बच्चों को इस तरह बनाएं आत्मनिर्भर, जिंदगी भर आएगा उनके काम

घर का सारा काम खुद ना कर बच्‍चों को भी इसमें इनवॉल्‍व करें. Image Credit : Pexels/Alex Green

घर का सारा काम खुद ना कर बच्‍चों को भी इसमें इनवॉल्‍व करें. Image Credit : Pexels/Alex Green

Make Your Kids Self Independent : आत्मनिर्भर बच्चों की अच्छी बात यह होती है कि वे कम उम्र से ही समस्या का समाधान करना और सही निर्णय लेना सीखने लगते हैं.यह आत्‍मविश्‍वास उन्‍हें जीवन भर काम आती है.

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Make Your Kids Self Independent : बच्चों को आत्मनिर्भर बनाना बेहद ज़रूरी है. इससे वे कम उम्र में ही अपने काम खुद करना सीख जाते हैं और छोटी-छोटी बातों के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहते. आत्मनिर्भर बच्चों की अच्छी बात यह होती है कि वे कम उम्र से ही समस्या का समाधान करना सीखने लगते हैं. हालांकि शुरुआत में गलतियां होती हैं, लेकिन धीरे धीरे आ रहे सुधारों से वे यह जान जाते हैं किसी भी चीज को सीखा और ख़ुद किया जा सकता है. यह आत्‍मविश्‍वास उन्‍हें जीवन भर कुछ न कुछ सीखते रहने के लिए प्रेरित करता है. वे गलतियों से निराश नहीं होते बल्कि उन्हें सुधारने का प्रयास करते हैं इसलिए हर पेरेंट्स को यह प्रयास करना चाहिए कि उनके बच्‍चे कम उम्र से ही कम से कम अपने काम तो खुद करना सीख ही जाएं.

आइए जानते हैं कि हम बच्‍चों को किस तरह आत्‍मनिर्भर बना सकते हैं.

1.निर्णय लेना सिखाएं



उनकी उम्र के लिहाज से उन्‍हें निर्णय लेने दें. इसकी शुरुआत आप उनके रोजाना के कपड़ों, जूतों के चुनाव से कर सकते हैं. इसके बाद शाम में कहां वॉक के लिए जाना है, किससे मिलना है, रेस्‍टोरेंट मेन्‍यू में कौन सा खाना खाना है, ये सब डिसाइड करने से पहले आप बच्‍चों का सजेशन जरूर लें.  इससे वे खुश भी होंगे और उनको निर्णय लेना भी आएगा.
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2.कुछ रिसपॉन्सिबिलिटीज दें

घर का सारा काम खुद ना कर बच्‍चों को भी इसमें इनवॉल्‍व करें जैसे डस्टिंग करना, घर समेटना, कपड़े पसारना, धुले कपड़ों को जगह पर रखना, बेड समेटना, खाना सर्व करना, अपने सामान को जगह पर रखना आदि. अगर आपके बच्‍चे 10 साल से ज्‍यादा के हैं तो उन्‍हें कुकिंग में भी इनवॉल्‍व करें जैसे अंडे उबालना, ब्रेड टोस्‍ट करना, जूसर यूज करना आदि. घर के छोटे छोटे कामों में उन्‍हें हिस्‍सा लेना सिखाएं.

3.ओवर प्रो‍टेक्टिव ना बनें

पेरेन्‍ट्स कई बार अपने बच्चों की सुरक्षा के चक्‍कर में उन्‍हें कुछ भी नया नहीं करने देते. कई माता पिता तो उन्‍हें किचन में घुसने भी नहीं देते कि वे जल जाएंगे. ऐसा ना करें. थोड़ा बहुत कटने जलने से कोई बड़ा नुकसान नहीं हो जाता. उन्‍हें प्रोत्‍साहित करें और उनकी मदद करें. ध्‍यान रखें कि कोई बड़ी दुर्घटना ना हो जाए.  ऐसा करने से बच्‍चों का आत्‍मविश्वास बढ़ेगा.



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4.रुटीन में रहना सिखाएं

यह तय करें कि बच्चों को किस वक्‍त क्‍या करना है. उनका एक रुटीन सेट करें और उन्हें उसे फॉलो करना सिखाएं. शुरुआत में दिक्‍कतें आ सकती है लेकिन एक बार जब बच्चे एक पैटर्न में अच्छी तरह से सेट हो जाते हैं तो उनके लिए यह काम आसान हो जाता है जैसे उठने का समय, खाने का समय, खेलने और पढ़ने का समय, टीवी देखने का समय आदि तय करें. यह ध्यान रखें कि ऐसा तभी संभव है जब घर के बड़े भी एक उचित रुटीन फॉलो करते हों. (Disclaim er: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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