• Home
  • »
  • News
  • »
  • lifestyle
  • »
  • जानें कैसे रखें वजाइना को साफ, नहीं होंगी ये गंभीर बीमारियां

जानें कैसे रखें वजाइना को साफ, नहीं होंगी ये गंभीर बीमारियां

जानें कैसे करें वजाइना की सफाई.

जानें कैसे करें वजाइना की सफाई.

How To Clean Vagina: इंटीमैट हाईजीन (Intimate Hygiene) रखना एक बड़ा मसला है और जब बात वजाइना (Vagina) की हो तो यह और भी अहम हो जाता है. तो जानिए कैसे और क्यों? रखें वजाइना को साफ-सुथरा.

  • Share this:

    वजाइना (Vagina) की बनावट प्राकृतिक तरीके से खुद में ऐसी है कि इससे होने वाला  सेक्रेशन (Secretions) या डिस्चार्ज (Discharge) ही इसकी सफाई के लिए काफी है. फिर हम यह क्यों कहते हैं कि वजाइना की सफाई जरूरी है ? हमें क्यों यह जानने की जरूरत पड़ती है कि इसे साफ और सेहतमंद रखने के कौन से तरीके कारगर हैं ? क्यों इसे धोने यानी डूश (Douches) या वजाइनल वाइप्स (Vaginal Wipes) की कोई जरूरत नहीं है. आइए आपको हम इन सवालों के जवाबों की तरफ लिए चलते हैं.

    क्या है वजाइनाः

    वजाइना महिलाओं के शरीर के अंदर मांसपेशी की एक ट्यूब है जो गर्भाशय ग्रीवा (Cervix ) से वजाइना  के मुंह तक जाती है. इसके बाहरी यौन अंग वल्वा इसके चारों ओर खुलते हैं. लंदन के यूनिवर्सिटी कॉलेज हॉस्पिटल में यूरोग्नैकोलॉजी (Urogynaecology) कंसल्टेंट और महिला कल्याण स्पोक्सपर्सन सूज़ी एलेनिल के मुताबिक, रोजाना सेहत का सही से ध्यान रखा जाए तो वजाइना को सही आकार में रहने में मदद मिल सकती है जैसे- अच्छा खाना और दौड़ने -भागने जैसी एक्सरसाइज.

    इसे भी पढ़ेंःसर्वाइकल कैंसर लक्षणः सेक्स के बाद वजाइना से खून बहना हो सकती है चेतावनी 

    वजाइनल डिस्चार्ज  होना सामान्य हैः

    पीरियड्स के अलावा अन्य दिनों में वजाइना से निकलने वाला सफेद पदार्थ एक सामान्य प्रक्रिया है. यह  सर्विक्स से निकलने वाला म्यूकस (Mucus) है और हमेशा इस डिस्चार्ज का होना बुरा संकेत नहीं माना जाता. यह एक मिथ है कि सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज इंफेक्शन की वजह से इस तरह का डिस्चार्ज अधिक होता है. इस डिस्चार्ज की मात्रा में बदलाव की वजह सौ फीसदी हॉर्मोनल होती है और यह मेंस्ट्रूअल साइकिल, प्रेग्नेंसी और मेनोपॉज संबंधित होती है.मेंस्ट्रूअल साइकिल के दौरान वजाइनल डिस्चार्ज की मात्रा में बदलाव आ सकता है. इस वक्त आपकी ओवरी एग को रिलीज करती है तो आपका डिस्चार्ज आमतौर पर कच्चे अंडे की सफेदी जैसा गाढ़ा और लसलसा हो जाता है. भले ही डिस्चार्ज का गीलापन आपको असहज महसूस कराएं, लेकिन डिस्चार्ज के हेल्दी होने पर इसमें तेज गंध या कोई रंग नहीं होता. इसमें अगर खुजली, खराश या तेज गंध, रंग या और कोई भी बदलाव हो तो फिर यह इंफेक्शन हो सकता है.

    वजाइना के अच्छे और गंदे बैक्टीरियाः

    वजाइना के अंदर इसे बचाने के लिए बहुत सारे बैक्टीरिया होते हैं. रॉयल कॉलेज ऑफ ओब्स्टेट्रिशियन एंड गायनेकोलॉजिस्ट की प्रोफ़ेसर रॉनी लैमोंट के मुताबिक, आंतों के बाद वजाइना ही ऐसी जगह है जहां सबसे अधिक बैक्टीरिया होते हैं, लेकिन ये कुछ वजहों से वहां होते हैं.

