भू-नमन आसन के जरिए पाचन में लाएं सुधार, इम्यूनिटी भी होगी बेहतर

योग के निरंतर अभ्‍यास से डाइजेशन बेहतर बना रहता है.
योग के निरंतर अभ्‍यास से डाइजेशन बेहतर बना रहता है.

आज कई योगाभ्‍यास (Yoga Practice) बताए गए. इनको नियमित तौर पर करने से जहां हाथों पैरों में मजबूती आती है, वहीं शरीर में खिंचाव आता है और यह लचीला (Flexible Body) बना रहता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 26, 2020, 10:40 AM IST
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आज के लाइव योग सेशन (Live Yoga Session) में हमने छोटे-छोटे कई योगाभ्यासों को सीखा. योग स्‍वास्‍थ्‍य को बेहतर बनाए रखते हैं. वहीं इम्युनिटी को बेहतर बनाए रखने में भी योग की महत्वपूर्ण भूमिका है. इसमें भू-नमन आसन, उदर शक्ति विकास क्रिया और बटर फ्लाई आदि आसन पैरों की मजबूती को बढ़ाते हैं और पाचन बेहतर बनाए रखते हैं. इन आसन के जरिए स्वास्‍थ्‍य (Health) ठीक रहता है और तनाव (Stress) से भी मुक्ति मिलती है. इस लाइव योगा सेशन में कई आसनों के जरिये शरीर को लचीला बनाने और हाथों, पैरों की मजबूती के लिए भी कई योगाभ्‍यास सिखाए गए. योगाभ्‍यास करते समय इस बात का ध्‍यान रखें कि इसे धीरे-धीरे करना चाहिए. व्‍यायाम से पहले ये तीन नियम जरूर ध्‍यान रखें कि अच्‍छा गहरा लंबा श्‍वास लें, गति का पालन करें और
अपनी क्षमता के अनुसार योग करें

उदर शक्ति विकासक क्रिया
उदर शक्ति विकासक क्रिया से पेट से जुड़ी समस्याओं से छुटकारा मिलता है. साथ ही पेट की चर्बी कम होती है. जिन लोगों को पाचन से संबंधित समस्याएं हों वे इस आसन से अपनी पाचन शक्ति बढ़ा सकते हैं. इसके अलावा इसे नियमित तौर पर करने से घुटनों के दर्द से छुटकारा मिलता है. साथ ही कब्ज में भी इस क्रिया से लाभ मिलता है. हालांकि हाई ब्‍लल प्रेशर, हर्निया और गर्भवती महिलाओं को इसका अभ्यास नहीं करना चाहिए.




बटरफ्लाई आसन
बटरफ्लाई आसन बहुत ही एफेक्‍टेड है. इसे तितली आसन भी कहते हैं. महिलाओं के लिए ये आसन विशेष रूप से लाभकारी है. बटरफ्लाई आसन करने के लिए पैरों को सामने की ओर फैलाते हुए बैठ जाएं,रीढ़ की हड्डी सीधी रखें. घुटनो को मोड़ें और दोनों पैरों को श्रोणि की ओर लाएं. दोनों हाथों से अपने दोनों पांव को कस कर पकड़ लें. सहारे के लिए अपने हाथों को पांव के नीचे रख सकते हैं. एड़ी को जननांगों के जितना करीब हो सके लाने का प्रयास करें. लंबी,गहरी सांस लें, सांस छोड़ते हुए घटनों एवं जांघो को जमीन की तरफ दबाव डालें. तितली के पंखों की तरह दोनों पैरों को ऊपर नीचे हिलाना शुरू करें. धीरे धीरे तेज करें. सांसें लें और सांसे छोड़ें. शुरुआत में इसे जितना हो सके उतना ही करें. धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ाएं.

बटरफ्लाई आसन के फायदे
जांघो, एवं घुटनो का अच्छा खिंचाव होने से कूल्हों में लचीलापन बढ़ता है. मासिक धर्म के दौरान होने वाली असुविधा एवं मोनोपॉज के लक्षणों से आराम. गर्भावस्था के दौरान लगातार करने से प्रसव में आसानी.

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भू-नमन आसन
इस आसन में सबसे पहले जमीन पर बैठ जाएं. अपनी क्षमता के मुताबिक अपने पैर फैलाएं. इस दौरान ध्‍यान रखें कि आपके पंजे बिल्कुल सीधे रहें. इसके बाद सांस लेते हुए हाथों को ऊपर की तरफ ले जाएं. अब अपने दोनों हाथों को पैरों की ओर लाते हुए पैरों की अंगुलियों को पकड़ें. इसके बाद अपनी ठोड़ी को जमीन से लगाने का प्रयास करें.

भू-नमन आसन के फायदे
भू नमन आसन को नियमित तौर पर करने से डाइजेशन बेहतर होता है. इसके अलावा इससे पैरों की मांसपेशियां भी मजबूत होती हैं.

अनुलोम विलोम प्राणायाम
सबसे पहले पालथी मार कर सुखासन में बैठें. इसके बाद दाएं अंगूठे से अपनी दाहिनी नासिका पकड़ें और बाई नासिका से सांस अंदर लें लीजिए. अब अनामिका उंगली से बाई नासिका को बंद कर दें. इसके बाद दाहिनी नासिका खोलें और सांस बाहर छोड़ दें. अब दाहिने नासिका से ही सांस अंदर लें और उसी प्रक्रिया को दोहराते हुए बाई नासिका से सांस बाहर छोड़ दें.

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अनुलोम विलोम प्राणायाम के फायदे
फेफड़े मजबूत होते हैं
बदलते मौसम में शरीर जल्दी बीमार नहीं होता.
वजन कम करने में मददगार
पाचन तंत्र को दुरुस्त बनाता है
तनाव या डिप्रेशन को दूर करने के लिए मददगार
गठिया के लिए भी फायदेमंद
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