सिर दर्द और खांसी को ना करें इग्नोर, हो सकती है ये बड़ी बीमारी, जानें इसका देशी इलाज

साइनस खोपड़ी में हवा से भरी हुई जगह होती है.
साइनस खोपड़ी में हवा से भरी हुई जगह होती है.

साइनस (sinus) से एक बड़ी आबादी ग्रसित है. यह एक नाक (Nose) संबंधी रोग है, जिसकी शुरुआत जुकाम, सांस लेने में तकलीफ के साथ होती है.

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आज कोरोना (corona) महामारी के दौर में अगर किसी को हल्की खासी आई या गले में खराश हुई तो लोगों को कोरोना का डर सताने लगता है, लेकिन जरूरी नहीं कि सर्दी जुकाम (Cold and cough) और सिर दर्द से कोरोना जैसी गंभीर बीमारी हो. फिर भी सर्दी-जुकाम को अनदेखा करने की इन दिनों बिल्कुल भी गलती न करें क्योंकि साइनस की समस्या भी हो सकती है.

साइनस एक ऐसी समस्या है, जिससे एक बड़ी आबादी ग्रसित है. यह नाक संबंधी रोग है, जो जुकाम, सांस लेने में तकलीफ और चेहरे की मांसपेशियों में दर्द के साथ शुरू होता है. डॉक्टरों का कहना है कि साइनस खोपड़ी में हवा से भरी हुई जगह होती है. यह माथे, नाक की हड्डियों, गाल और आंखों के पीछे होती हैं. साइनर में लोगों को सिर दर्द, सांस लेने में दिक्कत, नाक में खुजली होती है. आज हम इस बीमारी के लक्षण और इसके घरेलू इलाज के तरीके के बारे में बता रहे हैं....

साइनस के लक्षण
सबसे पहले हमें इस बीमारी के लक्षणों के बारे में जान लेना चाहिए. वयस्कों में साइनस के लक्षण जुकाम या कोल्ड के साथ शुरू होता है. जुकाम की अनदेखी के कारण यह स्थिति ठीक होने की बजाय बिगड़ सकती है. आइये साइनस के इन लक्षणों को जानते हैं...
- सांस से बदबू आना


- किसी तरह की गंध महसूस न कर पाना
- ऐसी खांसी, जो रात को और ज्यादा हो जाती है.
- थकान और बीमार जैसा महसूस होना.
- बुखार आना और सिरदर्द होना.
- आंखों के पीछे दर्द और दांतों में दर्द होना.
- चेहरे का बहुत मुलायम हो जाना.
- नाक बंद होना या बहना और गले में खराश होना.

साइनस के घरेलू इलाज
आज हम आपको साइनस के पांच घरेलू इलाज के बारे में बता रहे हैं, जिनके द्वारा आप अपने घर में इसका इलाज कर सकते हैं. इन घरेलू उपायों के अलावा गंभीर स्थिति में आपको साइनस के इलाज के लिए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

ये हैं साइनस के घरेलू उयाय


1. सेब का सिरका
इसमें आपको एप्पल साइडर विनेगर की 5 से 10 बूंदें या बोतल का आधा ढक्कन लेना होगा.

उपयोग का तरीका
- सबसे पहले सेब के सिरके को चौड़े बर्तन में डालें.
- इसमें अब एक लीटर पानी डाल दें. फिर इसे गर्म करें.
- पानी से जब भाप निकलने लगे तो बर्तन को गैस बंद कर दें.
- फिर, तौलिए से सिर को ढककर भाप लें, स्टीमर की मदद भी ले सकते हैं.
- करीब पांच से 10 मिनट तक भाप लेते रहें.
- दिन में दो से तीन बार ऐसा किया जा सकता है.

क्या होगा फायदा
इससे साइनस में होने वाला भारीपन कम होगा. इसी वजह से एप्पल साइडर विनेगर का इस्तेमाल कर भाप लेने को इस बीमारी में फायदेमंद माना जाता है. सेब के सिरके में एंटीमाइक्रोबियल गुण होता है. यह गुण बैक्टीरिया की वजह से होने वाले साइनस इन्फेक्शन को कम करता है.

2.लेमन बाम
सामग्री: एक छोटे चम्मच में लेमन बाम ऑयल लें. साथ ही एक चम्मच लेमन बाम की सूखी पत्तियां लें.

उपयोग का तरीका
- लेमन बाम के तेल से सिर, नाक और गले की मसाज कर सकते हैं.
- इसके साथ ही लेमन बाम की सूखी पत्तियों को पानी में उबालकर काढ़े के रूप में पी सकते हैं.
- दोनों तरीके इस बीमारी में फायदेमंद हैं. इन दोनों तरीकों को आप अपना सकते हैं.

क्या फायदा होगा
लेमन बाम के उपयोग से सिरदर्द को ठीक कर सकते हैं, जो साइनस रोग का लक्षण है. इसी वजह से इसका इस्तेमाल कई तरह की एरोमाथेरेपी और मसाज में किया जाता है. लेमन बाम में एनाल्जेसिक (दर्द निवारक) गुण होते हैं. ये साइनस का सिरदर्द कम कर सकता है.

3. अदरक की चाय
सामग्री: 1-2 चम्मच कद्दूकस किया हुआ अदरक और दो कप पानी चाहिए होता है.

उपयोग का तरीका
- पानी में अदरक डालें और अब कुछ देर पानी को उबलने दें.
- अब हल्की आंच में पानी को दो से तीन मिनट तक उबलें और पानी को छान लें.
- अब इसे गर्मा-गर्म चाय की तरह पी लें. हां स्वाद के लिए इसमें शहद भी डाल सकते हैं.
- एक दिन में दो कप अदरक की चाय पी सकते हैं.

क्या होगा फायदा
साइनस का सिरदर्द कम करने के लिए अदरक का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसमें एनाल्जेसिक यानी दर्द निवारक गुण होते हैं. इसी वजह से माइग्रेन के सिरदर्द में भी इसका सेवन किया जा सकता है. इसके अलावा, खांसी को भी अदरक कम कर सकता है.

4. शहद
सामग्री: दो चम्मच शहद और आधा चम्मच नींबू का रस के साथ एक गिलास पानी लें.

उपयोग का तरीका
- एक गिलास गुनगुने पानी में दो चम्मच शहद मिला लें
- अब इसमें नींबू के रस की कुछ बूंदें मिला लें और रोज सुबह-शाम पीयें.

क्या होगा फायदा
शहद का इस्तेमाल भी इस बीमारी के लिए कर सकते हैं. शहद क्रॉनिकराइनो साइनसाइटिस के कारक स्यूडोमोनस एरुगिनोसा (पीए) और स्टैफिलोकोकस ऑरियस (एसए) बैक्टीरिया के खत्म करने में मदद कर सकता है. इसी वजह से शहद को साइनस का घरेलू उपचार माना जाता है.

5. लहसुन
सामग्री:4 से 5 लहसुन की कलियां ले.

उपयोग का तरीका
- सूप बनाने के लिए आप गर्म पानी में लहसुन की कलियों को पीस कर डाल दें.
- हल्का गरम होने पर इसको पीयें.

क्या होगा फायदा
साइनस के घरेलू नुस्खे में लहसुन शामिल है. इसमें एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो किटाणुओं को पनपने से रोक सकता है. इसी वजह से साइनस प्रॉब्लम के लिए लहसुन का सेवन करने की भी सलाह दी जाती है. कहा जाता है कि लहसुन साइनस में जमे अत्यधिक म्यूकस को निकालने में मदद कर सकता है.

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Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं.
Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

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