    इसे भी पढ़ेंः Postpartum Care: मां बनने के बाद खुद का ध्‍यान रखना भी है जरूरी, अपनाएं ये टिप्स

    वजाइना के अच्छे बैक्टीरिया अपनी अधिक संख्या की वजह से बुरे और हानिकारक बैक्टीरिया को मात देते हैं. लैक्टोबैसिली नामक बैक्टीरिया वजाइना के पीएच संतुलन बनाने में मदद करते है. मतलब की इसमें एसिड का मात्रा को कंट्रोल करते हैं. इससे इन अच्छे बैक्टीरिया की सेहत भी अच्छी रहती है. वजाइना में जीवाणुओं को मारने और कम करने के लिए बैक्टीरियोसिन नाम के बैक्टीरिया एंटीबायोटिक दवाएं पैदा कर सकते हैं. यह एक ऐसा पदार्थ बनाते हैं जो वजाइना की दीवारों से चिपके हमलावर बैक्टीरिया को रोकता है. वजाइना में इन अच्छे बैक्टीरिया के संतुलन गड़बड़ाने से इंफेक्शन और सूजन हो सकती है.

    वजाइना की सफाई में ध्यान रखने की बातेंः 

    सुगंधित साबुन से परहेज करेंः 

    रोजाना वजाइना के आस-पास की जगह धोने के लिए बगैर सुंगध के साधारण साबुन का इस्तेमाल करें. बाकी की सफाई इससे निकलने वाले डिस्चार्ज से खुद ही हो जाती है. पीरियड्स के दौरान वजाइना को दिन में एक से अधिक बार धोना चाहिए. स्पेशली वजाइना और रेक्टम की जगह को. अगर आपकी वजाइना में जलन या इरिटेशन है तो नॉन एलेरजिक प्लेन सोप को ही प्राथमिकता दें. यह सुगंधित साबुन, जेल और एंटीसेप्टिक्स से बचने के लिए एक अच्छा आईडिया है,क्योंकि इस तरह की चीजें वजाइना के अच्छे बैक्टीरिया और पीएच का संतुलन प्रभावित कर सकती हैं. इससे वजाइना में जलन और सूजन हो सकती है.

    इसे भी पढ़ेंः Postpartum Care: मां बनने के बाद खुद का ध्‍यान रखना भी है जरूरी, अपनाएं ये टिप्स

    वजाइनल डूश रिस्की हैः

    ऐसा कोई सबूत नहीं है कि वजाइनल डूश यानी नल के तेज धार पानी से वजाइना को धोने से सेक्सुअल ट्रांसमिटेड  इंफेक्शन से बचाव होता है. कई औरतें वजाइना को नल के तेज धार पानी से धोती हैं. इससे वजाइना के अच्छे बैक्टीरिया के नष्ट होने का खतरा रहता है, इसलिए इससे बचना चाहिए. यह वजाइना की सफाई की जगह उसके लिए खतरे पैदा कर सकता है.

     सेंटेड वाइप्स और वजाइनल डीओडरेंट से बचें:

    वजाइना के सेहतमंद प्राकृतिक संतुलन में परफ्यूमड प्रोडेक्ट्स गड़बड़ी पैदा कर सकते हैं. प्रोफेसर लामोंट कहती हैं कि अगर प्रकृति ने वजाइना को रोज या लैवेंडर की खुश्बू देनी होती तो वह फिर उसे वैसे ही बनाती. वजाइना में गंध होना सामान्य है. इसके साथ ही प्रजनन चक्र के अलग- अलग समय में वजाइना की गंध बदल सकती है, लेकिन इसे हमेशा इंफेक्शन या बीमारी का संकेत नहीं माना जाना चाहिए. अगर आपकी वजाइना से असामान्य गंध आ रही हो तो फिर आपको गाइनी के पास जाना चाहिए. वजाइना में असामान्य डिस्चार्ज वेजिनोसिस की वजह से होता इससे बुरी गंध आती है. हालांकि इसका ट्रीटमेंट आसानी से एंटीबॉयोटिक्स के जरिए किया जा सकता है.

    सेफ सेक्स को प्राथमिकता देंः

     कुछ बैक्टीरिया और वायरस सेक्स के दौरान वजाइना में प्रवेश कर सकते हैं. इनमें क्लैमाइडिया, गोनोरिया, जनेटिल में खाज और मस्से, सिफलिस और एचआईवी की वजह बनने वाले वायरस शामिल हैं. इसलिए सेक्स  करने से पहले हमेशा कंडोम का इस्तेमाल करें. इस तरह आप वजाइना को इनके संक्रमणों से बचा सकते हैं.

    इसे भी पढ़ेंः Periods के दौरान होता है तेज दर्द तो खाने में शामिल करें ये चीजें, तुरंत मिलेगी राहत

    सर्विकल स्क्रीनिंग करवाएंः
    25 से 64 साल की उम्र की सभी महिलाओं को सर्विकल स्क्रीनिंग नियमित करवानी चाहिए. नियमित जांच होने से गर्भाशय ग्रीवा (cervix )में किसी भी तरह के असामान्य बदलाव की पहचान जल्दी हो सकती है और सर्विकल कैंसर को होने से पहले ही उसका इलाज किया जा सकता है.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज