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बातचीत करने में शर्माता है आपका बच्चा? ऐसे दूर करें शाईनेस

शर्मीले बच्चों को फ्रैंक बनाने के टिप्स जानें  (तस्वीर साभार: pexels/Andrea Piacquadio)
शर्मीले बच्चों को फ्रैंक बनाने के टिप्स जानें (तस्वीर साभार: pexels/Andrea Piacquadio)

शर्मीले बच्चे (Shy Children) मेहमानों के सामने कुछ भी बोलने से कतराते हैं. अगर आपका बच्चा भी शर्मीला है तो उनके इस शर्मीलेपन को दूर करने के लिए इन टिप्स को अपनाएं...

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 27, 2020, 7:40 AM IST
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कुछ बच्चे (Children) बचपन से शरारती (Naughty) और बातूनी होते हैं तो कुछ सुस्त और शर्मीले (Shy) स्वभाव के होते हैं. जब घर कोई मेहमान आता है तो दोनों तरह के बच्चों की अलग-अलग एक्टविटिज (Activities) होती है. बात करें शर्मीले बच्चों (Shy Children) की तो यह मेहमानों के सामने कुछ भी बोलने से कतराते हैं. कई बार तो ऐसे बच्चों के इस शर्मीलेपन के कारण कई पेरेंट्स मेहमानों के सामने काफी झेंपा हुआ भी महसूस करते हैं. अगर आपका बच्चा भी शर्मिला है तो उनके इस शर्मीलेपन को दूर करने के लिए इन टिप्स को अपनाएं.

विश्वास दिलाएं
शाई बच्चों के मन में यह विश्वास कायम करें कि वह अन्य बच्चों की तरह सामान्य हैं और उनमें किसी तरह की कमी नहीं है. ऐसे बच्चों को रंग-भेद और बॉडी को लेकर नीचा ना दिखाएं.
शर्मीला कहने से बचें
अगर आपका बच्चा शर्मीला है और आप भी उसे मेहमानों के सामने शर्मीला कहते हैं तो आप गलती कर रहे हैं. अपने बच्चें को शाई कहने से बचें, क्योंकि ऐसे में वह खुद को नेगेटिव जज करेगा.



ज्यादा बातचीत करें
शर्मीले बच्चे बात करने के भी कच्चे और इमोशनल ज्यादा होते हैं. उनसे ज्यादा से ज्यादा बात करने की कोशिश करें. जिनसे उनमें अन्य लोगों से भी बात करने का कॉन्फिडेंस जागेगा.

टीचर्स से बात करें
स्कूल में दाखिला होने के बाद एक बार टीचर्स से अपने बच्चे के शाई नेचर के बारे में जरुर बताएं. ताकि टीचर आपके शर्मिले बच्चे को चुप रहने पर अपमानित करने की बजाय उसे अलग तरह से समझाने की कोशिश करे.

डराए नहीं
ज्यादातर पैरेंट्स अपने शाई बच्चों को एक्टिव करने के लिए डराने का सहारा लेते हैं. वे बच्चों को काम न करने और भी कई बातों के लिए मारने-पीटने की सजा की बात से डराते हैं जो गलत है.

उनकी बात कों तवज्जो दें
अगर आपका शर्मीला बच्चा आपसे बात करता है तो उसकी बात को ध्यान से सुन उनको रिस्पॉन्स जरूर करें. इससे बच्चें में बात करने की और इच्छा जागेगी.

प्रैक्टिस कराएं
अगर आप किसी मेहमान के घर या बर्थडे जैसी छोटी पार्टी में जा रहे हैं तो बच्चे को कुछ बोलने की प्रैक्टिस कराएं. उसे बड़ों से कैसे नमस्ते और दोस्तों से कैसे हैलो करनी है इसकी प्रैक्टिस कराएं.
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