#HumanStory: कहानी, गैंगरेप सर्वाइवर के पति की- ‘वो रातों को चीखते हुए उठती है’

6 लोगों ने उसका रेप किया. तस्वीरें निकालीं. और महीनों ब्लैकमेल किया. आज हम शादीशुदा हैं. वकीलों की फीस के लिए मैंने प्रॉपर्टी बेच दी. कोर्ट जाता हूं तो जान से मारने की धमकियां मिलती हैं लेकिन मुझे अब डर नहीं. रातों को चीखकर जाग जाने वाली वो लड़की बैखौफ सो सके, बस यही मकसद है.

News18Hindi
Updated: July 23, 2019, 6:48 PM IST
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हरियाणा के जितेंद्र छातर ने गैंग-रेप सर्वाइवर से शादी की और साढ़े तीन सालों से इंसाफ की लड़ाई लड़ रहे हैं.

सावन का महीना था. गांव के दस्तूर के अनुसार मेरे घरवाले सिंगार की डलिया लेकर उसके घर पहुंचे. लाल-हरी चूड़ियां, चटख चुनरी, बिंदिया- उस डलिया में सबकुछ था जो 20 साल की एक लड़की को भाए लेकिन उसने लेने से इन्कार कर दिया. रिश्ते पर मुहर लगने से पहले वो एक बार लड़के यानी मुझसे मिलना चाहती थी. मैं पहुंचा. मैं चाचा-ताऊओं के साथ सामनेवाले कमरे में बैठा था. लड़की की तस्वीर भर देखी थी. दुआ कर रहा था कि वो मना न करे. तभी भीतर से पहली बार उसकी आवाज सुनी. वो मुझसे अकेले में मिलना चाहती थी.

हम ठेठ गांववाले हैं. माता-पिता रिश्ता जोड़ते हैं तो सीधे शादी के मंडप में ही मुलाकात होती है.

इधर ये लड़की मुझसे मिलना चाहती है, वो भी अकेले में! साथ पहुंचे घरवालों के लिए ये एकदम अजूबी बात थी. सब अकबकाए बैठे मेरा चेहरा देख रहे थे. मैं उठा और भीतर चला गया. धुकधुकी लगी हुई थी कि अब कोई न कोई तो इन्कार करेगा ही.

भीतर पहुंचा तो वो चुपचाप बैठी थी. तस्वीर से भी प्यारी उस लड़की के चेहरे पर हर पल ढेरों भाव आ-जा रहे थे. मुझे देखते ही उठ खड़ी हुई. चेहरा ताजा आंसुओं से भीगा हुआ. आंखों के नीचे रतजगे के निशान.

बहुत देर बाद उस लड़की ने बोलना शुरू किया. बिना किसी भूमिका के एकदम सर्द आवाज में वो बता रही थी और मैं सुन रहा था. चंद मिनटों में ही मेरी दुनिया उलट-पुलट हो गई. ऐसा लगा, कोई ऊंचाई पर ले जाकर बार-बार पटक रहा हो. जाननेवाले मुझे काफी सख्त और हिम्मतवाला मानते हैं. पहली बार मैं हिम्मत खो रहा था.

पढ़ाई के दौरान लड़की रेप हुआ और वीडियो बना ली गई (प्रतीकात्मक फोटो)
पढ़ाई के दौरान लड़की रेप हुआ और वीडियो बना ली गई (प्रतीकात्मक फोटो)

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सामने बैठी लड़की, जिसकी आंखें उसके रंग से ज्यादा चमकती हैं, उसका रेप हुआ! एक-दो नहीं, कई-कई बार. बीबीए फर्स्ट ईयर के दौरान ट्रेनिंग का झांसा देकर गैंगरेप हुआ. वीडियो बनाई गई और फिर वीडियो, तस्वीरों के हवाले से उसे बार-बार बुलाया जाता रहा. मना करने पर वीडियो वायरल करने की धमकियां मिलतीं.

ब्लैकमेलिंग और रेप का ये सिलसिला तकरीबन 10 महीनों तक चला. बात खत्म होने से पहले मैं उसकी आंखों में देखने की हिम्मत खो चुका था.

थोड़ी देर बाद संभलकर जैसे-तैसे पूछा- ‘आपने मुझे ये बात क्यों बताई?’ उसका जवाब था- 'क्योंकि मैं धोखे में रखकर नया रिश्ता नहीं चाहती थी. आप मना कर दें तो मुझे मलाल नहीं होगा.' अब बोलने की मेरी बारी थी. वो टुकुर-टुकुर मुंह ताक रही थी. मेरी ‘न’ का इंतजार करते उसके चेहरे पर कुछ तो ऐसा था जो मुझे रोक रहा था. मैं तय कर चुका था कि मुझे क्या करना है. उसका हाथ पकड़कर वहां ले गया, जहां सब बैठे थे.

पूरा हॉल दो खेमों में बंटा हुआ था. एक तरफ मेरे घरवाले, जो लड़के से अकेले में मिलने की मांग सुनकर हैरान थे. दूसरी ओर उसके घरवाले, जो अपनी सीधी-सादी बच्ची की हिमाकत पर सहमे हुए थे.

