Human Story: रेप पीड़िता से शादी की और कहा, अब कानून पढ़ो और अपनी लड़ाई लड़ो

लड़की ने मना किया, “मेरा रेप हुआ है, मैं शादी के लायक नहीं.” हरियाणा के जितेंद्र छत्‍तर ने कहा, “तुम शादी और प्‍यार दोनों के लायक हो. अब कानून पढ़ो और इस लायक बनो कि अपनी लड़ाई लड़ सको.”

Manisha Pandey | News18Hindi
Updated: December 4, 2018, 1:20 PM IST
Manisha Pandey | News18Hindi
Updated: December 4, 2018, 1:20 PM IST
हमारी शादी की बात चली. लड़की बहुत चुप-चुप और उदास सी रहती थी. एक दिन उसने कहा कि मैं आपसे शादी करने के लायक नहीं. मैं किसी से भी शादी करने के लायक नहीं. मुझे बड़ा अजीब लगा कि ये ऐसा क्‍यों कह रही है. बड़ी सुंदर सी, भली सी लड़की थी. बस उदास बहुत थी. उसकी आंखें हमेशा बुझी-बुझी सी रहतीं. बहुत चुप रहती. इतनी बात भी उसने ऐसे बोली थी, मानो कितनी मेहनत, कितनी कोशिश से बोली हो.

मैंने काफी जोर देकर बार-बार पूछा तो उसने जो बताया, उसे सुनकर मेरे पांव तले मानो जमीन ही खिसक गई हो.

वो बी.ए. फर्स्‍ट ईयर की छात्रा थी, जब उसके साथ ये हादसा हुआ. गांव के ही दबंग समुदाय के कुछ लड़कों ने उसे अगवा करके और कोई नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ बलात्‍कार किया. वो यहीं नहीं रुके. उन्‍होंने उसका अश्‍लील वीडियो बना लिया और उसे दिखाकर उसे ब्‍लैकमेल करने लगे. उन्‍होंने अपने दोस्‍तों के साथ भी उसे जाने के लिए मजबूर किया. जैसे प्रसाद बांटते हैं, वैसे ही लड़के आपस में उसका बंटवारा करते रहे. लड़की बहुत डरी हुई थी. घरवालों को पता थी ये बात, लेकिन ये कुकर्म करने वाले इतने ताकतवर लोग थे कि लड़की और उसके घरवालों में उनसे लड़ने की हिम्‍मत नहीं थी. वो चाहते थे कि बस किसी तरह उसकी शादी हो जाए.

लड़की के साथ जो हादसा गुजरा था, उसने उसे भीतर से बिल्‍कुल तोड़ दिया था. इस डर से वो शादी के लिए भी तैयार नहीं थी. उसने चुपके से ये बात मुझे बताई. मेरे लिए वो काफी मुश्किल घड़ी थी. जब मैंने अपनी मां को सारी बात बताई तो मां के शब्‍दों ने मेरी सारी मुश्किलें दूर कर दीं.

मां ने कहा कि उस लड़की ने मुझे शादी से पहले, इस घर में आने से पहले सबकुछ सच-सच बता दिया है. अब ये तेरी जिम्‍मेदारी है कि तू उस लड़की को पूरे मान-सम्‍मान के साथ स्‍वीकार कर, उससे शादी कर और उसके लिए न्‍याय की लड़ाई भी लड़. तेरे बिना वो अकेले अपने लिए खड़ी नहीं हो पाएगी.

मेरे मन में जो थोड़ा-बहुत शुबहा था भी, वो मां की बातों से जाता रहा. मैंने उससे शादी की. आज हमारा दो साल का एक बेटा है और हम एक-दूसरे के साथ बहुत खुश हैं. आज भी वो कभी-कभी डरकर नींद से जाग जाती है, चौंककर उठ जाती है, तो मैं उसे संभाल लेता हूं. उसका हाथ थामकर उसे यकीन दिलाता हूं कि मैं हमेशा उसके साथ हूं, आखिरी सांस तक.


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शादी के बाद कानून की पढ़ाई
शादी के बाद मैंने उसे कानून की पढ़ाई करने की सलाह दी ताकि वो अपनी लड़ाई खुद लड़ सके. मैं तो ये लड़ाई लड़ ही रहा हूं, लेकिन उसे ज्‍यादा खुशी होगी, उसका खुद पर भरोसा बढ़ेगा अगर वो खुद कानून की बारीकियों को समझेगी और अपने लिए लड़ेगी. वो घर के कामों और बच्‍चे को संभालने के साथ पढ़ाई भी करती है. फर्स्‍ट ईयर अच्‍छे नंबरों से पास किया. अब अगली परीक्षा की तैयारी है.

ये शादी और ये कानूनी लड़ाई दोनों ही आसान नहीं थे. हम जानते हैं कि हम जिन लोगों से लड़ रहे हैं, वो बहुत ताकतवर लोग हैं. कानून से लेकर पुलिस तक सब उनकी जेब में है. उनके पास इतना पैसा है कि वो जिसे चाहे खरीद सकते हैं. हम जो फिल्‍मों में देखते हैं कि कैसे पैसे से लोग पुलिस, वकील, कानून सबको अपनी मुट्ठी में कर लेते हैं, वैसा होते मैं असल जिंदगी में देख रहा हूं. मुझे कई बार जान से मारने की धम‍कियां मिली हैं. मुझ पर दो झूठे मुकदमे किए जा चुके हैं. धमकी भरे फोन आते हैं कि मुकदमा वापस ले लो, वरना तुम्‍हारे पूरे परिवार को जान से मार डालेंगे. लेकिन मैं इन धमकियों से डरने वाला नहीं हूं. हर बार जब हम मुकदमे की सुनवाई के लिए चंडीगढ़ जाते हैं तो हमें अपनी सुरक्षा का डर सताता रहता है. हम हर बार किसी नए रास्‍ते से जाते हैं. मेरी पत्‍नी के लिए भी ये सब आसान नहीं. उसे मेरी सुरक्षा का डर सताता रहता है. जब मुकदमे के लिए घर से जाती है तो बच्‍चा उसके बगैर रोता है. वो दिल पर पत्‍थर रखकर सब करती है, ताकि लड़ सके, जीत सके.

मुझे पता है, ये लड़ाई आसान नहीं, लेकिन इस संघर्ष में मेरा और उसका परिवार हमारे साथ हैं. गांव में भी मेरी इज्‍जत है. किसी ने इस शादी को लेकर मुझ पर उंगली नहीं उठाई, बल्कि सम्‍मान से सिर पर बिठाया. घर में सब मेरी पत्‍नी का वैसे ही आदर करते हैं, जैसे घर की बहू का किया जाना चाहिए.

शादी के पहले उसने मना किया था, “मेरा रेप हुआ है, मैं शादी के लायक नहीं.” मैंने कहा था, “तुम शादी और प्‍यार दोनों के लायक हो. अब कानून पढ़ो और इस लायक बनो कि अपनी लड़ाई लड़ सको.”

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