आपके घर में भी गंदगी फैलाते हैं कबूतर? इन टिप्स की मदद से पाएं छुटकारा

कबूतरों से इन तरीकों से पाएं छुटकारा.
Image: Pigeon pexels-zuzka-polony

कबूतरों से इन तरीकों से पाएं छुटकारा. Image: Pigeon pexels-zuzka-polony

Keep Pigeons Away: कबूतरों (Pigeons) का घरों में आना आम बात है, लेकिन इनकी बीट (Pigeon Poo) से जो गंदगी फैलती है उससे पार पाना मुश्किल. अगर आप भी परेशान हैं तो इन टिप्स को अपनाएं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 25, 2021, 1:14 PM IST
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पुराने जमाने में लोग कबूतरों ((Pigeons) का इस्तेमाल दूर-दूर संदेश भेजने के लिए किया करते थे, यही नहीं इन्हें शांति का दूत बनाकर भी भेजते थे. लेकिन अब जहां इनकी आबादी बढ़ गई है वहीं कई बार ये घर में गंदगी भी कर जाते हैं. ऐसे में इनकी मौजूदगी परेशानी का सबब बनने लगी है. इनकी गुटूर गूं तो कोई किसी हद तक झेल भी ले, लेकिन इनकी बीट (Pigeon Poo) से होने वाली गंदगी नाक में दम करती है.अगर आप भी इनसे तंग आ चुके हैं तो अब इन टिप्स को अपनाएं और कबूतरों से निजात पाएं.

कैसे बढ़ी कबूतरों की आबादीः  

कबूतर को 1600 के दशक में अमेरिका में खाने के लिए इस्तेमाल में लाया गया था. इसके बाद कबूतरों की आबादी पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ने लगी. भारत में तो यह एक बड़ी परेशानी है, क्योंकि यहां लोग कबूतरों को दाना डालते हैं. इससे कबूतरों में इंसान का डर ही खत्म है. अनाज, बीज और ब्रेडक्रंब पर जिंदा रहने वाले कबूतर हमारे देश में पालतू भी बनाएं जाते हैं.



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कबूतर नुकसानदेह भी हैः  

कबूतरों अम्लीय कचरा और बीमारियां फैलाते हैं, इतना ही नहीं ये अन्य पक्षियों को धमकाने के लिए भी जाने जाते हैं. ये केवल बगीचे के आसपास खुले स्थान में घूमना ही नहीं पसंद करते बल्कि घरों, सीढ़ियों और बालकनियों को भी अपना ठिकाना बनाते हैं. सबसे असहनीय होती है इनकी बदबूदार चिपचिपी बीट जो गंदगी फैलाने के साथ ही मुश्किल से साफ होती  है. ये आपको फाइनेंनशियली भी नुकसान पहुंचाते हैं, खिड़की-शीशे तोड़कर अंदर घुस आते हैं और खतरनाक कबूतर जनित रोगों और परजीवियों की मेजबानी करते हैं सो अलग.कुछ लोग, जो लोग कबूतर जनित बीमारियों से अनजान है वे लोग घरों में पिजन होल बनाकर और लोगों के लिए भी परेशानी खड़ी करते हैं. इस तरह से तंग करने वाले तेजी से फैलने वाले, रोग-ग्रस्त कबूतर हमारे शहरों में राज करते हैं.

कबूतर भगाने के तरीकेः  

-कबूतर विंड चाइम्स, एल्यूमीनियम फॉयल से डरते हैं और चमकदार रबर के सांप या गुब्बारे पसंद नहीं करते हैं. इन्हें इस्तेमाल कर आप इन्हें दूर रख सकते हैं.

-कबूतर के बैठने की जगहों पर रोजाना पानी डालते रहें अगर वहां तक आप पहुंच सकते हैं, क्योंकि कबूतरों को एक ही जगह वापस लौटने की बुरी आदत होती है और वह अपनी जगह कभी नहीं भूलते हैं.