बिना कोई आगा-पीछा सोचे मैंने सारी बात बता दी. पूरा हॉल सन्न था. अब भी याद है. हॉल में एक दीवारघड़ी थी. बस उसी की आवाज आ रही थी. लड़की कोने में खड़ी रो रही थी. मेरी मां ने चुप्पी तोड़ी. उसे गले लगाते हुए कहा- तू बड़ी हिम्मती है. ये बहुत बड़ी बात है कि नए घर में जाने से पहले तूने सब बता दिया. तुझे इंसाफ जरूर मिलेगा. फिर मेरी तरफ मुड़ी और कहा- इससे शादी करो, न करो, ये तुम्हारा फैसला है. मैंने दुनिया देखी है. बस, ये कह सकती हूं कि ऐसी सच्ची बच्ची कोई दूसरी नहीं होगी.

काउंसलिंग शुरू हुई. साथ ही साथ इंसाफ के लिए लड़ाई भी चलती रही (प्रतीकात्मक फोटो)
काउंसलिंग शुरू हुई. साथ ही साथ इंसाफ के लिए लड़ाई भी चलती रही (प्रतीकात्मक फोटो)


अगले ही दिन मैं अपनी भावी पत्नी के साथ जींद थाने में था. हमने रिपोर्ट कराई, फिर पानीपत पहुंचे क्योंकि हादसा वहीं हुआ था. वहां भी रिपोर्ट दर्ज की गई. 27 अगस्त 2015 को पहला आरोपी गिरफ्तार हुआ.

साल के आखिर में हमने शादी कर ली. पूरी टीमटाम के साथ उसे घर लेकर आया. छत्तीस बिरादरी का भोज हुआ था. गांव में कई दिनों तक जलसा रहा.

इसके बाद असल लड़ाई शुरू हुई. इतने महीनों तक लगातार इतना कुछ अकेले सहने के कारण मेरी पत्नी डिप्रेशन में थी. रात में जागकर चीखने लगती. शरीर पसीने में नहा जाता. बड़ी मुश्किल से उसे संभालता था. उसकी काउंसलिंग शुरू हुई. इंसाफ की लड़ाई भी साथ-साथ चलती रही.

दोषी काफी रसूखदार हैं. जैसे ही मामला दर्ज कराया, धमकियां आने लगीं. फोन आते कि केस वापस ले लो वरना पत्नी को उठा लेंगे. मार देंगे. आएदिन मुझे जान से मारने की धमकियां मिलतीं. पहली बार कोर्ट में गवाही के लिए जाना था, तब धमकी मिली कि रास्ते में ही खत्म कर देंगे. पत्नी रो पड़ी. मैंने तसल्ली दी कि ऊपरवाला सब संभाल लेगा, लेकिन अब रुकना मत. केस वापस लेने के लिए मुझे डेढ़ करोड़ का 'ऑफर' मिला. फर्जी केस में फंसाया गया.

जब भी कमजोर पड़ता- मुझे अपनी पत्नी का आंसू-धुला चेहरा याद आ जाती. शादी के दिन सात वादों के साथ मैंने एक और वादा किया था कि चाहे जान चली जाए लेकिन इंसाफ की लड़ाई में साथ खड़ा रहूंगा.

इतना कुछ सह चुकी लड़की धीरे-धीरे पिछली जिंदगी से उबर रही है (प्रतीकात्मक फोटो)
इतना कुछ सह चुकी लड़की धीरे-धीरे पिछली जिंदगी से उबर रही है (प्रतीकात्मक फोटो)


साढ़े तीन साल बीते. इस बीच काफी कुछ बदला. किसान का बेटा हूं, जमीन बेचना दिल बेचने के बराबर है लेकिन हाईकोर्ट की फीस के लिए मैंने प्रॉपर्टी बेच दी.

वकील आएदिन कभी किसी कागज तो कभी किसी तारीख के लिए पैसे मांगते. हारकर मैंने खुद लॉ कर लिया. अगले महीने चंडीगढ़ हाईकोर्ट में प्रैक्टिस भी शुरू कर दूंगा.

6 में से 2 मुजरिम अब भी छुट्टा घूम रहे हैं. जो डेढ़ करोड़ देने की बात करते हैं, आप खुद ही अंदाजा लगाएं कि वो कितनी पहुंचवाले रखते होंगे. हर हफ्ते तारीख मिलती है. कभी पानीपत जाते हैं तो कभी चंडीगढ़ जाना होता है. साथ में बीसेक मित्र जाते हैं. लेकिन मुश्किल तब होती है, जब पत्नी को भी जाना होता है. बार-बार बुलाहट होती है. जींद से पानीपत की दूरी 70 किलोमीटर है. यानी दो घंटे. क्रिमिनल इलाका है. डर लगता है कि जिस लड़की ने इतना कुछ सहा, अब उसे दोबारा कोई धक्का न लगे.

पिछले महीने की बात है. कोर्ट से लौट रहे थे. पत्नी खिड़की से बाहर देख रही थी. बड़ी देर बाद बोली- सारी उम्र केस में ही बीत जाएगी! मैं कुछ बोल नहीं सका. उसकी आंखों के नीचे अब भी स्याह धब्बा है. जब भी देखता हूं, सोचता हूं कि इतनी सी उम्र में इस लड़की ने कितना कुछ सहा है.

उस हादसे के बाद कॉलेज छोड़ दिया था. घर से बाहर तभी निकलती, जब उन लोगों की मिलने या पैसों की मांग आती. शादी के बाद मेरी जिद पर दोबारा ग्रेजुएशन किया. अब लॉ कर रही है. ख्वाहिश है कि वो काला कोट पहनकर कोर्ट पहुंचे और उन तमाम लड़कियों की आवाज बने, जिन्होंने किसी भी किस्म की ज्यादती सही हो. जिस हौसले से इसने अपना सच बताया था, उसी हौसले से लड़कियों के लिए लड़े.

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First published: July 23, 2019, 12:55 PM IST
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