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आप से ज्यादा खुश थे आपके पूर्वज, ये है वजह

News18Hindi
Updated: December 27, 2019, 11:24 AM IST
आप से ज्यादा खुश थे आपके पूर्वज, ये है वजह
आप से ज्यादा खुश थे आपके पूर्वज, ये है वजह

तोहोकु यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं की टीम ने प्राचीन वीमैट-1 प्रोटीन को अपने अध्ययन के दौरान दोबारा से बनाया. इस दौरान पता चला कि...

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  • Last Updated: December 27, 2019, 11:24 AM IST
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समय में बदलाव के साथ साथ जहां जीवन शैली में बदलाव आया है वहीं इसके कई प्रभाव भी इंसानों पर गहराई से पड़े हैं. जैसे जैसे मानव प्रजाति का विकास हुआ लोगों में बातचीत औए मेलजोल के तरीके, खानपान, सामाजिकता और रुझानों में भी बदलाव आया. इस बदलाव के साथ लोगों के सोचने और विचार शक्ति का दायरा भी काफी बढ़ गया. इससे लोगों में तनाव और चिंता का स्तर भी बढ़ गया है. हाल में ही इस विषय पर हुई एक रिसर्च में यह बात सामने आई है कि इंसान के पूर्वज उससे ज्यादा खुश और शांत प्रवृत्ति के थे. आइए जानते हैं इस शोध के बारे में...

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तोहोकु यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं की टीम ने प्राचीन वीमैट-1 प्रोटीन को अपने अध्ययन के दौरान दोबारा से बनाया. इस दौरान पता चला कि मानव प्रजाति के विकास के दौरान वीमैट-1 के न्यूरोट्रांसमिटर में कई प्रकार के कार्यात्मक परिवर्तन आए हैं. शोधकर्ता मासाकाडो क्वाटा और उनकी टीम ने पाया कि मानव के विकास के दौरान वीमैट-1 जीन में काफी बदलाव आया है.

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बता दें कि न्यूरोकेमिकल जैसे डोपामाइन और सेरोटोनिन इंसानी दिमाग के भावनात्मक और ज्ञान से जुड़े कामों को अंजाम देने के लिए काफी हद तक जिम्मेदार होते हैं. वेस्क्युलर मोनोमाइन ट्रांसपोर्टर-1 (वीमैट-1) एक ऐसा जीन है जो न्यूरनल संकेत को संचारित करता है और न्यूरोट्रांसमिटरों के आदान-प्रदान का काम करता है.

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शोधकर्ताओं को पता चला है कि प्राचीन वीमैट-1 प्रोटीन में ज्यादा न्यूरोट्रांसमिटर सोखने की क्षमता थी, जबकि आधुनिक समय में मौजूद जीन में अवसाद और चिंता के ज्यादा लक्षण देखे गए हैं.(एजेंसी- भाषा)

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First published: December 27, 2019, 11:20 AM IST
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