बनने जा रहे हैं पिता, तो ऐसे करें तैयारी

आप पिता बनने की तैयारी कर रहे हैं तो इसके बारे में अपने पैरेंट्स से चर्चा जरूर करें.
आप पिता बनने की तैयारी कर रहे हैं तो इसके बारे में अपने पैरेंट्स से चर्चा जरूर करें.

पिता बनने (father) की खुशी और घर में बच्‍चे की किलकारी गूंजने का क्षण किसी व्‍यक्ति के लिए बहुत खास होता है. एक पिता होने के नाते जहां आपके लिए यह जिम्‍मेदारियां (Responsibilities) बढ़ने का समय होता है, वहीं पिता बनने का सुख एक भावनात्‍मक (Emotional) क्षण होता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 9, 2020, 10:22 AM IST
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जिस तरह मां (Mother) बनने का एहसास किसी महिला के लिए अलग ही होता है और उसके जीवन (Life) में कई बदलाव लाता है, इसी तरह पिता बनने (father) की खुशी और घर में बच्‍चे की किलकारी गूंजने का क्षण भी किसी व्‍यक्ति के लिए बहुत खास होता है. एक पिता होने के नाते जहां आपके लिए कुछ जिम्‍मेदारियां (Responsibilities) बढ़ने का समय होता है, वहीं पिता बनने का सुख एक भावनात्‍मक (Emotional) समय होता है. हेल्‍थलाइन में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक इसके लिए आपको कुछ अहम बातों की जानकारी जरूर होनी चाहिए.

सेहत के लिए जरूरी हैं कुछ बदलाव
गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान करने का जोखिम नवजात शिशुओं में जन्मजात हृदय रोग के जोखिम को बढ़ाता है. इस पर भी ध्‍यान दें कि आपकी खाने की आदतें कैसी हैं. अच्छी तरह से खाने से आपकी सेहत अच्‍छी रहेगी और आप पिता बनने के बाद की जिम्‍मेदारियों को अच्‍छी तरह निभा पाएंगे. इसके लिए आप अपने भोजन में कुछ फाइबर युक्त और इम्‍युनिटी बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों को शामिल करें. इसके अलावा अपने फैमिली डॉक्‍टर के संपर्क में रहें और टीकाकरण के बारे में पूरी जानकारी लें.

पैरेंट्स के अनुभव से सीखें
यह एक ऐसा समय होता है जब आप पिता बनने की तैयारी कर रहे हैं, तो माता पिता बनने की योजना के बारे अपने पैरेंट्स के साथ चर्चा जरूर करें. अपने अनुभव के जरिये वे आपकी अच्‍छी मदद कर सकते हैं और आपको उनके अनुभवों के जरिये बच्‍चे के पालन पोषण में काफी मदद मिल सकती है. आप बच्‍चे के जन्‍म से लेकर उसको स्‍तनपान कराने और उसकी अन्‍य देखभाल करने जैसी अन्‍य अहम बातों को जान, समझ सकते हैं.



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रूटीन जांच के समय साथ रहें
गर्भावस्था के बारे में जानने के लिए प्रसवपूर्व होने वाली कई तरह की जांच आदि इससे संबंधित जानकारी हासिल करने का अच्‍छा तरीका हो सकता है. इसके जरिये आप अपने बच्चे को अल्ट्रासाउंड के जरिये देखने का अनुभव हासिल कर सकते हैं. वहीं अन्य नियमित जांच भी आपको गर्भावस्था से जुड़ने में मदद कर सकती हैं. ऐसे में इस समय आपके पास अपने मन में उठ रहे सवाल पूछने का अवसर होगा. इस समय आप यह पता करें कि आपका साथी गर्भावस्‍था के समय क्या अनुभव कर रहा है. साथ ही आप अपने बच्चे के विकास के बारे में अधिक जान सकते हैं.

बदल सकती है सेक्स लाइफ
माता-पिता बनने से निश्चित तौर से आपकी सेक्स लाइफ पर असर पड़ सकता है. इस समय आप सेक्‍स से दूर रह कर भी अपने पार्टनर के साथ एक गहरा भावुक रिश्‍ता महसूस कर सकते हैं. वास्तविकता यह है कि गर्भावस्था के बाद सेक्स करने में लंबा समय लग सकता है. बच्‍चे के जन्‍म के बाद आपकी नींद प्रभावित हो सकती है. बच्‍चे को स्‍तनपान कराना, उसका पूरा ध्‍यान रखना और इसके साथ अपने साथी के स्‍वास्‍थ्‍य का ध्‍यान रखना आपके लिए पहली प्राथमिकता होगी. ऐसे में आपका अपने पार्टनर से भावनात्‍मक तौर पर और गहरा जुड़ाव हो सकता है. इसकी वजह यह है कि माता-पिता बनने का साझा अनुभव आपको और करीब ला सकता है.

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जिम्मेदारियों को साझा करें
गर्भावस्था के समय से लेकर बच्‍चे के जन्‍म के बाद तक जिम्‍मेदारियां बढ़ जाती हैं. ऐसे में आपको साझा तौर पर बच्‍चे के लिए अपने फर्ज निभाने चाहिए. ऐसे में अपने नवजात बच्‍चे की देखभाल के तरीकों को जरूर जान लें. अपने बच्‍चे का डायपर बदलें. न केवल दिन के दौरान बल्कि कई बार रात में भी आपको बच्‍चे का डायपर बदलना पड़ सकता है. इसके लिए मानसिक तौर पर खुद को तैयार रखें. अपने बच्‍चे की बेहतर नींद और पिता का एहसास देने के लिए उसको लोरी सुना सकते हैं. इससे बच्‍चे से भावनात्‍मक जुड़ाव गहरा होगा.
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