अगर हैं सिंगल पैरेंट्स तो बच्‍चे की परवरिश में काम आएंगे ये टिप्‍स

आपको साथ रिश्‍ता बनाएगा खूबसूरत...
आपको साथ रिश्‍ता बनाएगा खूबसूरत...

वर्क फ्रॉम होम पर हैं तो यह समय सिंगल पैरेंट्स (Single Parent) के लिए सुनहरा मौका है कि वे अपने बच्‍चे के साथ ज्‍यादा समय बिता सकते हैं, उनके साथ अच्‍छी बॉन्डिंग (Good Bonding with the Child) कर सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 12, 2020, 6:51 PM IST
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आज की भाग दौड़ भरी शहरी जिंदगी (Life) में लोगों के पास समय नहीं है. न खुद के लिए और न ही अपने परिवार (Family) के लिए. ऐसे बहुत से कामकाजी सिंगल पैरेंट्स (Single Parent) हैं, जो माता-पिता बनने के बाद अपने बच्‍चे के प्रति अपनी जिम्‍मेदारियों को निभाते हैं, मगर कई बार चाहने के बावजूद अपने बच्‍चे के साथ उतना वक्‍त नहीं बिता पाते जिसकी जरूरत होती है. यह बात किसी एक घर की नहीं है. ऐसे बहुत से लोग हैं जो इन दिक्‍कतों का सामना करते हैं. हालांकि आपको यह समझना होगा कि समय की कमी के बावजूद आप अपने बच्‍चे को किस तरह संभालते हैं, यह ज्यादा मायने रखता है. ऐसे में आपको अपने समय के मुताबिक अपने बच्‍चे की जरूरतों को समझना होगा.

आज के कोरोना के दौर में हमारे जीवन में कई बदलाव आए हैं. घर पर रह कर वर्क फ्रॉम होम करना भी इन्‍हीं बदलावों में से एक है. ऐसे में यह सिंगल पैरेंट्स के लिए सुनहरा मौका है कि वे अपने बच्‍चे के साथ ज्‍यादा समय बिता सकते हैं. मगर कुछ अहम बातें समझनी होंगी.

डांटें मगर प्‍यार का स्‍पर्श दें- आप इस बात का ध्‍यान रखें कि आप जब किसी शरारत पर अपने बच्चे को डांटें तो उसकी किसी अच्‍छी आदत या काम पर उसे प्यार भी दें और उसकी प्रशंसा भी करें. आपका यह व्‍यवहार बच्‍चे की मानसिक स्थिति पर अच्‍छा असर डालेगा.



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दें अपनेपन का एहसास- आपके पास भले ही समय की कमी हो, मगर अपने बच्‍चे के लिए आपको एक समय निर्धारित करना होगा, ताकि दिन का कोई समय उसके लिए हो. उसे इस बात का पूरा एहसास होना चाहिए कि आपके लिए वह कितना अहम है. वह आपके लिए बहुत मायने रखता है. इसलिए जिस समय उसके पास हों, आप अपने फोन, काम से दूर ही रहें. सिर्फ उससे और उसकी बात करें.

आपसे सीखते हैं बच्‍चे- बच्‍चे अपने बड़ों से सीखते हैं. खासकर अपने पैरेंट्स से. इसलिए अपनी दिनचर्या ऐसी बनाएं कि आपका बच्‍चा आपको जो भी करते देखे उसे जीवन में उतारे. जैसे आप अगर रोज व्‍यायाम करते हैं, तो बच्‍चे में भी यह आदत आएगी और सेहत के लिए यह आदत बहुत जरूरी है. आपके रूटीन से वह काफी कुछ सीखेगा.

प्‍यारा है आपका साथ- अपने बच्‍चे को कभी भी अकेलेपन का एहसास न होने दें. उसे समझाएं कि आप उसके साथ हैं. हर हाल में, हर कदम पर. इसके लिए हमेशा उनसे उनकी पसंदीदा किताब के बारे में बात कर सकते हैं. हाल में उसने जो फिल्म देखी हो, उस फिल्‍म के बारे में पूछ सकते हैं या फिर उसके पसंदीदा खेल को बातचीत का विषय बना सकते हैं.

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बनें बच्‍चे के दोस्‍त- उससे उसके दोस्‍तों की बात करें. उनके बारे में जानकारी लें. इससे बच्‍चे को लगेगा कि आप उसमें रुचि ले रहे हैं. आपको उसका पूरा ख्‍याल है. आपके पास भले ही समय कम हो, मगर जितना वक्‍त भी बिताएं वह पूरा आपके बच्‍चे का ही होना चाहिए.
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