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जितनी बढ़ती है पत्नी की कमाई उतने ज्यादा असुरक्षित होते हैं पति- स्टडी


Updated: November 25, 2019, 12:21 PM IST
जितनी बढ़ती है पत्नी की कमाई उतने ज्यादा असुरक्षित होते हैं पति- स्टडी
पिछले दिनों कई सारे कंपनियों में घोटाले सामने आए हैं.

अब अमेरिका में हुई एक रिसर्च (American Research) में भी इस बात की पुष्टि हो गई है कि पत्नी की ज्यादा सैलेरी से पतियों में ईर्ष्या (Husband Jealous of Wife) की भावना घर कर जाती है.

  • Last Updated: November 25, 2019, 12:21 PM IST
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वॉशिंगटन. पत्नी की कमाई खाने वाले पति को भारतीय समाज में हिकारत की निगाह से देखा जाता है. यह उस मानसिकता का परिणाम है जिसमें मर्द (Patriarchal Society) को ही सर्वश्रेष्ठ माना जाता है. लेकिन यह धारणा भी सही नहीं है कि पश्चिमी दुनिया में महिलाओं के सशक्तिकरण (Women Empowerment) को सहर्ष स्वीकार किया जा रहा हो. अब अमेरिका में हुई एक रिसर्च (American Research) में भी इस बात की पुष्टि हो गई है कि पत्नी की ज्यादा सैलेरी से पतियों में ईर्ष्या (Husband Jealous of Wife) की भावना घर कर जाती है.

टॉइम्स ऑफ इंडिया में छपी एक खबर के मुताबिक अमेरिकी शोधकर्ताओं ने 6000 शादीशुदा जोड़ों पर 15 साल तक अध्ययन किया है. इस शोध में यह पाया गया कि जब पत्नी कि कमाई घर की आय का 40 फीसदी से अधिक हो जाए तो पतियों में व्याकुलता बढ़ जाती है. शोधकर्ताओं के मुताबिक जब तक पत्नी घर खर्च में हाथ बंटाती है तब तक तो ठीक है, लेकिन एक बार उसकी कमाई पति से ज्यादा या आसपास भी हुई तो पुरुष असुरक्षित हो जाते हैं.

यह शोध अमेरिका में यूनिवर्सिटी ऑफ बाथ के वैज्ञानिकों ने की है. इसमें पाया गया कि जो पति अपने गुजारे के लिए पूरी तरह से पत्नी की कमाई पर आश्रित होते हैं वह सबसे ज्यादा तनाव में रहते हैं. शोधकर्ता डॉ. जोआना सिर्डा के मुताबिक पुरुष को गृहस्थी के लालन-पालन का जिम्मेदार मानने वाली रुढ़िवादी सोच उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रही है.

डॉ. सिर्डा ने बताया कि विवाह जैसे संस्थान में इस रुढ़िवादी सोच के विपरीत यदि महिलाएं पुरुष से अधिक कमाने लगें तो इसका असर सीधे वैवाहिक जीवन पर पड़ता है. इस प्रभाव का शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, जीवन के प्रति असंतोष, विवाहेत्तर संबंध से लेकर तलाक तक किसी भी रूप हो सकता है.

जब अमेरिका जैसे विकसित समाज में यह हालात है तो भारतीय परिवेश में ऐसे पुरुषों की मानसिकता क्या होगी इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है. यहां तो लिंगभेद की रुढ़ियां और गहरे तक हैं. भारत में 'मर्द को दर्द नहीं होता' कहावत के दवाब में पुरुष के लिए रोना भी एक रुढ़ी है.

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First published: November 25, 2019, 11:51 AM IST
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