#HumanStory: 'बरेली के उस 'ख़ुदा' के घर में 14 तलाक हो चुके थे, मैं 15वीं थी'

जिस खानदान में 14 तलाक हो चुके हों, वहां 15वें तलाक में भला क्या वक्त लगता. मैं हर वक्त खौफ के साये में जीती. उन्होंने मेरा बच्चा गिरा दिया. और आखिरकार तलाक दे ही दिया.

Mridulika Jha | News18Hindi
Updated: July 24, 2018, 8:31 AM IST
Mridulika Jha | News18Hindi
Updated: July 24, 2018, 8:31 AM IST
(बरेली की निदा खान इन दिनों तीन तलाक और हलाला के खिलाफ मुहिम छेड़े हुए हैं. मुस्लिम रुढ़िवादियों के फतवा जारी करने के बावजूद निदा बिना डरे अपना काम कर रही हैं)

शादी के बाद ससुराल पहुंची, वहां छोटे बच्चे भी मेरे पैर चूमते. मुझे ये सब अजीब लगता क्योंकि जिंदगी में मेरा कोई हासिल नहीं था. हालांकि इसका विरोध करने का खास फायदा नहीं था क्योंकि मैं आला हजरत खानदान की बहू थी. वहां के तौर-तरीके जाहिर होने में वक्त नहीं लगा. शादी के अगले ही रोज पति ने कार के नए मॉडल की मांग की. वो पति, जिसे पूरा बरेली खुदा की तरह पूजता है. ये शुरुआत थी.

24 साल की निदा बरेली से लेकर देश के तमाम अखबारों की सुर्खियां बनी हुई हैं. आखिर कौन हैं ये निदा?
उत्तरप्रदेश के बरेली की एक आम लड़की को जिंदगी की मुश्किलात और उससे उबरने की जिद ने खास बना दिया. निदा का बचपन दूसरे बच्चों की ही तरह सपनों और कोशिशों से भरा हुआ था. वे याद करती हैं, घर का माहौल खुला हुआ था. कॉन्वेंट में पढ़ाई की और पायलट बनने के ख्वाब पाले. स्कूल खत्म होते न होते हालांकि लोग रिश्ते सुझाने लगे.

जिस तबके से आती हूं, वहां लड़कियों की पढ़ाई या ख्वाबों से किसी का कोई वास्ता नहीं होता. मेरा परिवार इससे थोड़ा अलग था लेकिन हर दिन के साथ दबाव बढ़ता गया.

प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर


ग्रेजुएशन का आखिरी पर्चा था, जब मेरे लिए 'उस' परिवार से रिश्ता आया. इनसे रिश्ता जुड़ने पर मरने के बाद सीधे जन्नत मिलेगी- तमाम नातेदार एक सुर में कहने लगे. पापा ने मेरी मर्जी पूछी. मैंने पायलट बनने का सपना ड्रॉप कर दिया.
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रिश्ता तय होने से लेकर शादी के बीच 8 महीनों का फासला था. उसने कभी बात करने या मिलने की कोशिश नहीं की. ये शरीयत में जायज नहीं. फरवरी, 2015 में शादी के तुरंत बाद से सब बदलने लगा. कार का मॉडल न बदलवाने पर शुरू हुई मारपीट बढ़ती गई. हद तो तब हुई जब सबके सामने वे लोग मुझे पीजी के एग्जाम हॉल से उठा लाए. पुलिस भी हाथ बांधे देख रही थी. तब अखबार में खबर आई- बरेली की मलाला को एग्जाम देने से रोका.

इसके बाद से मैं शांत रहने लगी. आएदिन वे बड़ी ऐंठ से बताते कि उनके घर में अब तक 14 तलाक हो चुके हैं. मुझसे तलाक उनके लिए महज एक नंबर होता. मारपीट फिर भी बढ़ती गई और इस कदर बढ़ी कि मेरा बच्चा गिर गया. मुझे घर से निकाल दिया गया. 2016 की बात है. मैं वापस नहीं लौटी.

उन्हें इतना घमंड है कि वे खुद को खुदा समझ बैठे. यहां तक कि बच्चा जाया होने को भी उन्होंने अपनी मर्जी कहा.

निदा खान
निदा खान


तब से अब तक मैंने पुलिस और कचहरी के जाने कितने चक्कर काटे. पुलिस एफआईआर लिखने से साफ मना करती. बड़े अधिकारियों के पास पहुंची तो उन्होंने हामी भरी. ज्यों ही मैंने बताया कि दरगाह आला हजरत की बहू हूं, सबका लहजा बदल गया. कहीं कोई सुनवाई नहीं थी. आखिरकार कोर्ट की मदद से एफआईआर करवाई. अब तक मेरा तलाक नहीं हुआ था. उन्होंने अपने ही घर पर तलाकनामा बनाया और कोर्ट में डाल दिया.

नंबर 15 बनने के बाद मेरे भीतर का बचा-खुचा डर भी चला गया. अब मैं इस्लाम से खारिज हूं.

'निदा खान बीमार पड़ती हैं तो उन्हें कोई दवा उपलब्ध नहीं कराई जाए. उनकी मौत हो जाती है तो न ही कोई उनके जनाजे में शामिल होगा और न ही कोई नमाज अदा करेगा'. ये है बरेली की आला हजरत दरगाह का फतवा जो निदा के खिलाफ जारी हुआ है.

निदा कहती हैं, मैंने अपने और खुद जैसी सताई हुई औरतों के हुकूक में बात शुरू की, जिसके बदले में एसिड अटैक तक की धमकी मिली. अब मुझे मुस्लिम मानने से इन्कार किया जा रहा है.

मैं एक डेमोक्रेटिक देश में हूं. मन चाहे तो आज सुबह मुसलमान हो जाऊं, दोपहर में सिख, रात को हिंदू और कल कुछ और. कोई किसी को किसी धर्म से निकाल नहीं सकता. लेकिन लोग डरे हुए हैं. मिलने वालों का हुक्का-पानी बंद होने की धमकी से मुलाकाती हमारे घर आते कतरा रहे हैं. मां-बाप सकते में हैं. औलाद के गम से बड़ा गम क्या होगा. मेरे मां-बाप को उनकी बेटी के जीते-जी उसकी मौत के बाद की धमकियां सुननी पड़ी हैं.

निदा खान
निदा खान


इस सारे फसाद से कई बार जी घबराने लगता है. हजारों लोग उनके खानदान के फॉलोवर्स हैं. उनके एक इशारे पर मरने-काटने को तैयार. दिल में डर बैठ गया है कि खुदा न करे, किसी भी पल कुछ भी हो सकता है. फिर अपने साथ हुआ सुलूक याद आता है. अपने बच्चे का जाया होना याद आता है. तब दोबारा ताकत लौट आती है कि चाहे जो हो, कौम के रहनुमा का नकाब पहने इन लोगों की असलियत सामने लाकर रहूंगी.

(खबर लिखे जाने तक निदा के खिलाफ एक और फतवा जारी हो चुका है. ऑल इंडिया फैजान-ए-मदीना के हवाले से जारी फतवे में निदा के बाल काटने और उसे पत्थर मारने वाले को इनाम का एलान हुआ है.) 

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