-कुछ  घर में बनाए जा सकने वाले कार्बनिक कबूतर रिपेलेंट हैं जो कि कबूतरों को बालकनी या खिड़कियों से दूर रखने में बेहद असरदार है. इनमें चींज क्लॉथ के पाउच में लाल मिर्च,  काली मिर्च, मिर्च या तेज मसालों के पावडर को मिक्स कर रेलिंग,खिड़की और बालकनी में रख सकते हैं.

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-सिरके और बेकिंग सोडा की महक से भी कबूतर दूर भागते हैं आप इनका मिक्सचर बना कर भी कबूतरों के आने वाली जगहों में छिड़क सकते हैं.

-आप बालकनी और विंडो सिल पर शहद और गम का इस्तेमाल भी कर सकते हैं. चिपचिपे होने की वजह से इनसे भी कबूतर दूर रहते हैं.

-पानी वाइन और दालचीनी की महक भी कबूतरों को नापसंद होती है. इस घोल का स्प्रे करने से भी कबूतर नहीं आते.

-बाजार में कमर्शियल जैल बर्ड-रिपेलेंट्स भी आते हैं. इनका भी इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन ये आपको महंगे पड़ते हैं क्योंकि इन्हें बार-बार भरना पड़ता है.

-डिकॉय काइट (Decoy Kite) इसे पक्षियों को झांसा देने के लिए इस्तेमाल में लाया जाता है. इससे भी आप कबूतरों से छुटकारा पा सकते हैं, लेकिन अगर कबूतर इसके आदी हो जाएं तो फिर इसका फायदा कम हो पाता है.

-लेजर लाइट से भी कबूतर को घर से दूर रखा जा सकता है. इसकी तेज रोशनी कबूतरों की आंखें सहन नहीं कर पाती, लेकिन तब -तक ही जब तक कबूतर इसके आदी न हो जाएं.

-एंटी-बर्ड स्पाइक्स या स्पाइक स्ट्राइप्स ’अटैच स्पाइक्स का एक सेट है. इसे आप कबूतरों से बचने या उनके घोंसले बनाने वाली जगहों में इस्तेमाल कर सकते हैं.

-समानांतर तार (Parallel Wires) भी घर या अन्य जगहों से पक्षियों को दूर रखने का एक शानदार तरीका है. यह कबूतरों की लैंडिंग और उनके घोंसले से बचाता है.

-बर्ड नेटिंग थोड़ी खराब लगती है लेकिन कबूतरों को कुछ जगहों से बाहर रखने में बेहद असरदार है. इससे उन्हें घोंसले बनाने में परेशानी होती है.

-अगर आपके बस में है तो बाज या कोई अन्य शिकारी पक्षी पाल लें. कबूतर आपकी तरफ झांकने से भी परहेज करेंगे.

-अपने अपने कूड़ेदान को ढक कर रखें और कबूतरों के लिए स्क्रैप या बर्ड-फीडर को न रखें.

-इसके साथ ही कबूतर का घोसला और खतरनाक बीट बैक्टीरिया, वायरस और फंगस की वजह होते हैं. इन्हें तुंरत साफ करें. इनसे आकर्षित होकर भी कबूतर अपना ठिकाना नहीं बदलते हैं. इस जगह को  मास्क और दस्ताने पहन कर ही सावधानी से साफ करें. इसके बाद इस जगह को तेज एंटी-बैक्टीरियल क्लीनर, या क्लोरीन ब्लीच से साफ़ करें. अगर इतना करने पर भी कबूतर नहीं भाग रहे तो फिर आपको किसी प्रोफेशनल की मदद लेने के लिए सोचना चाहिए. ऐसी जगह जहां कबूतरों ने बीट और घोंसलों का साम्राज्य फैला रखा हो और जो बहुत ऊंची हो जहां आप नहीं पहुंच सकते हैं तो उसके लिए पेशेवर की मदद ही लें. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)
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