Human Story : दोस्त के एक्सीडेंट ने ट्रैफिक पुलिस के अंदर का डांसर जगाया

रंजीत सिंह की एक पहल के बाद ट्रैफिक पुलिस अपने बलखाती कमर और लहराते हाथों से खचाखच भरी रोड को भी बखूबी काबू में करते हैं.

Kalpana Sharma | News18Hindi
Updated: December 27, 2018, 2:46 PM IST
Human Story : दोस्त के एक्सीडेंट ने ट्रैफिक पुलिस के अंदर का डांसर जगाया
रंजीत सिंह इंदौर की ट्रैफिक को डांस करके रोकते हैं
Kalpana Sharma | News18Hindi
Updated: December 27, 2018, 2:46 PM IST

नाचना, ये ऐसा शब्द है जिसके साथ ही मुग्ध होना जुड़ा हुआ है. किसी खूबसूरत नज़ारे को देख कर मन मयूर नाच उठता है तो कोई खुशी की बात सुनकर दिल नाच उठता है. कभी रोमांचित होकर हमारा रोम रोम थिरक जाता है तो कभी मन यूं ही नाचने को कह देता है. एक अच्छे नृत्य में इतनी ताकत होती है कि वो कोलाहल में चुप्पी पैदा कर सकता है. ताल पर थिरकते कदम देखकर लोग दिल थाम लेते हैं.


इंदौर ऐसा ही एक शहर है जहां का ट्रैफिक किसी रेडलाइट से नहीं बल्कि नाच से थमता है. जब रंजीत सिंह सड़क पर गाड़ियों से बजते हॉर्न से ताल मिलाकर माइकल जैक्सन की तरह मूनवॉक करते हैं तो तेज़ी से आती गाड़ियां वहीं थम जाती है गोया वो चल ही नहीं रही थी. यह रंजीत सिंह की डांस प्रतिभा का जादू है और उनका ट्रैफिक को नियंत्रित करने का अनोखा तरीका जिसने न सिर्फ उन्हें दुनिया भर में चर्चा में ला दिया बल्कि उनके इस सफल और अनूठे प्रयोग को देखकर अब कई ट्रैफिक पुलिस अपने बलखाती कमर और लहराते हाथों से खचाखच भरी रोड को भी बखूबी काबू में करते हैं.


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मेरा नाम रंजीत सिंह है, इंदौर में रहता हूँ. पुलिस में मेरी भर्ती हुई और ट्रैफिक में मेरी पोस्टिंग हुई. मेरा एक दोस्त इंदौर आ रहा था, मुझसे मिलने के लिए. आते हुए उसका एक्सीडेंट हुआ और मुझसे कहा गया कि बायपास पर एक बॉडी पड़ी हुई है, उसे जाकर लेकर आओ. मुझे नहीं पता था वो कौन है लेकिन जब मैं वहां पहुंचा तो वो मेरा दोस्त की ही बॉडी निकला. यह देखकर मैं हिल गया था, मैं सकते में था. मैं इतना विचलित था कि उस दिन मेरी ड्यूटी जिस चौराहे पर थी, मैं वहां इधर से उधर घूम रहा था. मेरे साथियों ने कहा कि रंजीत तू इतना घूम रहा है कि तेरी वजह से लोग रुक रहे हैं. वो लोग सिग्नल देखकर नहीं रुक रहे थे, वो मेरे घूमने से रुक रहे थे. मैंने सोचा अगर लोग घूमने से रुक रहे हैं तो मैं और घूमता हूँ. दिमाग में था कि कुछ करना है, कुछ ऐसा करना है कि मेरे दोस्त की तरह दुर्घटना का शिकार न बने. लोगों के मन में ट्रैफिक को लेकर समझ बढ़े. बस उसी दिन के बाद मैंंने कुछ ऐसा किया जिसने मेरी जिंदगी भी बदली और इंदौर के ट्रैफिक को भी.



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रंजीत चार घंटे तक बिना रुके डांस करके ट्रैफिक रोकते हैं

मैं अंदर से डांसर भी हूँ. कई बार आपके अधूरे ख़्वाब को पूरा करने का मौका ज़िंदगी देती है. मुझे भी मिला जब मैंने सोचा कि क्यों न मैं ट्रैफिक को डांस करते हुए रोकूं. मेरे अंदर का डांसर, चौराहे पर कॉन्स्टेबल के रूप में आ गया. लोग रुकने लगे, लोगों में ट्रैफिक सेंस आने लगा तो मैंने भी अपना ये काम जारी रखा. पहले लोग हर बात के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराते थे, अब लोग मानने लगे कि हम भी ख़राब है इसलिए ट्रैफिक व्यवस्था ख़राब है. बहुत सारे लोग मुझसे प्रेरित हुए और मेरी तरह ट्रैफिक को मैनेज करने लगे.


मुझे डांस करते हुए एक साइड से दूसरी साइड जाने में ज़्यादा वक्त लग रहा था. तब अंदर के डांसर ने कहा मूनवॉक कर जल्दी पहुंच जाएगा. तो मूनवॉक करते हुए मैं 30 सेंकड में एक साइड से दूसरी साइड पहुंच जाता हूँ. यह करते हुए मुझे 12 साल हो गए. मेरे अधिकारियों ने कहा कि आप जो कर रहे हो अच्छा कर रहे हो, बस देखिएगा ऐसा करते हुए आपकी सुरक्षा पर कोई खतरा न हो.


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बहुत सारे लोग मुझे नचैया कहते हैं लेकिन मुझे फर्क नहीं पड़ता. मैं क्या कर रहा हूँ, सही कर रहा हूँ या गलत कर रहा हूँ, यह मुझे सोचना है. मैंने किसी की बात नहीं सुनी, बस अपना काम करता गया. एक बार में ड्यूटी के लिए एक चौराहे पर पहुंचा. वहां एक छोटा लड़का भीख मांग रहा था, जब मैंने वहां चौराहे पर डांस किया तो उसने भीख नहीं मांगी. मैंने उससे बाद में पूछा कि आज तुमने भीख क्यों नहीं मांगी. तो उसने कहा कि - सर अगर आप ऐसे ही डांस करते रहेंगे तो मैं ज़िंदगी भर भीख नहीं मांगूगा. तब मुझे लगा कि अगर मैं किसी की भूख को काबू में ला सकता हूं तो ट्रैफिक भी काबू में कर सकता हूँ.


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