Home /News /lifestyle /

बच्चों के साथ टीवी देखते टाइम बात करने से बढ़ती है उनकी जिज्ञासा- स्टडी

बच्चों के साथ टीवी देखते टाइम बात करने से बढ़ती है उनकी जिज्ञासा- स्टडी

बच्चों के शुरुआती जीवन में माता पिता का उनके साथ बातचीत करना बच्चों की जिज्ञासा बढ़ाने में सहायक होता है.

बच्चों के शुरुआती जीवन में माता पिता का उनके साथ बातचीत करना बच्चों की जिज्ञासा बढ़ाने में सहायक होता है.

How to Increase Curiosity In Kids: एक ताजा स्टडी में बताया गया है कि यदि टीवी देखते समय बच्चों से बातचीत जारी रखी जाए तो उनमें जिज्ञासा (Curiosity) बढ़ती है और इस तरह उसके नकारात्मक प्रभावों (Negative effects) को कम किया जा सकता है. ये रिसर्च पीएलओएस वन (PLOS One) जर्नल में प्रकाशित हुई है. इस स्टडी में बताया गया है कि स्कूल जाना शुरू करने से पहले यदि माता-पिता बच्चों के साथ टीवी देख रहे हों, उस समय उनसे बातें करना जारी रखें, तो उन बच्चों के स्कूल जाने पर जिज्ञासा का लेवल उन बच्चों की तुलना में ज्यादा होता है, जो अकेले ही टीवी देख रहे होते हैं.

अधिक पढ़ें ...

    How to Increase Curiosity In Kids: टेलीविजन (Television) देखने से बच्चों की पढ़ाई या उनके विकास पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों (Side Effects) को लेकर कई स्टडीज (Studies) हुई हैं. इनसे निपटने के लिए तरह-तरह के सुझाव दिए जाते रहे हैं. इस क्रम में हुई एक ताजा स्टडी में बताया गया है कि यदि टीवी देखते समय बच्चों से बातचीत जारी रखी जाए तो उनमें जिज्ञासा (Curiosity) बढ़ती है और इस तरह नकारात्मक प्रभावों (Negative effects) को कम किया जा सकता है. ये रिसर्च पीएलओएस वन (PLOS One) जर्नल में प्रकाशित हुई है. इस स्टडी में बताया गया है कि स्कूल जाना शुरू करने से पहले यदि माता-पिता बच्चों के साथ टीवी देख रहे हों, उस समय उनसे बातें करना जारी रखें, तो उन बच्चों के स्कूल जाने पर जिज्ञासा का लेवल उन बच्चों की तुलना में ज्यादा होता है, जो अकेले ही टीवी देख रहे होते हैं.

    यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन के सीएस माट चिल्ड्रन हॉस्पिटल (CS Mott Children’s Hospital) में चाइल्ड बिहेवियर एंड डेवलपमेंट डिपार्टमेंट की रिसर्चर और इस स्टडी की मुख्य लेखिका डॉ प्राची शाह (Dr. Prachi Edlagan Shah) के मुताबिक, इस स्टडी का निष्कर्ष इस बात की पुष्टि करता है कि बच्चों के शुरुआती जीवन में माता पिता का उनके साथ बातचीत करना बच्चों की जिज्ञासा बढ़ाने के साथ ही उनके विकास में भी सहायक होता है. लेकिन यह तब और भी महत्वपूर्ण हो जाता है, जब माता-पिता बच्चों के साथ टीवी देखते हुए उनसे बातचीत करते हैं. इससे छोटे बच्चों में जिज्ञासा का लेवल काफी बढ़ता है.

    इस स्टडी के लिए रिसर्चर्स ने 1500 ऐसे बच्चों का चयन किया, जिन्होंने स्कूल जाना शुरू नहीं किया था. उनके दैनिक टीवी देखने का समय और उस दौरान माता-पिता के साथ बातचीत करने की फ्रीक्वेंसी का आकलन किया गया. इसके बाद स्कूल पहुंचने पर उनकी जिज्ञासा का लेवल भी मापा गया. उसमें जिज्ञासा का लेवल ज्यादा पाया ही गया, साथ ही वह उनके सीखने की क्षमता बढ़ाने में भी मददगार रही.

    स्टडी में क्या निकला
    डॉ प्राची शाह (Dr. Prachi Edlagan Shah) ने बताया कि जिज्ञासा (Curiosity) वैज्ञानिक नवोन्मेष (scientific innovation) और सीखने में खुश होने का एक महत्वपूर्ण आधार होता है और उसके बड़े ही सकारात्मक नतीजे सामने आते हैं. इसलिए ये जानने की कोशिश की गई कि ऐसा क्या कुछ होता है, जिससे कि जिज्ञासा बढ़ती है और उसके सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं. यह पता हो जाने पर बच्चों में सीखने के लेवल में अंतर को पाटने में मदद मिल सकती है.

    यह भी पढ़ें-
    हार्ट डिजीज के खतरे का सही लगेगा पता, दो प्रोटीन के जरिए जांच होगी ज्यादा सटीक: स्टडी

    डॉक्टर प्राची ने आगे बताया कि माता-पिता और बच्चों के बीच बातचीत से बच्चों की सोचने की क्षमता और जिज्ञासा संबंधी व्यवहार (Curiosity related behavior) के सभी संकेतकों (indicators) में इजाफा होता है.

    यह भी पढ़ें-
    Homemade Juices For Healthy Eyes: आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए पिएं ये 6 होममेड जूस

    आज की पीढ़ी डिजिटल मीडिया खासकर, मोबाइल फोन, टैबलेट और टेलीविजन एक्सपोजर में बढ़ रही है. गरीब घरों में 98 प्रतिशत स्क्रीन टाइम टीवी का होता है. प्रश्नावली (questionnaire) के जरिए जुटाए गए आंकड़ों से पता चला कि जिन बच्चों के साथ माता-पिता की बातचीत का समय ज्यादा रहा, उनमें जिज्ञासा और सीखने की क्षमता अधिक रही.

    Tags: Lifestyle, Parenting, Parenting tips

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर