुछ माता-पिता बच्चों को गाली देता देखकर उन्हें फटकार लगाकर सुधारने की कोशिश करते हैं. हालांकि, कुछ बच्चे काफी जिद्दी स्वभाव के होते हैं. ऐसे में जो चीज उन्हें मना की जाती है, बच्चे वही चीजें दोहराने लगते हैं. इसलिए बच्चों के मुंह से गाली सुनकर फौरन रिएक्ट ना करें. बल्कि बच्चों को गुस्सा शांत होने के बाद समझाएं कि गाली-गलौज करने पर कोई उनसे बात या दोस्ती करना पसंद नहीं करेगा.

अच्छे शब्दों के फायदे बताएं
गाली देने पर आप बच्चे से पूछ सकते हैं कि उसने ये भाषा कहां से सीखी है. ऐसे में बच्चे ने गाली देते हुए जिसे कॉपी किया है, बच्चों को उस शख्स के द्वारा गाली-गलौज करने के बुरे नतीजों से वाकिफ कराएं. साथ ही सही शब्द इस्तेमाल करने के फायदे भी बच्चों को बताना ना भूलें.

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अच्छे-बुरे में बताएं फर्क
बच्चे किसी से भी बेहद जल्दी घुल-मिल जाते हैं. इसलिए बच्चों को समय-समय पर अच्छे और बुरे लोगों में फर्क करना सिखाएं. बच्चों को बुरे लोगों के साथ रहने के नुकसान और अच्छे लोगों से दोस्ती करने के मायने समझाने की कोशिश करें. जिससे बच्चे अच्छा व्यवहार करने के लिए प्रेरित होंगे और बुरी आदतों से भी दूर रहेंगे.

Tags: Child Care, Lifestyle, Parenting

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